कौन हैं NSUI के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, जानें कहां तक की है पढ़ाई?
राजस्थान की छात्र राजनीति से उभरकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे जाखड़ के लिए यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि एक बड़ी परीक्षा भी है। अब उनके सामने संगठन के राष्ट्रीय कैडर को धार देने, कैंपस में NSUI की मजबूत मौजूदगी बनाने और छात्रों के मुद्दों पर असरदार रणनीति के साथ मैदान में उतरने की चुनौती भी होगी।

Vinod Jakhar : कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) में नेतृत्व परिवर्तन के साथ नया अध्याय शुरू हो गया है। संगठन ने लंबी स्क्रूटनी और इंटरव्यू के बाद विनोद जाखड़ को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। राजस्थान की छात्र राजनीति से उभरकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे जाखड़ के लिए यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि एक बड़ी परीक्षा भी है। अब उनके सामने संगठन के राष्ट्रीय कैडर को धार देने, कैंपस में NSUI की मजबूत मौजूदगी बनाने और छात्रों के मुद्दों पर असरदार रणनीति के साथ मैदान में उतरने की चुनौती भी होगी।
कौन हैं विनोद जाखड़?
विनोद जाखड़ की कहानी राजस्थान के विराटनगर तहसील के मेढ गांव से शुरू होकर जयपुर की गलियों और फिर कैंपस की राजनीति तक पहुंचती है। 7 सितंबर 1994 को जन्मे विनोद एक सामान्य दलित परिवार से आते हैं, पिता मेहनत-मजदूरी (मिस्त्री) करते रहे और मां गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े विनोद जब महज सात साल के थे, तब परिवार रोज़गार की तलाश में जयपुर आ गया। यहां पिता को एक निजी स्कूल में काम मिला और उसी स्कूल ने विनोद के लिए मुफ्त पढ़ाई का रास्ता खोल दिया—यही मौका उनके जीवन का पहला बड़ा मोड़ बना। पढ़ाई में भी उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक समझ को आधार बनाया। विनोद ने पॉलिटिकल साइंस में BA, फिर 2017 में समाजशास्त्र (Sociology) में MA किया। फिलहाल वे राजस्थानी भाषा में MA कर रहे हैं। शिक्षा के साथ-साथ वे छात्र हितों के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहे और NSUI के मंच से संगठनात्मक राजनीति में अपनी पहचान बनाते गए। इसी सक्रियता का असर रहा कि 2014 में वे राजस्थान कॉलेज के अध्यक्ष चुने गए और तभी से उन्हें कैंपस में एक ऊर्जावान, जमीनी और मुद्दों पर लड़ने वाले छात्र नेता के तौर पर देखा जाने लगा।
छात्र राजनीति में लिखा नया अध्याय
2018 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए NSUI से टिकट मांगा, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने पीछे हटने के बजाय निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया—और यहीं से उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। अगस्त 2018 में विनोद जाखड़ राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि वे विश्वविद्यालय के करीब 70 साल के इतिहास में पहले दलित अध्यक्ष बने। इसे उनके राजनीतिक सफर का निर्णायक मोड़ माना जाता है। विनोद जाखड़ की संगठन में भूमिका लगातार बढ़ती रही। फरवरी 2024 में उन्हें NSUI राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा उन्होंने बीते साल नशे के खिलाफ 800 किलोमीटर की साइकिल यात्रा निकालकर अभियान को भी चर्चा में ला दिया। Vinod Jakhar
Vinod Jakhar : कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) में नेतृत्व परिवर्तन के साथ नया अध्याय शुरू हो गया है। संगठन ने लंबी स्क्रूटनी और इंटरव्यू के बाद विनोद जाखड़ को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। राजस्थान की छात्र राजनीति से उभरकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे जाखड़ के लिए यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि एक बड़ी परीक्षा भी है। अब उनके सामने संगठन के राष्ट्रीय कैडर को धार देने, कैंपस में NSUI की मजबूत मौजूदगी बनाने और छात्रों के मुद्दों पर असरदार रणनीति के साथ मैदान में उतरने की चुनौती भी होगी।
कौन हैं विनोद जाखड़?
विनोद जाखड़ की कहानी राजस्थान के विराटनगर तहसील के मेढ गांव से शुरू होकर जयपुर की गलियों और फिर कैंपस की राजनीति तक पहुंचती है। 7 सितंबर 1994 को जन्मे विनोद एक सामान्य दलित परिवार से आते हैं, पिता मेहनत-मजदूरी (मिस्त्री) करते रहे और मां गृहिणी हैं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े विनोद जब महज सात साल के थे, तब परिवार रोज़गार की तलाश में जयपुर आ गया। यहां पिता को एक निजी स्कूल में काम मिला और उसी स्कूल ने विनोद के लिए मुफ्त पढ़ाई का रास्ता खोल दिया—यही मौका उनके जीवन का पहला बड़ा मोड़ बना। पढ़ाई में भी उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक समझ को आधार बनाया। विनोद ने पॉलिटिकल साइंस में BA, फिर 2017 में समाजशास्त्र (Sociology) में MA किया। फिलहाल वे राजस्थानी भाषा में MA कर रहे हैं। शिक्षा के साथ-साथ वे छात्र हितों के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहे और NSUI के मंच से संगठनात्मक राजनीति में अपनी पहचान बनाते गए। इसी सक्रियता का असर रहा कि 2014 में वे राजस्थान कॉलेज के अध्यक्ष चुने गए और तभी से उन्हें कैंपस में एक ऊर्जावान, जमीनी और मुद्दों पर लड़ने वाले छात्र नेता के तौर पर देखा जाने लगा।
छात्र राजनीति में लिखा नया अध्याय
2018 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए NSUI से टिकट मांगा, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने पीछे हटने के बजाय निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया—और यहीं से उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा। अगस्त 2018 में विनोद जाखड़ राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि वे विश्वविद्यालय के करीब 70 साल के इतिहास में पहले दलित अध्यक्ष बने। इसे उनके राजनीतिक सफर का निर्णायक मोड़ माना जाता है। विनोद जाखड़ की संगठन में भूमिका लगातार बढ़ती रही। फरवरी 2024 में उन्हें NSUI राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा उन्होंने बीते साल नशे के खिलाफ 800 किलोमीटर की साइकिल यात्रा निकालकर अभियान को भी चर्चा में ला दिया। Vinod Jakhar












