फीफा वर्ल्ड कप क्या है? इतिहास से नियम तक, पूरी कहानी एक जगह

इस टूर्नामेंट में दुनिया की चुनिंदा राष्ट्रीय टीमें उतरती हैं और मैदान पर सिर्फ जीत नहीं, बल्कि अपने देश का गौरव दांव पर लगाती हैं। वर्ल्ड कप हर चार साल में आयोजित होता है, लेकिन इसकी गूंज वर्षों तक बनी रहती है क्योंकि यह प्रतियोगिता खेल के दायरे से निकलकर वैश्विक उत्सव बन जाती है।

फीफा वर्ल्ड कप
फीफा वर्ल्ड कप
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 12:04 PM
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FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप अंतरराष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़ा टूर्नामेंट है, जिसका आयोजन विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था FIFA (Fédération Internationale de Football Association) द्वारा किया जाता है। इसमें दुनिया भर की राष्ट्रीय फुटबॉल टीमें भाग लेती हैं और अपने देश का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस टूर्नामेंट में दुनिया की चुनिंदा राष्ट्रीय टीमें उतरती हैं और मैदान पर सिर्फ जीत नहीं, बल्कि अपने देश का गौरव दांव पर लगाती हैं। वर्ल्ड कप हर चार साल में आयोजित होता है, लेकिन इसकी गूंज वर्षों तक बनी रहती है क्योंकि यह प्रतियोगिता खेल के दायरे से निकलकर वैश्विक उत्सव बन जाती है। करोड़ों-करोड़ दर्शकों की नजरें एक-एक मैच पर टिक जाती हैं, इसी वजह से इसे खेल जगत का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला और सबसे प्रभावशाली इवेंट भी माना जाता है।

FIFA World Cup का इतिहास

फीफा वर्ल्ड कप का पहला आयोजन वर्ष 1930 में उरुग्वे में हुआ था। उस समय कुल 13 टीमों ने हिस्सा लिया और मेज़बान उरुग्वे ने खिताब अपने नाम किया। शुरुआती दौर में इस प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में कई चुनौतियाँ आईं, लेकिन धीरे-धीरे यह दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन बन गया।

द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 में World Cup आयोजित नहीं हो सका। युद्ध के बाद 1950 में ब्राज़ील में इसका पुनः आयोजन हुआ, जिसने फुटबॉल को एक नई पहचान दी। समय के साथ टीमों की संख्या बढ़ती गई—16 से 24 और फिर 32 तक पहुँची। 2026 से World Cup में 48 टीमों के खेलने की योजना है, जो इसे और अधिक वैश्विक बनाएगा। ब्राज़ील, जर्मनी और इटली जैसे देशों ने इस टूर्नामेंट में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। वहीं अर्जेंटीना, फ्रांस और स्पेन जैसी टीमों ने आधुनिक फुटबॉल को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। पेले, माराडोना, ज़िदान, रोनाल्डो और मेसी जैसे खिलाड़ी World Cup के कारण ही अमर हो गए।

फीफा वर्ल्ड कप के नियम और प्रारूप

फीफा वर्ल्ड कप के नियम अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के मानकों पर आधारित होते हैं। टूर्नामेंट से पहले क्वालिफिकेशन राउंड आयोजित होते हैं, जिनमें विभिन्न महाद्वीपों की टीमें अपनी जगह सुनिश्चित करती हैं। मुख्य टूर्नामेंट आमतौर पर दो चरणों में होता है फुटबॉल टूर्नामेंट की कहानी आमतौर पर दो बड़े अध्यायों में आगे बढ़ती है पहला ग्रुप स्टेज, दूसरा नॉकआउट स्टेज। ग्रुप चरण में टीमों को छोटे-छोटे समूहों में बांटा जाता है और हर टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से मुकाबला करती है। यहीं से अंकतालिका की तस्वीर बनती है किसकी शुरुआत दमदार रही, कौन दबाव में बिखरा और कौन आख़िरी मैच में बाज़ी पलट देता है। इसके बाद आता है नॉकआउट का दौर, जहां एक गलती पूरे टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। प्री-क्वार्टर फाइनल से लेकर क्वार्टर, सेमीफाइनल और फिर फाइनल तक हर मुकाबला ‘करो या मरो’ बन जाता है। मैच की अवधि 90 मिनट होती है, जो दो हाफ में खेली जाती है। अगर तय समय में नतीजा नहीं निकलता, तो मुकाबला अतिरिक्त समय और जरूरत पड़ने पर पेनल्टी शूटआउट तक जाता है, जहां एक-एक किक टीम की किस्मत लिखती है।

वैश्विक लोकप्रियता का कारण

फीफा वर्ल्ड कप की लोकप्रियता के पीछे कई ठोस कारण हैं। पहला, यह टूर्नामेंट राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा होता है। खिलाड़ी क्लब नहीं, बल्कि अपने देश के लिए खेलते हैं, जिससे दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव कई गुना बढ़ जाता है। दूसरा, World Cup एक सांस्कृतिक उत्सव है। मेज़बान देश अपनी परंपराओं, कला और पर्यटन को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है। इससे न सिर्फ खेल बल्कि देश की छवि भी वैश्विक मंच पर उभरती है। तीसरा, इसका आर्थिक प्रभाव बेहद व्यापक है। प्रायोजन, प्रसारण अधिकार, पर्यटन और ब्रांड वैल्यू के ज़रिये अरबों डॉलर का कारोबार होता है। छोटे देशों को भी विश्व स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलता है। चौथा, डिजिटल युग में सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने इसकी पहुँच को और बढ़ा दिया है। अब World Cup सिर्फ स्टेडियम तक सीमित नहीं, बल्कि हर मोबाइल स्क्रीन पर मौजूद है। FIFA World Cup 2026


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बस एक और 50+… और कोहली रच देंगे वनडे का नया इतिहास!

सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे इन सभी ने वनडे में एक बार लगातार 5 पारियों में 50+ स्कोर किया है। लेकिन 6वीं लगातार फिफ्टी की दहलीज पार करना अब तक कोई भारतीय नहीं कर पाया और यही राजकोट में कोहली के सामने सबसे बड़ी कहानी है।

विराट कोहली
विराट कोहली
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 11:45 AM
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Virat Kohli : टीम इंडिया के सुपरस्टार विराट कोहली का बल्ला इस वक्त सिर्फ रन नहीं बना रहा वह रिकॉर्ड की किताब के पन्ने पलट रहा है। भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में ‘किंग कोहली’ के पास एक ऐसा मौका है, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट के कुछ सबसे बड़े नामों सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे से अलग कतार में खड़ा कर सकता है। बुधवार को अगर कोहली ने अर्धशतक या उससे ज्यादा बनाया, तो वह वनडे क्रिकेट में लगातार 6 पारियों में 50+ स्कोर करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे।

लगातार 50+ स्कोर की रेस में कोहली सबसे आगे क्यों दिख रहे हैं?

पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेली गई 74 रन की पारी* के बाद से कोहली का फॉर्म लगातार ऊपर की ओर गया है। उसी मैच से शुरू हुई लय अब तक लगातार 5 वनडे पारियों में 50+ तक पहुंच चुकी है जिसमें 2 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। यह उपलब्धि पहले भी भारतीय क्रिकेट में कई दिग्गज हासिल कर चुके हैं। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे इन सभी ने वनडे में एक बार लगातार 5 पारियों में 50+ स्कोर किया है। लेकिन 6वीं लगातार फिफ्टी की दहलीज पार करना अब तक कोई भारतीय नहीं कर पाया और यही राजकोट में कोहली के सामने सबसे बड़ी कहानी है। सिर्फ यही नहीं, विराट कोहली लगातार 5 वनडे पारियों में 50+ बनाने का कारनामा सबसे ज्यादा बार (5 बार) कर चुके हैं।

दुनिया का बड़ा रिकॉर्ड किसके नाम है?

वनडे में लगातार सबसे ज्यादा 50+ स्कोर का रिकॉर्ड पाकिस्तान के जावेद मियांदाद के नाम दर्ज है। उन्होंने 1987 में लगातार 9 पारियों में 50+ स्कोर किया था—जिसमें 2 शतक और 7 अर्धशतक शामिल थे। कोहली का निशाना फिलहाल भारतीय रिकॉर्ड पर है, लेकिन उनकी फॉर्म बताती है कि वह बड़ी रेखाओं की तरफ भी कदम बढ़ा रहे हैं। Virat Kohli

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दूसरे वनडे में अय्यर रच सकते हैं इतिहास, बन सकते हैं भारत के नए नंबर-1

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श्रेयस अय्यर
श्रेयस अय्यर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 03:45 PM
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Shreyas Iyer : भारतीय टीम के भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज श्रेयस अय्यर एक खास मुकाम से सिर्फ कुछ कदम दूर हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को खेले जाने वाले दूसरे वनडे में अय्यर को अपने 3000 वनडे रन पूरे करने के लिए महज 34 रन चाहिए। जैसे ही वह यह आंकड़ा छूते हैं, वह भारत के लिए सबसे कम पारियों में 3000 ODI रन बनाने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं और इस मामले में शिखर धवन के 72 पारियों वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।

न्यूजीलैंड के खिलाफ अय्यर का कंसिस्टेंसी वाला ग्राफ

अय्यर के लिए राहत की बात यह है कि कीवी टीम के खिलाफ उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। आंकड़े बताते हैं कि न्यूजीलैंड के विरुद्ध पिछली 10 पारियों में उन्होंने हर बार 30+ का योगदान दिया है। इसी निरंतरता का नतीजा है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका औसत 66.00 तक पहुंच चुका है जो किसी भी बल्लेबाज के लिए इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ दबदबे का बड़ा संकेत माना जाता है।

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