इन नियमों का सीधा असर टिकट बुकिंग, तत्काल व्यवस्था, वेटिंग टिकट, लगेज और पहचान पत्र से जुड़ी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। अगर आप ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बदलावों को जानना बेहद जरूरी है।

New Rules of Railways : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा, पारदर्शिता और टिकटों में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए साल 2025 में कई अहम बदलाव लागू किए हैं। इन नियमों का सीधा असर टिकट बुकिंग, तत्काल व्यवस्था, वेटिंग टिकट, लगेज और पहचान पत्र से जुड़ी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। अगर आप ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बदलावों को जानना बेहद जरूरी है।
अब तत्काल टिकट बुक करने के लिए आईआरसीटीसी अकाउंट का आधार से सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। जिन यात्रियों का अकाउंट आधार से लिंक नहीं होगा, वे तत्काल टिकट की सुविधा का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
आम यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए रेलवे ने एजेंट बुकिंग पर शुरुआती समय में रोक लगा दी है।
* एसी क्लास की तत्काल बुकिंग में एजेंट सुबह 10:30 बजे के बाद ही बुकिंग कर सकेंगे।
* नन-एसी क्लास में 11:30 बजे के बाद टिकट बुक कर सकेंगे। इससे पहले 30 मिनट तक केवल आम यात्री ही टिकट बुक कर पाएंगे।
रेलवे ने साफ कर दिया है कि केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही रिजर्व कोच में यात्रा कर सकते हैं। वेटिंग टिकट पर यात्रा करने वालों के खिलाफ जुर्माना या ट्रेन से उतारने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
अब ट्रेन के प्रस्थान से कम से कम 10 घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार कर दिया जाएगा। इससे वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को पहले ही यह जानकारी मिल जाएगी कि उनका टिकट कंफर्म हुआ है या नहीं।
रेलवे ने कोच के अनुसार लगेज लिमिट तय कर दी है:
* फर्स्ट एसी 70 किलो
* सेकंड एसी 50 किलो
* थर्ड एसी / स्लीपर: 40 किलो
* जनरल कोच 30 किलो
निर्धारित सीमा से अधिक सामान पर अतिरिक्त शुल्क या कार्रवाई हो सकती है।
4 फरवरी 2026 से कुछ विशेष रूट्स पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होगा। खासकर अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों (नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े रूट्स) में आईडी होने पर यात्री को बिना टिकट माना जाएगा।
अब एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (60 दिन पहले) में टिकट बुक करने के लिए भी आईआरसीटीसी अकाउंट का आधार से लिंक होना जरूरी होगा। बिना आधार लिंक अकाउंट से टिकट बुकिंग एक दिन देरी से शुरू होगी।
अगर कोई यात्री अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में सवार नहीं होता है, तो उसकी कंफर्म सीट आरएसी या वेटिंग टिकट यात्रियों को अलॉट कर दी जाएगी। अब टीटीई अगले स्टेशन तक इंतजार नहीं करेगा।
रेलवे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि:
* पेंट्री कार और अधिकृत फूड वेंडर ही ट्रेन में खाना बेच सकते हैं
* यात्री अपने घर से बना खाना साथ ले जा सकते हैं
नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले:
* आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट
* या रेलवे हेल्पलाइन 139 से जानकारी जरूर जांच लें।