नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किये गये सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा बुधवार दोपहर बाद सिर झुकाकर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट परिसर पहुंचा। ईडी ने उसे यहां पीएमएलए अदालत में पेश किया।
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पूछताछ के बाद ईडी ने लिया गिरफ्तार करने का फैसला
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कंस्ट्रक्शन कंपनी सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। एक अधिकारी ने बताया कि अरोड़ा को तीन दिन पहले पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उनसे पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के बाद मंगलवार शाम को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
ईडी ने जब्त की थी 40.39 करोड़ रुपये की संपत्ति
11 अप्रैल को ईडी ने सुपरटेक और उसके निदेशकों की 40.39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इसमें उत्तराखंड में 25 अचल संपत्तियां और उत्तर प्रदेश के मेरठ में मॉल शामिल हैं। ईडी ने दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस और यूपी पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत सुपरटेक ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य के खिलाफ जांच शुरू की थी।
गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों का बकाया है 26 हजार करोड़
सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा रियल एस्टेट की दुनिया का बेताज बादशाह था। लेकिन, जब उसके सितारे गर्दिश में आए तो यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में उसके खिलाफ लगभग 200 मामले दर्ज हो गए। इतना ही नहीं, जिस गौतमबुद्ध नगर जिले में सुपरटेक का मुख्यालय है, वहां के तीनों प्राधिकरणों का उस पर 26 हजार करोड़ रुपये का बकाया है। मई के महीने में बकाये रकम की वसूली के लिए आरके अरोड़ा के खिलाफ आरसी जारी हुई थी। उसे दादरी तहसील के हवालात में बंद कर दिया गया। लेकिन, निर्धारित रकम जमा कर वह बाहर आ गया था।
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