
अमोल मजूमदार… भारतीय क्रिकेट का ऐसा नाम, जिसे मैदान ने भले ‘टीम इंडिया’ की जर्सी में न देखा हो, लेकिन जिसने अपने क्रिकेटिंग हुनर और जुनून से हर दिल में जगह बनाई। घरेलू क्रिकेट में रनों की झड़ी लगाने के बाद भी किस्मत ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका नहीं दिया। मगर अमोल ने हार नहीं मानी उन्होंने अपनी अधूरी कहानी को एक नई दिशा दी। Amol Mazumdar
और फिर वो दिन आया जब उनकी कोचिंग में भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया। डी.वाई. पाटिल स्टेडियम की चमकती फ्लडलाइट्स के नीचे जब भारतीय महिला टीम विश्व कप ट्रॉफी थामे झूम रही थी, तो हर क्रिकेट प्रेमी की आंखों में बस एक ही चेहरा था मोल मजूमदार का। उस पल में लगा मानो शाहरुख खान के "चक दे इंडिया" के कबीर खान परदे से निकलकर हकीकत बन गए हों, बस अब उस किरदार का नाम था अमोल मजूमदार। Amol Mazumdar
घरेलू क्रिकेट में अमोल मजूमदार के आंकड़े किसी किंवदंती से कम नहीं। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 30 शतक और 11,167 रन बनाए, फिर भी चयनकर्ताओं की नजरों में जगह नहीं बना पाए। लेकिन हार मानना उनके स्वभाव में नहीं था।उन्होंने कोचिंग की राह चुनी नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़कर अपनी पहचान बनाई। क्रिकेट सर्कल में अमोल को “कम बोलने वाला लेकिन गहराई से देखने वाला कोच” कहा जाने लगा। जब अक्टूबर 2023 में उन्हें भारतीय महिला टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया, तो कई लोगों ने इस फैसले पर सवाल उठाए पर अमोल ने सबको अपने काम से जवाब दिया । Amol Mazumdar
2025 महिला वर्ल्ड कप में भारत एक कठिन ग्रुप में था इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीमों के बीच राह आसान नहीं थी। शुरुआती हार के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना की बाढ़ आ गई, मीम्स बने, सवाल उठे। लेकिन अमोल ने हार नहीं मानी उन्होंने अपनी टीम को फटकार भी लगाई और हौसला भी दिया। फिर जो हुआ, वो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो गया। भारत ने सेमीफाइनल में सात बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 339 रन के रिकॉर्ड रन चेज से हराया। अमोल के फैसले गेमचेंजर साबित हुए जेमिमा रोड्रिग्ज को तीसरे नंबर पर भेजने का निर्णय, और प्रतिका रावल के चोटिल होने पर शेफाली वर्मा को शामिल करने का फैसला दोनों ही रणनीतियां टीम को जीत की राह पर ले गईं। Amol Mazumdar