घर में गमले में बादाम उगाना संभव है, यदि आप सही तकनीकों का पालन करें तो। थोड़ी सी मेहनत और धैर्य से आप अपने किचन गार्डन को न केवल खूबसूरती से सजा सकते हैं, बल्कि ताजा और हेल्दी बादाम भी घर पर ही प्राप्त कर सकते हैं।

घर के किचन गार्डन में भी आप आसानी से बादाम उगा सकते हैं, बस सही तकनीक और थोड़ी देखभाल की जरूरत है। यदि आप अपने गार्डन की सुंदरता को बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक बादाम की फसल लगाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही बीज का चयन, उचित माहौल और सावधानीपूर्वक देखभाल से आप अपने घर में ही ताजा बादाम उगा सकते हैं।
बादाम उगाने के लिए सबसे जरूरी है सही बीज का चयन। बाजार में मिलने वाले भुने या नमकीन बादाम से पौधे नहीं उगते, इसलिए कच्चे, अनरोस्टेड और ऑर्गेनिक स्टोर से खरीदे गए छिलके वाले बादाम ही उपयुक्त होते हैं। इन बीजों में अंकुरण की संभावना अधिक होती है।
बीज को अंकुरित करने के लिए उन्हें करीब 12 घंटे पानी में भिगोना जरूरी है। इससे छिलका नरम होकर अंदर के बीज को फूलने में मदद मिलती है। इसके बाद, एक एयरटाइट पाउच में हल्की नमी वाली रेत या टिश्यू के साथ बीज को फ्रिज में लगभग 25-30 दिनों तक रखकर गर्मी से दूर रखना चाहिए। इससे बीज तेजी से अंकुरित होते हैं।
बादाम के पौधे के लिए हल्की, भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का उपयोग करें। इस मिट्टी में गार्डन मिट्टी, रेत और कंपोस्ट या गोबर की खाद मिलाना लाभकारी रहेगा। गमले का आकार भी महत्वपूर्ण है: शुरुआत में छोटे गमले से पौधे की शुरुआत करें, और जब जड़ें गहरी हो जाएं तो बड़े गमले में स्थानांतरित करें।
अंकुरित बीज को जड़ नीचे की ओर रखते हुए लगभग 2 इंच गहरे गड्ढे में लगाएं। हल्के हाथ से मिट्टी से ढक कर पानी का छिड़काव करें। बादाम के पौधे को फल देने में लगभग 3-4 साल का समय लग सकता है, लेकिन सही देखभाल से पौधे मजबूत बनेंगे और फूलों की संख्या भी बढ़ेगी।
सावधानियां और देखभाल के टिप्स
सर्दियों में पानी की मात्रा पर ध्यान दें। जब मिट्टी सूखने लगे, तभी पौधे को पानी दें। पौधे को प्रतिदिन 6-7 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए। बरसात के मौसम में गमले की मिट्टी में पानी जमा न होने दें, अन्यथा जड़ें खराब हो सकती हैं। यदि पत्तियों पर कीट दिखें, तो नीम के तेल का प्राकृतिक स्प्रे करें।