यह दिन सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह की अद्वितीय शहादत को समर्पित है। साहिबजादों के बलिदान को चिरस्मरणीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar 2025 : प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के तहत देश की असाधारण प्रतिभाओं को एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला है। द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में देश के 20 होनहार बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाजा। इन प्रतिभाशाली बच्चों में बिहार के उभरते क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल रहे, जिन्होंने कम उम्र में अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश का नाम रोशन किया है। यह सम्मान हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है। यह दिन सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह की अद्वितीय शहादत को समर्पित है। साहिबजादों के बलिदान को चिरस्मरणीय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
इस साल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की सूची देश की 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए बच्चों की उपलब्धियों से चमक उठी। खेल के मैदान से लेकर कला के मंच, नवाचार की लैब, समाज सेवा की जमीन और विज्ञान की सोच तक इन बच्चों ने हर क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई। खास बात यह रही कि इन होनहारों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं सम्मानित कर उनकी मेहनत को राष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई दी।
यह पुरस्कार सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि बच्चों की मेहनत और सपनों को मिला देश का भरोसा है। 1996 से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के तहत हर चयनित बच्चे को मेडल, सर्टिफिकेट और ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। साथ ही, उन्हें गणतंत्र दिवस परेड में खास मेहमान के रूप में जगह मिलती है, जहाँ राष्ट्र उनके जज़्बे और उपलब्धियों का उत्सव मनाता है।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए पात्रता की कुछ स्पष्ट शर्तें तय हैं। आवेदन करने वाले बच्चे की उम्र 5 से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसका भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। साथ ही, बच्चे ने किसी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल की हो या कोई ऐसा प्रेरणादायी काम किया हो, जो समाज के लिए मिसाल बने। खास बात यह है कि 2018 से इस सम्मान में बहादुरी दिखाने वाले बच्चों को भी प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।
इस पुरस्कार की खासियत यही है कि यह केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। जो बच्चा मंच पर सुर बिखेरता है, जो जोखिम में भी साहस दिखाता है, जो नई सोच से समाधान निकालता है और समाज सेवा में मिसाल बनता है उस हर प्रतिभा को यहां सम्मान मिलता है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 7 श्रेणियों कला-संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, शिक्षा, सामाजिक सेवा, खेल और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में दिया जाता है।
पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सम्मान पाने वाले सभी बच्चों ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज और देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बच्चों के माता-पिता को भी इस सफलता के लिए बधाई दी और महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar 2025