नोएडा के सेक्टर-15 में रहने वाले एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को 500 रुपये के ओवरस्पीडिंग चालान का मैसेज भेजा गया , लेकिन लिंक खोलते ही उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.96 लाख रुपये की रकम कट गई।

Noida News : नोएडा में साइबर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। नोएडा में साइबर ठगों ने एक बार फिर सरकारी चालान का डर दिखाकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। नोएडा के सेक्टर-15 में रहने वाले एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को 500 रुपये के ओवरस्पीडिंग चालान का मैसेज भेजा गया , लेकिन लिंक खोलते ही उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.96 लाख रुपये की रकम कट गई। यह ठगी व्हाट्सऐप पर भेजी गई फर्जी APK फाइल के जरिए की गई, जिसे चालान की प्रति बताकर डाउनलोड कराने की कोशिश की गई थी।
पीड़ित अधिकारी के मोबाइल पर व्हाट्सऐप संदेश आया, जिसमें लिखा था कि उनका ओवरस्पीडिंग चालान कट गया है और 500 रुपये का जुर्माना ऑनलाइन जमा करना है। मैसेज में चालान जैसा लेआउट, लिंक और एक APK फाइल थी। संदेश देखने में इतना ऑफिशियल लगा कि अधिकारी को शक नहीं हुआ और उन्होंने भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी। जैसे ही लिंक खोला गया, भुगतान के नाम पर कार्ड डिटेल मांगी गई। अधिकारी ने अपने अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड की जानकारी और ऑनलाइन पासवर्ड दर्ज किया। इसके बाद स्क्रीन अचानक बंद हो गई। शुरुआत में उन्हें लगा कि तकनीकी दिक्कत हुई है, लेकिन कुछ ही मिनटों में उनके फोन पर अलर्ट आया क्रेडिट कार्ड से 1.96 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हो चुका है। तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार बन गए हैं।
ठगी का पता चलते ही अधिकारी ने तुरंत कस्टमर केयर को कॉल कर क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया। साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज की और नोएडा के साइबर थाने में भी सूचना दी। हालांकि त्वरित कार्रवाई के बावजूद रकम वापस नहीं मिल सकी। कार्ड जारी करने वाली कंपनी की ओर से यह कहकर धनवापसी से इनकार कर दिया गया कि ट्रांजैक्शन “ग्राहक की सहमति” से हुआ है, इसलिए इसे फ्रॉड की श्रेणी में नहीं माना जा सकता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा साइबर सेल ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि APK फाइल के जरिए ठगों ने मोबाइल तक पहुंच बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल की और उसी के आधार पर बड़े ट्रांजैक्शन कर दिए। Noida News