नोएडा में आज से बदला डिलीवरी सिस्टम, अब सिर्फ CNG से ही होगी डिलीवरी

नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल-डीजल से चलने वाले डिलीवरी वाहनों की नोएडा में एंट्री पर सख्ती की जाएगी, जबकि पार्सल/ऑर्डर की डिलीवरी अब केवल इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों से ही कराई जा सकेगी।

नोएडा में ग्रीन डिलीवरी मॉडल की शुरुआत
नोएडा में ग्रीन डिलीवरी मॉडल की शुरुआत
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 10:07 AM
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Noida News : नए साल के पहले ही दिन नोएडा से एक बड़ी खबर सामने आई है। नोएडा शहर से जुड़ी यह बड़ी खबर नोएडा के ई-कॉमर्स और एग्रीगेटर डिलीवरी से जुड़ी है। नए साल की शुरुआत के साथ नोएडा में ई-कॉमर्स डिलीवरी को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। यह फैसला सीधे तौर नोएडा पर शहर की ऑनलाइन डिलीवरी व्यवस्था और सड़कों पर दौड़ने वाले हजारों डिलीवरी वाहनों को प्रभावित करेगा। नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल-डीजल से चलने वाले डिलीवरी वाहनों की नोएडा में एंट्री पर सख्ती की जाएगी, जबकि पार्सल/ऑर्डर की डिलीवरी अब केवल इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों से ही कराई जा सकेगी। प्रशासन का दावा है कि इससे नोएडा की हवा को राहत मिलेगी, ट्रैफिक दबाव घटेगा और शहर को ग्रीन मोबिलिटी हब बनाने की दिशा में कदम तेज होंगे। नियम लागू होते ही ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने डिलीवरी फ्लीट को तेजी से क्लीन फ्यूल मॉडल में बदलना होगा।

1 जनवरी 2026 से नोएडा में नई व्यवस्था

परिवहन विभाग के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से नोएडा में ई-कॉमर्स और एग्रीगेटर डिलीवरी पर बड़ा नियम लागू होने जा रहा है। विभाग ने पेट्रोल-डीजल से चलने वाले दोपहिया और चारपहिया डिलीवरी वाहनों पर रोक की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत नोएडा में ऑनलाइन ऑर्डर चाहे खाना हो, किराना, पार्सल या अन्य डिलीवरी अब सिर्फ EV और CNG वाहनों से ही कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम Commission for Air Quality Management (CAQM) के निर्देशों के आधार पर उठाया जा रहा है, ताकि नोएडा की हवा पर बढ़ते प्रदूषण दबाव को कम किया जा सके और शहर को क्लीन-ग्रीन डिलीवरी मॉडल की ओर तेजी से बढ़ाया जा सके।

क्यों लिया गया फैसला?

अधिकारियों के मुताबिक नोएडा में डिलीवरी वाहनों की बढ़ती तादाद अब शहर के लिए दोहरी चुनौती बन गई थी। खासकर पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का धुआं भीड़भाड़ वाले सेक्टरों, मार्केट बेल्ट और प्रमुख सड़कों पर हालात को और गंभीर बना रहा था। इसी पृष्ठभूमि में नोएडा में ग्रीन डिलीवरी मॉडल लागू करने का फैसला लिया गया है, ताकि ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम ज्यादा क्लीन और कंट्रोल्ड बने और नोएडा की एयर क्वालिटी को बेहतर करने की दिशा में ठोस असर दिखाई दे।

50 हजार से ज्यादा वाहन होंगे प्रभावित

परिवहन विभाग के अनुसार, वर्तमान में नोएडा में ई-कॉमर्स और एग्रीगेटर सेवाओं के लिए 50 हजार से अधिक दोपहिया और करीब 3 हजार चारपहिया पेट्रोल-डीजल वाहन इस्तेमाल हो रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन वाहनों को EV/CNG में कन्वर्ट करना होगा या फिर उन्हें डिलीवरी नेटवर्क से बाहर कर दिया जाएगा। हालांकि विभाग का संकेत है कि नियम एकदम से सख्ती के साथ लागू नहीं होगा, इसके लिए समय सीमा तय की जाएगी ताकि वाहन मालिकों और कंपनियों को बदलाव के लिए मौका मिल सके।

नियम तोड़ा तो चालान से लेकर रजिस्ट्रेशन रद्द तक

परिवहन विभाग ने साफ किया है कि तय समय सीमा के बाद यदि कोई ई-कॉमर्स या एग्रीगेटर कंपनी पेट्रोल-डीजल वाहन से डिलीवरी कराते हुए पकड़ी गई तो चालान, कंपनी पर जुर्माना, और जरूरत पड़ने पर वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए विशेष जांच टीमें भी गठित की जाएंगी, जो नोएडा में डिलीवरी वाहनों की निगरानी करेंगी।

कंपनियों को गाइडलाइन बता दी गई - ARTO

गौतमबुद्ध नगर के एआरटीओ (प्रशासन) नंद कुमार के मुताबिक यह नई व्यवस्था CAQM के आदेश के तहत नोएडा में चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-कॉमर्स और एग्रीगेटर कंपनियों के साथ बैठक कर नई गाइडलाइन पहले ही स्पष्ट कर दी गई है, ताकि डिलीवरी नेटवर्क समय रहते तैयारी कर सके। अब विभाग जल्द ही एक तय समय-सीमा घोषित करेगा और उसके बाद नोएडा में डिलीवरी सिर्फ EV और CNG वाहनों से ही मान्य होगी। अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। Noida News


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नववर्ष से पहले नोएडा में फूड सेफ्टी अलर्ट, 14 नमूने जांच को भेजे

इसके अलावा नॉलेज पार्क-2 में केएफसी से पॉपकॉर्न राइस बॉल (नॉनवेज) का नमूना खाद्य सुरक्षा अधिकारी मालती ने लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र नाथ वर्मा ने टप्पल रोड, जेवर स्थित डोमिनोज से पिज्जा का नमूना और बुंदेला चौक, जेवर से दूध का नमूना लिया।

नववर्ष से पहले नोएडा में फूड सेफ्टी अलर्ट
नववर्ष से पहले नोएडा में फूड सेफ्टी अलर्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar31 Dec 2025 05:20 PM
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Noida News : नववर्ष के मद्देनजर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अचानक निरीक्षण अभियान चलाकर रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स की जांच की। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा के अनुसार, अलग-अलग टीमों ने जिलेभर में प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए कुल 14 संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट आने के बाद मानक के विपरीत पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा के प्रमुख सेक्टरों में भी जांच

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय बहादुर पटेल ने सेक्टर-132 स्थित मैकडॉनल्ड से री-यूज्ड कुकिंग रिफाइंड पाम ऑयल का नमूना और सेक्टर-135 स्थित सबवे से चिकन क्यूब का नमूना लिया। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह ने सेक्टर-74 में केएफसी से कुकिंग राइसब्रान ऑयल तथा पिज्जा हट से सॉस का एक-एक नमूना संग्रहित किया।

ग्रेटर नोएडा और नॉलेज पार्क तक फैला अभियान

ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी मॉल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सय्यद इबादुल्लाह ने डोमिनोज से पिज्जा और इमली रेस्टोरेंट से डोसा का नमूना लिया। नोएडा के सेक्टर-62 में मैकडॉनल्ड से री-यूज्ड कुकिंग पाम ऑयल का नमूना तथा सेक्टर-63 स्थित डोमिनोज से चीज और डो के नमूने खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज ने एकत्र किए। इसके अलावा नॉलेज पार्क-2 में केएफसी से पॉपकॉर्न राइस बॉल (नॉनवेज) का नमूना खाद्य सुरक्षा अधिकारी मालती ने लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र नाथ वर्मा ने टप्पल रोड, जेवर स्थित डोमिनोज से पिज्जा का नमूना और बुंदेला चौक, जेवर से दूध का नमूना लिया। वहीं नोएडा के सेक्टर-18 डीएलएफ मॉल में डोमिनोज से पैपी पनीर पिज्जा का नमूना खाद्य सुरक्षा अधिकारी रितु सक्सेना ने और बीटा-2 ग्रेटर नोएडा में बर्गर किंग से पनीर पैटीज का नमूना खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता ने संग्रहित किया।

नोएडा सेक्टर-121 में कार्रवाई

अभियान के दौरान सेक्टर-121 नोएडा स्थित सबवे में इटेलियन (व्हाइट) डफ ब्रेड स्टिक (42.84 किलोग्राम) पर उपयोग तिथि/एक्सपायरी डेट अंकित न होने का मामला सामने आया। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस.के. पांडेय ने नमूना लेकर शेष सामग्री सीज कर दी। विभाग ने बताया कि संबंधित विनिर्माण इकाई को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

देर रात तक चलेगा अभियान

सहायक आयुक्त के मुताबिक, यह प्रवर्तन अभियान देर रात तक जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में कमियां मिली हैं, उन्हें सुधार नोटिस भी दिए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि नववर्ष पर बढ़ती भीड़ के बीच खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। Noida News

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नए साल के पहले दिन घूम सकते हैं नोएडा के इस पार्क में

नोएडा शहर में घूमने के अनेक स्थान मौजूद हैं फिर भी नोएडा शहर का यह पार्क बच्चों तथा बड़ों के लिए सबसे अनोखा पार्क है। यह गारंटी के साथ कहा जा सकता है कि नोएडा शहर का यह पार्क आपके अनुभव में चार चाँद लगा देगा।

सेक्टर-94 का Jungle Trail Park
नोएडा सेक्टर-94 का Jungle Trail Park
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar31 Dec 2025 04:26 PM
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Noida News : न्यू ईयर पर घूमने का कार्यक्रम बना रहे हैं तो नोएडा शहर में इस अद्भुत पार्क में जरूर धूमने जाएं। नोएडा शहर में स्थापित यह विशेष प्रकारर का पार्क आपके घूमने के अनुभव को रोमांचकारी बना देगा। नोएडा शहर में घूमने के अनेक स्थान मौजूद हैं फिर भी नोएडा शहर का यह पार्क बच्चों तथा बड़ों के लिए सबसे अनोखा पार्क है। यह गारंटी के साथ कहा जा सकता है कि नोएडा शहर का यह पार्क आपके अनुभव में चार चाँद लगा देगा।

नोएडा जंगल ट्रेल (Noida Jungle Trail Park) का यह पार्क है अद्भुत पार्क

यहां नोएडा शहर के जिस पार्क की बात की जा रही है उस पार्क का नाम नोएडा जंगल ट्रेल पार्क (Noida Jungle Trail Park) है। नोएडा शहर का यह नोएडा जंगल ट्रेल पार्क (Noida Jungle Trail Park) नोएडा शहर के सेक्टर-94 में स्थित महामाया फ्लाईओवर के पास से शुरू होकर नोएडा के प्रेरणा स्थल तक फैला हुआ है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यह पहला वेस्ट-टू-वाइल्डलाइफ पार्क है, जिसे पूरी तरह कबाड़ और रिसाइकल्ड चीजों से बनाया गया है। खास बात है कि, यहां बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर किसी के लिए यहां कुछ न कुछ खास देखने को मिलेगा। 

बहुत कुछ खास है नोएडा जंगल ट्रेल पार्क (Noida Jungle Trail Park) में 

18.27 एकड़ में फैला यह नोएडा जंगल ट्रेल पार्क लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से नोएडा प्राधिकरण के द्वारा बनाया गया है। इसे नोएडा प्राधिकरण और Z-टेक के बीच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया गया है। इस पार्क में रिसाइकल्ड चीजों से बने 650 से ज्यादा बड़े-बड़े जानवर हैं, जिन्हें अलग-अलग जोन में रखा गया है। इन्हें बनाने में कबाड़, पुरानी चेन, फ्यूल टैंक, नट-बोल्ट, गियर जैसी 400 टन की रिसाइकल्ड चीजों का इस्तेमाल किया गया है। यहां तक कि पार्क की बेंच और लाइट फिटिंग भी रिसाइकल्ड चीजों से बनाई गई है। Noida News

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