इस बड़ी वजह से अटक रही आपकी Farmer ID, वक्त से पहले करें सुधार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जल्द ही आने वाली है। कई किसानों की फार्मर ID अभी तक नहीं बनी है जिससे लाभ लेने में दिक्कत हो रही है। बिहार में आधार और जमाबंदी के नाम में अंतर होने की वजह से लाखों किसानों की रजिस्ट्री अधूरी है।

Farmer ID
PM किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त
locationभारत
userअसमीना
calendar29 Jan 2026 05:27 PM
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत बिहार के लाखों किसानों की उम्मीदें 22वीं किस्त की ओर बढ़ रही हैं। लेकिन इस बार कई किसानों को फार्मर ID न बनने की वजह से लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है। बिहार सरकार ने फार्मर ID बनवाने के लिए कई विशेष कैंप लगाए थे लेकिन इसके बावजूद अभी तक लगभग 50 लाख से ज्यादा किसानों की Farmer ID नहीं बन पाई है। इसका मुख्य कारण है आधार कार्ड और जमाबंदी में नाम का मेल न होना। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के कोई भी किसान PM-Kisan या किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। बिहार में करीब 85 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होना बाकी है जिनमें से लगभग 73 लाख किसान PM-Kisan योजना के लाभार्थी हैं।

जमाबंदी के चलते अटकी फार्मर रजिस्ट्री

कई किसानों की शिकायत है कि जमाबंदी में नाम की गलत वर्तनी की वजह से उनकी फार्मर ID नहीं बन पा रही है। अधिकांश मामलों में आधार कार्ड में नाम और जमीन के कागजों में नाम थोड़े अलग होते हैं जिससे ऑनलाइन पोर्टल एंट्री स्वीकार नहीं करता।अगर आपकी फार्मर ID भी इसी वजह से अटकी है तो अभी आपके पास समय है। पेमेंट की 22वीं किस्त से पहले इसे ठीक कराना बेहद जरूरी है।

जमाबंदी में सुधार कैसे करें?

जमाबंदी पर्ची में सुधार कराने, उत्तराधिकार नामांतरण (Inheritance Mutation) या छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन कराना हो या बंटवारा नामांतरण करना हो तो आप इसे अंचल कार्यालय या भूमि सुधार कार्यालय जाकर करवा सकते हैं। साथ में आपको सभी असली दस्तावेज लेकर जाना होगा। इसके अलावा आप ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।

Step 1: पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

1. सबसे पहले biharbhumiplus.bihar.gov.in पर जाएं।

2. नागरिक लॉगिन पर क्लिक करें और पंजीकरण टैब चुनें।

3. फॉर्म में अपना व्यक्तिगत विवरण, मोबाइल नंबर और पता भरें।

Step 2: लॉगिन और परिमार्जन पोर्टल खोलें

1. रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।

2. यहां परिमार्जन प्लस का टैब दिखेगा उस पर क्लिक करें।

3. नया पोर्टल parimarjanplus.bihar.gov.in खुलेगा।

4. आपके पास दो विकल्प होंगे:

डिजिटल जमाबंदी में सुधार

छूटे हुए जमाबंदी का डिजिटाइजेशन

5. अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनें।

Step 3: बदलाव करें और दस्तावेज अपलोड करें

1. अब बदलाव करने का विकल्प चुनें।

2. जिस सेक्शन में सुधार करना है उसके आगे YES टिक करें।

3. बदलाव से संबंधित दस्तावेज अपलोड करें और Preview पर क्लिक करें।

4. सब सही होने पर Final Submit कर दें।

पोर्टल पर जमाबंदी में क्या-क्या सुधार कर सकते हैं?

1. रैयत विवरण

2. नाम में सुधार

3. जाति प्रमाण पत्र में सुधार

4. पते में सुधार

5. भूमि विवरण में सुधार

पीएम किसान 22वीं किस्त कब आएगी?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है। लेकिन पिछली बार की तरह फरवरी के अंतिम हफ्ते तक 2000 रुपये किसानों के खाते में पहुंच सकते हैं। इसलिए इस बार भी समय रहते जमाबंदी सुधार कराना बेहद जरूरी है।

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अब आपको कोई नहीं कहेगा निकम्मा, यह योजना संवारेगी आपका फ्यूचर

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना युवाओं को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत 18 से 45 साल के युवा बिना ब्याज 10 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। योजना में मैन्युफैक्चरिंग, सेवा और व्यापार के क्षेत्र में नया व्यवसाय शुरू करने...

Youth Self Employment
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar29 Jan 2026 04:51 PM
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क्या आप अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन फंड की कमी के कारण आपका सपना अधूरा रह गया है? अगर हां तो राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (MYSY) आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को नौकरी की तलाश में समय गंवाने के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद करना है। इस योजना के तहत राज्य सरकार 10 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी ब्याज के प्रदान कर रही है। यह योजना 11 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा लॉन्च की गई थी और इसे 31 मार्च 2029 तक लागू रखा जाएगा। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग इसे क्रियान्वित करेगा।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के माध्यम

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के माध्यम से मैन्युफैक्चरिंग, सेवा और व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में नए व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय को बढ़ाने के लिए लोन उपलब्ध कराया जाएगा। योजना में मार्जिन मनी और CGTMSE Fee की राशि भी सरकार द्वारा भरी जाएगी। इसके अलावा, HUF, सोसायटी, LLP Firm, कंपनी और स्वयं सहायता समूह जैसे संस्थागत आवेदक भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के लिए बैंक गारंटी की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसे CGTMSE (Credit Guarantee Trust Fund for Micro and Small Enterprises) से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की पात्रता

इस योजना के लिए पात्रता भी स्पष्ट रूप से तय की गई है। आवेदन करने वाले युवाओं की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अगर आवेदन संस्थागत है तो नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है और संस्थान का 51% हिस्सा 18 से 45 साल के युवाओं के पास होना चाहिए। इसके अलावा बैंक डिफॉल्टर पात्र नहीं होंगे और पहली बार लोन लेने वाले आवेदकों को ही ब्याज सब्सिडी दी जाएगी।

कितना ले सकते हैं लोन?

लोन की राशि शैक्षिक योग्यता और व्यवसाय के प्रकार पर निर्भर करती है। 8वीं से 12वीं पास युवा मैन्युफैक्चरिंग के लिए 7.5 लाख रुपये और सेवा एवं व्यापार के लिए 3.5 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। ग्रेजुएट या ITI/उच्च योग्यता वाले युवा मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 लाख रुपये और सेवा एवं व्यापार के लिए 5 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, आवेदकों को मार्जिन मनी भी मिलेगी जो लोन राशि का 10% तक हो सकती है। इस योजना के तहत लोन कई बैंकों से लिया जा सकता है, जैसे कि राष्ट्रीय वाणिज्यिक बैंक, रिजर्व बैंक से मान्यता प्राप्त प्राइवेट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राजस्थान वित्त निगम, SIDBI और अर्बन तथा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना आवेदन प्रक्रिया

आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है। सबसे पहले, SSO ID बनाना होगा। इसके लिए sso.rajasthan.gov.in पर जाकर Registration पर क्लिक करें और Citizen/Udhyog विकल्प चुनें। जन आधार नंबर या Gmail ID से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। SSO ID बनने के बाद पोर्टल या मोबाइल ऐप में लॉगिन करें और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार (MYSY) विकल्प चुनकर आवेदन फॉर्म भरें। इस फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, पता, उद्योग का प्रकार और उद्योग स्थापित करने का स्थान भरना आवश्यक है।

आवेदन में हुई कमी को कैसे सुधारें?

आवेदन ऑनलाइन जमा होने के बाद महाप्रबंधक की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय कमेटी दस्तावेजों और आवेदन की जांच करेगी। समिति हर हफ्ते कम से कम एक बार बैठक करेगी और योग्यता, रुचि, व्यवसाय की सफलता की संभावना और बाजार के अवसरों के आधार पर आवेदन का चयन किया जाएगा। यदि आवेदन में कोई कमी हो तो इसे 15 दिनों में सुधार कर वापस जमा करना होगा। आवेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा और लोन मंजूर कर दिया जाएगा। हालांकि, कुछ मामलों में लोन नहीं मिलेगा। जैसे, जिनके पास 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य की कमर्शियल गाड़ी है, प्रतिबंधित उत्पाद या सेवा, खनन और रियल एस्टेट से जुड़ी गतिविधियां या NGO, Trust जैसी संस्थाएं जो लाभ कमाने वाली नहीं हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में राजस्थान का निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक और तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, संस्थागत आवेदन में कंपनी के मालिकाना हक के दस्तावेज और प्रोजेक्ट रिपोर्ट शामिल हैं।

शॉर्ट टर्म डिपॉजिट में जमा होगी मार्जिन मनी

मार्जिन मनी शॉर्ट टर्म डिपॉजिट में जमा होगी और न तो सरकार को ब्याज मिलेगा और न ही बैंक ब्याज वसूलेंगे। यदि व्यवसाय 2 साल तक सफलतापूर्वक चलता है और EMI समय पर भरी जाती है तो यह राशि आवेदक के खाते में आएगी। अगर व्यवसाय 2 साल से पहले बंद होता है, तो यह राशि राज्य सरकार को लौटानी होगी। लोन चुकाने के लिए अधिकतम 5 साल का समय मिलेगा। ब्याज में छूट 5 साल तक ही उपलब्ध रहेगी और Moratorium Period बैंक की ओर से 6 महीने तक मिलेगा।

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किसान भाइयों के लिए बड़ी खुशखबरी, खाते में ट्रांसफर हुए 200 करोड़!

मध्य प्रदेश के 1.17 लाख सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भावांतर भुगतान योजना की चौथी किस्त के तहत आज 200 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। जानिए किसे मिलेगा लाभ, पैसा कब आएगा, सोयाबीन का मॉडल रेट क्या है और सीएम किसान कल्याण योजना की अगली किस्त से जुड़ी पूरी जानकारी।

सोयाबीन भावांतर योजना
सोयाबीन भावांतर योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar29 Jan 2026 04:21 PM
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मध्य प्रदेश के किसानों के लिए आज का दिन बड़ी राहत और खुशी लेकर आया है। राज्य के 1 लाख 17 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में आज भावांतर भुगतान योजना की चौथी किस्त ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जनवरी, गुरुवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ से किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जारी करेंगे। इससे सोयाबीन किसानों को मंडी में कम दाम मिलने की भरपाई होगी और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

किन किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का पैसा

भावांतर भुगतान योजना की यह चौथी किस्त उन किसानों को दी जाएगी जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से योजना की अवधि समाप्त होने तक अपनी सोयाबीन फसल मंडी में बेची थी। अगर इस अवधि में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम मिले हैं तो उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी जिससे किसी तरह की परेशानी या देरी न हो।

अब तक कितने किसानों को मिला फायदा?

सोयाबीन के लिए लागू भावांतर योजना के तहत अब तक मध्य प्रदेश के 7 लाख 10 हजार किसानों के खातों में कुल 1492 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं। यह योजना किसानों को बाजार में गिरते दामों से बचाने और उनकी आय को स्थिर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।

विकास कार्यों की भी मिलेगी बड़ी सौगात

भावांतर योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंदसौर जिले को 69.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। इनमें 51.91 करोड़ रुपये की लागत से मल्हारगढ़ 4-लेन फ्लाईओवर का भूमि-पूजन, 5.53 करोड़ रुपये से पिपलिया मंडी रेलवे अंडर ब्रिज और 2.06 करोड़ रुपये से मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर पुल निर्माण का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और आम लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

क्या है भावांतर भुगतान योजना?

भावांतर भुगतान योजना की शुरुआत 2019 में मध्य प्रदेश सरकार ने की थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को मंडी में MSP से कम कीमत मिलने पर आर्थिक सुरक्षा देना है। पिछले साल सरकार ने सोयाबीन किसानों को भी इस योजना में शामिल किया। यदि किसान मंडी में अपनी फसल MSP से कम दाम पर बेचते हैं तो उस अंतर की राशि सरकार सीधे उनके खाते में ट्रांसफर करती है।

अभी क्या चल रहा है सोयाबीन का मॉडल रेट

सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया था। इसके बाद नियमित रूप से मॉडल रेट जारी होते रहे। 5 जनवरी को सोयाबीन का मॉडल रेट 4458 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। यदि तय अवधि में किसानों को इससे कम दाम मिले हैं तो सरकार द्वारा उसकी भरपाई की जाएगी।

सीएम किसान कल्याण योजना की किस्त का इंतजार

हालांकि राज्य के लाखों किसान अब भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी हो चुकी है लेकिन सीएम किसान कल्याण योजना के 2000 रुपये अभी तक किसानों के खाते में नहीं आए हैं। प्रदेश के करीब 83 लाख किसान 14वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

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