हैरानी की बात यह है कि यह इतिहास इंटरनेशनल स्टेडियमों की चमक में नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट के मैदान पर लिखा गया। यही वजह है कि यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट की सबसे चौंकाने वाली कहानियों में गिना जाता है।

Ruturaj Gaikwad : क्रिकेट की दुनिया में कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो स्कोरबोर्ड पर नहीं, सीधे फैंस की यादों में दर्ज हो जाते हैं। इन्हीं में एक कारनामा ऐसा भी है, जिसे सुनते ही पहला सवाल यही उठता है क्या वाकई ऐसा हो सकता है? आम तौर पर एक ओवर में 6 गेंदें और अधिकतम 6 छक्कों की सीमा तय मानी जाती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के एक विस्फोटक बल्लेबाज ने इस “मैक्सिमम” की परिभाषा ही बदल दी। हैरानी की बात यह है कि यह इतिहास इंटरनेशनल स्टेडियमों की चमक में नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट के मैदान पर लिखा गया। यही वजह है कि यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट की सबसे चौंकाने वाली कहानियों में गिना जाता है।
यह अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड ऋतुराज गायकवाड़ के नाम दर्ज है और इसकी कहानी भी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं। 28 नवंबर 2022 को विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में, महाराष्ट्र बनाम उत्तर प्रदेश मुकाबले के दौरान ऋतुराज ने वो कर दिखाया, जो क्रिकेट में लगभग “असंभव” माना जाता है। महाराष्ट्र की पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने यूपी के बाएं हाथ के स्पिनर शिवा सिंह के एक ही ओवर में लगातार 7 छक्के उड़ा दिए। वजह थी उस ओवर में आई एक नो-बॉल, जिससे ओवर 7 गेंदों का हो गया और हर गेंद पर गेंद सीधे स्टैंड्स में जाकर गिरी। इस तूफानी ओवर से 43 रन निकले, जो अपने आप में रिकॉर्डबुक में दर्ज एक अलग उपलब्धि है। उस पल मैदान पर सिर्फ शॉट्स नहीं गूंज रहे थे, बल्कि क्रिकेट की “सीमा” भी टूटती दिख रही थी।
यह मैच सिर्फ “एक ओवर में 7 छक्कों” की वजह से नहीं, बल्कि ऋतुराज गायकवाड़ की उस महाकाव्य जैसी पारी के लिए याद किया जाता है, जिसने पूरे मुकाबले की दिशा ही बदल दी। उन्होंने 159 गेंदों पर नाबाद 220 रन बनाकर गेंदबाज़ों की हर रणनीति को बेअसर कर दिया। इस पारी में 10 चौके और 16 आसमान छूते छक्के शामिल थे। विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में यह पारी उन चुनिंदा पारियों में गिनी जाती है, जिनका जिक्र सालों बाद भी उसी रोमांच के साथ होता है। उसी दिन ऋतुराज ने साफ संदेश दे दिया था कि वह सिर्फ घरेलू क्रिकेट के “स्टार” नहीं, बल्कि दबाव के बड़े मंच पर भी मैच पलटने की क्षमता रखने वाले बल्लेबाज़ हैं और यही पहचान आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बनी।
उस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद ऋतुराज गायकवाड़ का नाम चयनकर्ताओं की सूची में सिर्फ “उभरते खिलाड़ी” के तौर पर नहीं, बल्कि मैच जिताऊ विकल्प के रूप में दर्ज हो गया। नतीजा, उन्हें भारतीय टीम में भी मौके मिले और वह वनडे व टी20 इंटरनेशनल में तिरंगा पहनकर अपनी छाप छोड़ चुके हैं हालांकि टेस्ट कैप का इंतज़ार अभी बाकी है। वहीं आईपीएल में उनकी पहचान सिर्फ रन बनाने वाले बल्लेबाज़ की नहीं रही, बल्कि स्थिरता, संयम और गेम-रीडिंग के लिए भी बनी। यही वजह है कि चेन्नई सुपर किंग्स ने भी उन पर भरोसा जताया और उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी।
अब नजरें नए साल 2026 पर हैं। जनवरी 2026 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ संभावित वनडे सीरीज़ में उनके दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में शतक जड़कर उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। आंकड़ों पर नज़र डालें तो ऋतुराज अब तक भारत के लिए 9 वनडे और 23 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं। वनडे में उनके नाम 228 रन हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 633 रन बनाए हैं। आईपीएल के 71 मैचों में 2502 रन वह भी 40 से ज्यादा की औसत के साथ उनकी निरंतरता की कहानी खुद बयां करते हैं। Ruturaj Gaikwad