महाराष्ट्र में सियासी तूफान, मुस्लिम आरक्षण खत्म, AIMIM का तीखा विरोध

महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2014 में लाए गए अध्यादेश के तहत मुस्लिम समुदाय को दी गई विशेष पिछड़ा वर्ग-ए (SBC-A) की स्थिति और 5% आरक्षण अब प्रभावी नहीं रहेगा।

Maharashtra Government
महाराष्ट्र सरकार ने रद्द किया विशेष आरक्षण (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar18 Feb 2026 10:41 AM
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Fadnavis Government : महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों गर्माहट बढ़ती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-शिवसेना गठबंधन की फडणवीस सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5% आरक्षण को खत्म करने का निर्णय लिया है, जिसने विपक्षी दलों और मुस्लिम समुदाय में हलचल मचा दी है। इस फैसले का विपक्षी दल, खासकर AIMIM ने तीखा विरोध जताते हुए इसे 'रमजान का तोहफा' करार दिया है।

सरकार का बड़ा फैसला

महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2014 में लाए गए अध्यादेश के तहत मुस्लिम समुदाय को दी गई विशेष पिछड़ा वर्ग-ए (SBC-A) की स्थिति और 5% आरक्षण अब प्रभावी नहीं रहेगा। इसके अनुसार, अब कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में इस कोटे के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा और न ही नए जाति या वैधता प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। सरकार ने पहले से जारी सभी संबंधित आदेशों और परिपत्रों को भी निरस्त कर दिया है। इससे मुस्लिम युवाओं के भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।

AIMIM का तंज: 'रमजान का तोहफा'

AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक इम्तियाज जलील ने सोशल मीडिया पर सरकार के इस फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा, "महाराष्ट्र सरकार ने मुसलमानों को रमजान का एक तोहफा दिया है। 5% आरक्षण को खत्म कर दिया गया है।" जलील ने आरोप लगाया कि यह निर्णय उस समय लिया गया है जब हाई कोर्ट ने खुद मुस्लिम समुदाय में पढ़ाई छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) सबसे अधिक होने का संकेत दिया था। उन्होंने कहा, "यह फैसला न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा झटका है, बल्कि मुस्लिम युवाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास है।"

क्या है पूरा मामला?

यह मामला वर्ष 2014 का है, जब तत्कालीन कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सरकार ने मुस्लिम समुदाय को विशेष पिछड़ा वर्ग घोषित कर 5% आरक्षण देने के लिए अध्यादेश जारी किया था। हालांकि, इसे मुंबई हाई कोर्ट में चुनौती दी गई और 14 नवंबर 2014 को कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। संविधान के अनुसार, अध्यादेश को सत्र के दौरान विधायिका में कानून का रूप देना आवश्यक है। चूंकि यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और अध्यादेश 23 दिसंबर 2014 तक कानून में परिवर्तित नहीं हुआ, इसलिए वह स्वतः ही निरस्त हो गया। वर्तमान सरकार ने इन आदेशों को औपचारिक रूप से रद्द कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

छात्रों और अल्पसंख्यक संस्थानों पर प्रभाव

सरकार के इस निर्णय से मुस्लिम छात्रों के लिए बड़ा झटका लगा है, जो इस कोटे का लाभ लेकर प्रवेश की उम्मीद कर रहे थे। इससे उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। साथ ही, सरकार ने हाल ही में 75 अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को उनके दर्जे से भी हटा दिया है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय के बीच नाराजगी बढ़ रही है। इन दोनों कदमों ने राज्य की राजनीति में नई गर्माहट ला दी है और विपक्षी दलों, विशेषकर AIMIM और कांग्रेस-एनसीपी ने सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।

राजनीतिकी हलचल और आने वाले कदम

महाराष्ट्र में इस फैसले के बाद राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रिया तेज हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की संभावना बढ़ सकती है, क्योंकि मुस्लिम समुदाय और उनके समर्थक इस निर्णय को अपने अधिकारों का उल्लंघन मान रहे हैं। फिलहाल, यह मामला राज्य की राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ है, जिसमें सरकार की आगामी रणनीतियों पर सभी की निगाहें टिकी हैं।Fadnavis Government

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घंटों तक यूट्यूब बंद, भारत-अमेरिका समेत कई देशों में दिक्कतें

तकनीकी गड़बड़ी को देखते हुए यूट्यूब की टीम ने मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट किया। कंपनी ने कहा, "अगर आपको अभी YouTube एक्सेस करने में दिक्कत आ रही है, तो आप अकेले नहीं हैं।

YouTubeDown
यूजर्स की सुबह परेशान करने वाला यूट्यूब (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar18 Feb 2026 09:28 AM
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YouTube Down: दुनिया के सबसे बड़े वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब (YouTube) ने बुधवार (18 फरवरी) को दुनियाभर के यूजर्स को परेशान कर दिया। तकनीकी गड़बड़ी के चलते कई घंटों तक प्लेटफॉर्म की सर्विसेज ठप रहीं, जिससे लाखों-करोड़ों यूजर्स को वीडियो एक्सेस करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, कंपनी ने तुरंत कदम उठाते हुए समस्या को हल कर दिया है और अभी सेवाएं पूरी तरह से बहाल हैं।

क्या थी समस्या?

बुधवार की सुबह अचानक यूट्यूब की सर्विस डाउन हो गई, जिससे यूजर्स अपने पसंदीदा वीडियो को एक्सेस नहीं कर पा रहे थे। परेशानी का सामना यूजर्स को न केवल ऐप पर बल्कि वेबसाइट पर भी करना पड़ा। यूट्यूब खोलने पर होमपेज पर 'Error Message' आने लगा और स्क्रीन पर 'Something went wrong' का मैसेज दिखाई दे रहा था। इस अनिश्चित तकनीकी खराबी ने लोगों की सुबह की शुरुआत परेशानी से करवा दी।

सोशल मीडिया पर उबला हुआ क्रोध

जैसे ही यूट्यूब डाउन हुआ, परेशान यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लोगों ने शिकायतों की बाढ़ सी आ गई। कुछ ही देर में #YouTubeDown टॉप ट्रेंडिंग पर पहुंच गया और यूजर्स ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए तस्वीरें और मीम्स शेयर किए।

YouTube ने दिया था भरोसा

तकनीकी गड़बड़ी को देखते हुए यूट्यूब की टीम ने मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट किया। कंपनी ने कहा, "अगर आपको अभी YouTube एक्सेस करने में दिक्कत आ रही है, तो आप अकेले नहीं हैं। हमारी टीम इस पर काम कर रही है और अपडेट के साथ आपको फॉलो अप देगी।" कंपनी की टीम ने जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया।

DownDetector के आंकड़ों ने किया खुलासा

वेबसाइट मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म DownDetector के अनुसार, यह आउटेज सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक वैश्विक समस्या थी।

  • अमेरिका (US): यहां लगभग 2,83,490 लोगों ने डाउन डिटेक्टर पर शिकायत दर्ज कराई।
  • भारत (India): यहां भी 18,000 से ज्यादा लोगों ने सर्विस ठप होने की शिकायत की।

भारत में किन लोगों को ज्यादा परेशानी हुई?

DownDetector के आंकड़ों से पता चला कि भारत में इस तकनीकी खराबी का असर अलग-अलग तरह से दिखा:

  • 74 फीसदी लोगों को यूट्यूब ऐप (App) चलाने में दिक्कत हुई।
  • 16 फीसदी यूजर्स को वीडियो स्ट्रीमिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा।
  • वहीं, 10 फीसदी लोगों को यूट्यूब की वेबसाइट खोलने में दिक्कत आई।

अभी यूट्यूब की सर्विस पूरी तरह से ठीक हो चुकी है और यूजर्स बिना किसी रुकावट के वीडियो स्ट्रीमिंग का आनंद ले रहे हैं। YouTube Down

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कर्ज विवाद में राजपाल यादव को मिली अंतरिम जमानत

करीब 12 दिन तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कुछ शर्तों के साथ राहत प्रदान की। तिहाड़ जैसे जेल में दुर्दांत कैदियों के साथ रहने के दौरान कुछ बड़ी फिल्मी हस्तियों ने उनकी रिहाई को लेकर मदद किया।

rajpal
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Feb 2026 06:06 PM
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Bollywood News : बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को कर्ज से जुड़े एक मामले में अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई है। करीब 12 दिन तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कुछ शर्तों के साथ राहत प्रदान की। तिहाड़ जैसे जेल में दुर्दांत कैदियों के साथ रहने के दौरान कुछ बड़ी फिल्मी हस्तियों ने उनकी रिहाई को लेकर मदद किया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला एक वित्तीय लेन-देन और चेक बाउंस विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि निर्धारित समय पर भुगतान न होने के कारण मामला अदालत तक पहुंचा। पहले भी इस प्रकरण में कानूनी कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। हालांकि, बाद में उनके वकीलों ने अदालत में जमानत की अपील की, जिस पर सुनवाई के बाद उन्हें अस्थायी राहत मिल गई।

अदालत की शर्तें और आगे की प्रक्रिया

जमानत देते समय अदालत ने कुछ शर्तें तय की हैं, जिनका पालन करना अभिनेता के लिए अनिवार्य होगा। उन्हें निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश होना होगा और मामले की सुनवाई में सहयोग करना होगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह राहत स्थायी नहीं बल्कि अंतरिम है। मामले की अगली सुनवाई में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। रिहाई के बाद उनके परिवार और करीबी लोगों में खुशी का माहौल है। बताया जा रहा है कि जेल से बाहर आते ही उन्होंने अपने परिवार से मुलाकात की। उनके प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर राहत और समर्थन व्यक्त किया।

करियर पर क्या पड़ेगा असर?

राजपाल यादव लंबे समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, इस कानूनी विवाद ने उनके करियर पर अस्थायी प्रभाव डाला है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका उनके पेशेवर जीवन पर क्या असर पड़ता है। अगर वे जल्द से जल्द पैसा वापस देकर मामला हल नहीं करते हैं तो आगे उन्हें और दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।



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