
शर्मिष्ठा का खुलासा[/caption]
वर्ष 2004 में लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। सत्तारूद बीजेपी को अप्रत्याशित रूप से हराने के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद की जा रही थी और उन्हें गठबंधन सहयोगियों का पूरा समर्थन भी प्राप्त था। लेकिन उन्होंने अचानक प्रधानमंत्री नहीं बनने का फैसला किया। इस निर्णय ने उनकी अपनी पार्टी के सहयोगियों और गठबंधन के साथियों सहित पूरे देश को आश्चर्यचकित कर दिया था।