नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में आकर बस गए हैं 21 हजार विदेशी मेहमान

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में आकर बसे विदेशी खास प्रकार के विदेशी मेहमानों को देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी रोज पहुंच रहे हैं। असल में विदेशों से आकर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में बसने वाले मेहमान इतने खास हैं कि वे हर किसी को अपनी तरफ लुभा रहे हैं।

नोएडा के ओखला पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी
नोएडा के ओखला पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 02:14 PM
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Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा शहर में 21 हजार से अधिक विदेशी मेहमान आकर बस गए हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में आकर बसने वाले विदेशी मेहमान कोई साधारण मेहमान नहीं हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में आकर बसने वाले 21 हजार विदेशी मेहमान बहुत ही खास मेहमान हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में आकर बसे विदेशी खास प्रकार के विदेशी मेहमानों को देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी रोज पहुंच रहे हैं। असल में विदेशों से आकर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में बसने वाले मेहमान इतने खास हैं कि वे हर किसी को अपनी तरफ लुभा रहे हैं।

उत्तर अमेरिका तथा यूरोप से आए हैं नोएडा में खास मेहमान 

आपको बता दें कि नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में आकर बसने वाले खास मेहमान इंसान नहीं बल्कि पक्षी हैं। नोएडा में स्थित ओखला पक्षी विहार तथा ग्रेटर नोएडा में स्थित सूरजपुर वेटलैंड में उत्तरी अमेरिका तथा यूरोप से 21 हजार से भी अधिक विदेशी पक्षी आए हुए हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में स्थित ओखला पक्षी विहार तथा सूरजपुर वेटलैंड में आए हुए विदेशी परिंदों के ऊपर वरिष्ठ पत्रकार नवीन कुमार ने समाचार लिखा है। नवीन कुमार ने अपने समाचार में विदेशी परिन्दों के आने का पूरा विवरण दिया है।

अनेक प्रजातियों के विदेशी पक्षी आए हैं नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में

नवीन कुमार के समाचार में बताया गया है कि इन दिनों नोएडा के ओखला पक्षी विहार तथा ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर वेटलैंड गुलजार है। पक्षियों की चहचहाहट काफी बढ़ गई है। दोनों जगह पर 21000 से ज्यादा प्रवासी पक्षी हैं। एक संस्था ने इनकी गिनती की है। इनमें सबसे अधिक उत्तरी अमेरिका व यूरोप से नॉर्दर्न शॉवलर और गैडवाल पक्षी हैं जो पर्यटकों को लुभा रहे हैं। हालांकि पिछले साल से यह संख्या कम है। ओखला पक्षी विहार और सूरजपुर वेटलैंड में भारतीय पक्षियों की संख्या भी करीब 20 हजार होने का अनुमान है। पिछले सप्ताह एशियन वाटर बर्ड काउंट संस्था ने ओखला पक्षी विहार और सूरजपुर वेटलैंड में प्रवासी पक्षियों की गिनती की थी। संस्था में काम करने वाले ज्यादातर इंटरनेशनल बर्ड वाचर हैं। ओखला में 5 टीमों में 30 वालंटियर ने गिनती की और सूरजपुर वेटलैंड में 15 वालंटियर की दो टीमों ने गिनती की।

ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर वेटलैंड में 83 प्रजातियों के पक्षी

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में स्थित सूरजपुर वेटलैंड में 83 प्रजातियों के 6000 से अधिक प्रवासी पक्षी मौजूद हैं। जो यूरोप, उत्तरी एशिया, उत्तरी अमेरिका समेत अन्य देशों से पहुंचे हैं। यहां भी सबसे अधिक संख्या में नॉर्दर्न शॉवलर पक्षी मौजूद यूजरपुर हैं। नॉर्दर्न शॉवलर की वेटलैंड संख्या 1230 है। कॉमन पोचार्ड की संख्या 1071 है। हालांकि, सूरजपुर वेटलैंड में इस समय 10 हजार से अधिक पक्षी मौजूद हैं। इनमें बाकी पक्षी भारतीय हैं। वो भी सर्दी के समय आसपास के क्षेत्र और शहरों से यहां पहुंचते हैं।

नोएडा के ओखला पक्षी विहार में मौजूद हैं 101 प्रजातियों के पक्षी

नोएडा में ओखला पक्षी विहार में प्रवासी पक्षियों की 101 प्रजातियां मिलीं। इन प्रजातियों के 15,500 से अधिक पक्षी मिले हैं। यहां पर डक एंड कूट्स 9000, गुल्स (समुंद्री पक्षी) 1275, बार्न स्वैलो 1650 और रिवर लैपविंग 35 शामिल हैं। सबसे अधिक नॉर्दर्न शॉवलर की संख्या है। ओखला में 2982 नॉर्दर्न शॉवलर मौजूद हैं जबकि गैडवाल की संख्यां 2701 हैं। दोनों पक्षी उत्तरी अमेरिका व यूरोपीय देशों से यहां पर आते हैं। Noida News

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नोएडा में अवैध निर्माण पर शिकंजा, प्राधिकरण की शिकायत पर FIR दर्ज

यह शिकायत नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-9 में तैनात अवर अभियंता हरेंद्र सिंह मलिक ने दर्ज कराई है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी निर्माण को नियमों का उल्लंघन माना जाता है, इसलिए मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

अवैध निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई
अवैध निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 01:08 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण की अधिसूचित सीमा में नियमों को दरकिनार कर निर्माण का एक मामला सामने आया है। नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर बिना स्वीकृति चल रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर थाना एक्सप्रेसवे में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह शिकायत नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-9 में तैनात अवर अभियंता हरेंद्र सिंह मलिक ने दर्ज कराई है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी निर्माण को नियमों का उल्लंघन माना जाता है, इसलिए मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

अवैध निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण का सख्त रुख

अवर अभियंता की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम बाजिदपुर में खसरा संख्या-197 की भूमि पर रविंद्र (पुत्र स्वर्गीय करम सिंह चौहान), निवासी ग्राम बाजिदपुर द्वारा बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। शिकायत में कहा गया है कि नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी तरह का निर्माण नियमों के खिलाफ है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम-1976 और प्राधिकरण के प्रचलित नियमों/प्रावधानों का हवाला भी दिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण ने पुलिस को दी लिखित शिकायत

नोएडा प्राधिकरण के साइट स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने की कई बार कोशिश की, लेकिन शिकायत के अनुसार संबंधित व्यक्ति द्वारा रुक-रुककर दोबारा निर्माण कराए जाने की बात सामने आई। इसी के बाद प्राधिकरण ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। वहीं, पुलिस ने बताया कि अवर अभियंता की शिकायत के आधार पर थाना एक्सप्रेसवे में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान दस्तावेज, मौके की स्थिति और निर्माण की प्रकृति की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। Noida News

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बड़ी खबर : नोएडा प्राधिकरण से हटाए गए OSD महेंद्र प्रसाद

इसके बाद प्रशासन ने सख्ती और बढ़ाते हुए उन्हें नोएडा प्राधिकरण से भी हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय अटैच कर दिया। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को साफ तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण के OSD महेंद्र प्रसाद
नोएडा प्राधिकरण के OSD महेंद्र प्रसाद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 02:50 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने हलकों में हलचल बढ़ा दी है।मेट्रो कैलेंडर विवाद पर सख्ती दिखाते हुए प्राधिकरण ने लंबे समय से OSD पद पर तैनात महेंद्र प्रसाद को पद से हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय से अटैच कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कैलेंडर में बिना अनुमति तस्वीरें प्रकाशित होने का मामला सामने आने के बाद इसे महज औपचारिक चूक नहीं माना गया, बल्कि सरकारी मर्यादा, अनुशासन और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। 

2026 कैलेंडर विवाद से शुरू हुआ मामला

कुछ दिन पहले नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के वर्ष 2026 के कैलेंडर ने नोएडा की अफसरशाही में हलचल पैदा कर दी थी। आरोप सामने आए कि कैलेंडर में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम की तस्वीर बिना औपचारिक अनुमति प्रकाशित की गई, जबकि उसी प्रकाशन में महेंद्र प्रसाद की तस्वीर को भी प्रमुख स्थान दिया गया। मामला सामने आते ही नोएडा में जवाबदेही तय करने की कवायद तेज हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीईओ लोकेश एम ने तत्काल कदम उठाते हुए महेंद्र प्रसाद को NMRC के कार्यकारी निदेशक पद से हटा दिया। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती और बढ़ाते हुए उन्हें नोएडा प्राधिकरण से भी हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय अटैच कर दिया। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को साफ तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

कैलेंडर ने बढ़ाई मुश्किल

इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा में कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सरकारी कैलेंडरों में परंपरानुसार मुख्यमंत्री की तस्वीर को स्थान दिया जाता है, तो इस बार वह तस्वीर नदारद क्यों रही? और अगर परंपरा से हटकर मुख्यमंत्री की फोटो नहीं लगाई गई, तो फिर अधिकारियों की तस्वीरें इतनी प्रमुखता से किस प्रक्रिया और किस अनुमति के आधार पर छापी गईं? प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल डिजाइन या छपाई की “तकनीकी चूक” नहीं, बल्कि सरकारी शिष्टाचार, संस्थागत मर्यादा, जवाबदेही और अनुमति-प्रक्रिया से जुड़ा संवेदनशील प्रकरण है। सूत्र बताते हैं कि इस मुद्दे पर ऊपरी स्तर पर नाराजगी दर्ज की गई, जिसके बाद महेंद्र प्रसाद को लखनऊ मुख्यालय अटैच करने की कार्रवाई को उसी सख्ती का संकेत माना जा रहा है। Noida News

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