विधवा पेंशन से कटे 63,844 नाम, कहीं लिस्ट में आपका नाम तो नहीं?

दिल्ली विधवा पेंशन योजना 2026 में 63,844 महिलाओं के नाम कटे। जानिए वजह, पात्रता, दोबारा शादी और डुप्लीकेट पेंशन के मामलों के बारे में। अपनी पेंशन स्टेटस कैसे चेक करें और सरकारी वेरिफिकेशन प्रक्रिया की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

Delhi Giovernment
दिल्ली विधवा पेंशन योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar17 Jan 2026 09:23 AM
bookmark

दिल्ली सरकार की महिला समृद्धि योजना लंबे समय से विधवा, तलाकशुदा और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद दे रही है। लेकिन हाल ही में योजना में वेरिफिकेशन अभियान चलाया गया जिसमें यह पाया गया कि हजारों महिलाओं के खाते में पेंशन उनके पात्र होने के बावजूद नहीं मिल रही थी या गलत तरीके से जा रही थी।

मौत के बावजूद मिल रही थी पेंशन

वेरिफिकेशन के दौरान कई बड़ी बातें सामने आईं। कई महिलाओं की मौत हो चुकी थी जबकि उन्हें पेंशन मिल रही थी। कुछ महिलाओं ने दूसरी शादी कर ली थी इसके बावजूद उनके खाते में पेंशन जमा होती रही। इसके अलावा, कई मामलों में गलत पता दर्ज होना, डुप्लीकेट पेंशन या फ्रॉड भी सामने आया। कुल मिलाकर 63,844 महिलाओं के नाम योजना से हटा दिए गए। इनमें से 8,002 महिलाएं मृत पाई गईं, 15,136 दिल्ली छोड़कर चली गईं, 543 महिलाओं ने दूसरी शादी कर ली थी और 1,237 महिलाएं पेंशन में धोखाधड़ी कर रही थीं। इसके अलावा 16,444 महिलाओं का पता गलत और 7,039 महिलाएं दिए गए पते पर नहीं मिलीं।

सबसे अधिक प्रभावित हुआ नॉर्थ वेस्ट दिल्ली

जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो नॉर्थ वेस्ट दिल्ली सबसे अधिक प्रभावित हुआ जहां 12,291 महिलाओं के नाम हटाए गए। वहीं नई दिल्ली जिले में सबसे कम 973 नाम कटे। यह वेरिफिकेशन अभियान योजना की पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की कोशिश को दर्शाता है।

कैसे पाएं विधवा पेंशन का लाभ?

विधवा पेंशन का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं। लाभार्थी की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। आवेदन के समय कम से कम 5 साल से दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए। वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। लाभार्थी का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और किसी अन्य पेंशन का लाभ न मिल रहा हो।

अपना नाम कैसे चेक करें?

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका नाम योजना में है या नहीं तो इसके लिए दो तरीके हैं। पहला, e-District Portal पर लॉगिन करके Track My Application पर क्लिक करें। दूसरा, अपने नजदीकी महिला एवं बाल विकास कार्यालय जाकर नाम और स्थिति की जांच करें। दिल्ली सरकार की यह कार्रवाई योजना की पारदर्शिता बनाए रखने और सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के लिए की गई है। अगर आपकी पात्रता सही है तो पेंशन चालू रहेगी। यह कदम योजना में गड़बड़ियों को रोकने और सही महिलाओं तक आर्थिक मदद पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

किसानों के लिए खुशखबरी, PM Kisan की 22वीं किस्त को लेकर आया बड़ा अपडेट

PM Kisan Yojana: PM Kisan 22वीं किस्त 2026 को लेकर किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। बजट 2026 के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों के खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं।

PM Kisan Yojana
पीएम किसान 22वीं किस्त 2026
locationभारत
userअसमीना
calendar16 Jan 2026 03:25 PM
bookmark

देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं बल्कि खेती-किसानी को संभालने वाला एक मजबूत सहारा बन चुकी है। हर साल मिलने वाली आर्थिक मदद किसानों को बीज, खाद और दूसरी जरूरतों में राहत देती है। अब जब सरकार 21 किस्तें जारी कर चुकी है तो स्वाभाविक है कि किसानों की नजरें PM Kisan की 22वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। खास बात यह है कि यह किस्त बजट 2026 के आसपास आने की उम्मीद जताई जा रही है जिससे किसानों को एक बार फिर राहत मिल सकती है।

कब आएगी 22वीं किस्त?

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। हर किस्त में 2000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजे जाते हैं। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर से 21वीं किस्त जारी की थी जिसके बाद से ही किसान यह जानना चाहते हैं कि अगली यानी 22वीं किस्त कब आएगी।

बजट 2026 के बाद आ सकती है PM Kisan की 22वीं किस्त

फिलहाल सरकार की ओर से 22वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो एक साफ संकेत जरूर मिलता है। आमतौर पर बजट से पहले सरकार कोई बड़ी किस्त जारी नहीं करती। इस साल 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करने जा रही हैं। ऐसे में जानकारों का मानना है कि बजट से पहले किसानों के खाते में पैसा आने की संभावना बेहद कम है।

कब जारी की गई थी आखिरी PM किसान की किस्त?

पिछले साल भी फरवरी के आखिर में पीएम किसान की किस्त जारी की गई थी। इसी पैटर्न को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि बजट के बाद फरवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में 22वीं किस्त किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। यह समय रबी की फसल की कटाई और खरीफ की तैयारियों के लिहाज से किसानों के लिए बेहद अहम माना जाता है।

इन वजहों से अटक सकती है आपकी 22वीं किस्त

कई बार ऐसा होता है कि किस्त जारी होने के बावजूद कुछ किसानों के खाते में पैसा नहीं पहुंच पाता। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है e-KYC पूरी न होना, बैंक अकाउंट में गलती, आधार लिंक न होना या जमीन से जुड़ा रिकॉर्ड अपडेट न होना। इसलिए जरूरी है कि किसान समय रहते अपनी जानकारी सही कर लें ताकि पैसा अटकने की नौबत न आए।

मिनटों में ऐसे चेक करें PM Kisan का स्टेटस

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी 22वीं किस्त आएगी या नहीं तो इसका तरीका बेहद आसान है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। बस पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर आपको Farmer Corner का ऑप्शन मिलेगा। यहां Know Your Status पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालें। मोबाइल पर आए OTP को भरते ही आपकी पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। अगर स्टेटस सही दिख रहा है तो आपकी किस्त आने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

गांव की बेनिफिशियरी लिस्ट में ऐसे देखें अपना नाम

अगर आप यह देखना चाहते हैं कि आपके गांव में किन किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिल रहा है तो इसके लिए भी ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। वेबसाइट के Farmer Corner में जाकर Beneficiary List पर क्लिक करें। इसके बाद राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करें। जैसे ही आप Get Report पर क्लिक करेंगे आपके गांव के सभी लाभार्थी किसानों की सूची सामने आ जाएगी। अगर इस लिस्ट में आपका नाम है तो इसका मतलब है कि आप योजना के लिए पात्र हैं।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

दिल्ली में इतने लोग उठा रहे हैं मुफ्त बिजली का फायदा, चौंका देगा आंकड़ा

दिल्ली सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से 70 लाख उपभोक्ताओं में से लाखों लोगों का बिजली बिल शून्य हुआ है। जानें इस योजना की पूरी जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और साल 2025 में कितनों को फायदा मिला।

Free Electricity
मुफ्त बिजली योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar16 Jan 2026 01:28 PM
bookmark

दिल्ली सरकार ने घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना शुरू की है जिसका मकसद आम लोगों की बिजली की महंगी बिलों को कम करना और हर घर तक बिजली की सुविधा सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को मासिक बिजली बिल में राहत दी जाती है। हाल ही में दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों ने इस स्कीम पर अपनी रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंप दी है जिसमें यह साफ दिख रहा है कि इस योजना का फायदा हर साल बढ़ता जा रहा है।

2025 में मुफ्त बिजली का लाभ

मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025 में करीब 68% बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। कुल 70 लाख उपभोक्ताओं में से 47,67,162 उपभोक्ताओं का बिल जीरो आया है। इसका मतलब है कि इनमें से अधिकांश घरेलू परिवार और छोटे व्यवसाय शामिल हैं। साल 2023 और 2024 के आंकड़ों की तुलना करें तो मुफ्त बिजली पाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

जीरो बिलिंग वाले उपभोक्ताओं की संख्या (सालवार)

साल घरेलू उपभोक्ता कॉमर्शियल उपभोक्ता

2021 40,35,827 10,989

2022 49,25,305 10,735

2023 35,89,299 8,634

2024 42,70,964 6,515

2025 47,67,162 7,750

इन आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दो सालों में जीरो बिलिंग वाले उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से साल 2024 और 2025 में यह योजना लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई।

योजना का असर और महत्व  

घरेलू परिवारों के लिए राहत: दिल्ली में लाखों घरेलू परिवार अब बिना अतिरिक्त बिजली बिल के अपनी बिजली का इस्तेमाल कर पा रहे हैं।

बिजली की बचत और बजट में सहूलियत: यह योजना खासकर मध्यम और कम आय वाले परिवारों के लिए एक बड़ा फायदा है।

कॉमर्शियल सेक्टर में मदद: छोटे व्यवसायों को भी इस योजना के तहत बिजली का कुछ हिस्सा मुफ्त मिलता है जिससे उनके संचालन पर खर्च कम होता है।

योजना का भविष्य

दिल्ली सरकार लगातार इस योजना के दायरे को बढ़ाने और अधिक लोगों तक मुफ्त बिजली पहुंचाने की योजना बना रही है। अगर आप दिल्ली के बिजली उपभोक्ता हैं तो सुनिश्चित करें कि आप इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 70 लाख है, और इनमें से ज्यादातर लोग इस योजना से सीधे लाभ उठा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में जीरो बिलिंग वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर इस योजना की सफलता को दिखाती है। 

संबंधित खबरें