उत्तर प्रदेश की धरती पर आयोजित हुआ ग़ज़ल कुंभ
उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित हुए कुंभ का नाम था ग़ज़ल कुंभ। यह ग़ज़ल कुंभ उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला यह ग़ज़ल कुंभ इस आयोजन की कड़ी का 17वां ग़ज़ल कुंभ था।

UP News : उत्तर प्रदेश में कुंभ के मेले की खूब चर्चा होती है। वर्ष-2025 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में आयोजित किया गया महाकुंभ का मेला दुनिया का सबसे बड़ा मेला साबित हुआ था। हाल ही में उत्तर प्रदेश की धरती एक और कुंभ का गवाह बनी। उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित हुए कुंभ का नाम था ग़ज़ल कुंभ। यह ग़ज़ल कुंभ उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला यह ग़ज़ल कुंभ इस आयोजन की कड़ी का 17वां ग़ज़ल कुंभ था।
वसंत चौधरी फाउंडेशन ने आयोजित किया 17वां ग़ज़ल कुंभ
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में वसंत चौधरी फ़ाउंडेशन, नेपाल के सौजन्य से अंजुमन फ़रोग़ ए उर्दू, दिल्ली द्वारा सरदार पटेल धर्मशाला वाराणसी में दो दिवसीय 17वां भव्य ग़ज़ल कुंभ संपन्न हुआ। कार्यक्रम से पूर्व सर्वप्रथम ग़ज़ल कुंभ परिवार के वरिष्ठ सदस्य गोविन्द गुलशन के कुछ ही दिन पूर्व हुए आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया एवं दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ग़ज़ल कुंभ के आरंभ में वाराणसी के साहित्यकार डॉ महेंद्र तिवारी 'अलंकार' ने वाराणसी की ओर से देशभर से पधारे लगभग 170 वरिष्ठ प्रतिनिधि शायरों का स्वागत किया। स्वागत भाषण के बाद वरिष्ठ शायर भूपेन्द्र सिंह 'होश' की अध्यक्षता और अलका 'शरर' के संचालन में ग़ज़ल गोष्ठी हुई जिसमें शानदार ग़ज़लें पढ़ी गईं।
ग़ज़ल कुंभ के संयोजक हैं दीक्षित दनकौरी
ग़ज़ल कुंभ के संयोजक प्रख्यात शायर दीक्षित दनकौरी ने दूसरे सत्र का संचालन किया जिसकी अध्यक्षता देहरादून से पधारे वरिष्ठ शायर 'अंबर' खरबंदा ने की। लगभग 6 घंटे चले इस सत्र में एक से बढ़कर एक ग़ज़लें पढ़ी गईं। इसी सत्र में प्रतापगढ़ (यूपी) की वयोवृद्ध वरिष्ठ शायरा अरुणिमा सक्सेना को 'ग़ज़ल कुंभ सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया। गत वर्ष हरिद्वार में आयोजित ग़ज़ल कुंभ में पढ़ी गई ग़ज़लों के संकलन एवं 'हमारा क्या है' रदीफ़ पर प्रकाशित दो संकलनों का लोकार्पण किया गया।
खूब सराहे गए ग़ज़ल कुंभ के शायर
दूसरे दिन के तीसरे सत्र की अध्यक्षता वाराणसी के वरिष्ठ शायर चंद्रभाल सुकुमार ने की। इस सत्र में बाहर से पधारे शायरों के साथ- साथ वाराणसी के शायरों विशेषकर अभिनव अरुण, धर्मेन्द्र गुप्त साहिल, छाया शुक्ला, कंचनलता चतुर्वेदी श्रीमती लीला सुकुमार, प्रसन्न वदन चतुर्वेदी 'अनघ',बहर' बनारसी, बुद्धदेव तिवारी, डॉ प्रताप शंकर दूबे, सिद्धनाथ शर्मा, संतोष कुमार प्रीत, गिरीश पांडेय काशिकेय, डॉ पुष्पेन्द्र प्रताप पुष्प, कंचन सिंह परिहार, कुमार महेंद्र ने ग़ज़ल पाठ किया। सभी शायरों की ग़ज़लों को खूब सराहा गया। बी.एच.यू के 8- 10 छात्र शायरों ने भी शानदार शायरी प्रस्तुत करके हॉल में उपस्थित सैकड़ों वरिष्ठ शायरों की वाहवाही लूटी। ग़ज़ल कुंभ के संयोजक दीक्षित दनकौरी ने ग़ज़ल कुंभ में उपस्थित हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश में कुंभ के मेले की खूब चर्चा होती है। वर्ष-2025 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में आयोजित किया गया महाकुंभ का मेला दुनिया का सबसे बड़ा मेला साबित हुआ था। हाल ही में उत्तर प्रदेश की धरती एक और कुंभ का गवाह बनी। उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित हुए कुंभ का नाम था ग़ज़ल कुंभ। यह ग़ज़ल कुंभ उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला यह ग़ज़ल कुंभ इस आयोजन की कड़ी का 17वां ग़ज़ल कुंभ था।
वसंत चौधरी फाउंडेशन ने आयोजित किया 17वां ग़ज़ल कुंभ
उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में वसंत चौधरी फ़ाउंडेशन, नेपाल के सौजन्य से अंजुमन फ़रोग़ ए उर्दू, दिल्ली द्वारा सरदार पटेल धर्मशाला वाराणसी में दो दिवसीय 17वां भव्य ग़ज़ल कुंभ संपन्न हुआ। कार्यक्रम से पूर्व सर्वप्रथम ग़ज़ल कुंभ परिवार के वरिष्ठ सदस्य गोविन्द गुलशन के कुछ ही दिन पूर्व हुए आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया एवं दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ग़ज़ल कुंभ के आरंभ में वाराणसी के साहित्यकार डॉ महेंद्र तिवारी 'अलंकार' ने वाराणसी की ओर से देशभर से पधारे लगभग 170 वरिष्ठ प्रतिनिधि शायरों का स्वागत किया। स्वागत भाषण के बाद वरिष्ठ शायर भूपेन्द्र सिंह 'होश' की अध्यक्षता और अलका 'शरर' के संचालन में ग़ज़ल गोष्ठी हुई जिसमें शानदार ग़ज़लें पढ़ी गईं।
ग़ज़ल कुंभ के संयोजक हैं दीक्षित दनकौरी
ग़ज़ल कुंभ के संयोजक प्रख्यात शायर दीक्षित दनकौरी ने दूसरे सत्र का संचालन किया जिसकी अध्यक्षता देहरादून से पधारे वरिष्ठ शायर 'अंबर' खरबंदा ने की। लगभग 6 घंटे चले इस सत्र में एक से बढ़कर एक ग़ज़लें पढ़ी गईं। इसी सत्र में प्रतापगढ़ (यूपी) की वयोवृद्ध वरिष्ठ शायरा अरुणिमा सक्सेना को 'ग़ज़ल कुंभ सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया। गत वर्ष हरिद्वार में आयोजित ग़ज़ल कुंभ में पढ़ी गई ग़ज़लों के संकलन एवं 'हमारा क्या है' रदीफ़ पर प्रकाशित दो संकलनों का लोकार्पण किया गया।
खूब सराहे गए ग़ज़ल कुंभ के शायर
दूसरे दिन के तीसरे सत्र की अध्यक्षता वाराणसी के वरिष्ठ शायर चंद्रभाल सुकुमार ने की। इस सत्र में बाहर से पधारे शायरों के साथ- साथ वाराणसी के शायरों विशेषकर अभिनव अरुण, धर्मेन्द्र गुप्त साहिल, छाया शुक्ला, कंचनलता चतुर्वेदी श्रीमती लीला सुकुमार, प्रसन्न वदन चतुर्वेदी 'अनघ',बहर' बनारसी, बुद्धदेव तिवारी, डॉ प्रताप शंकर दूबे, सिद्धनाथ शर्मा, संतोष कुमार प्रीत, गिरीश पांडेय काशिकेय, डॉ पुष्पेन्द्र प्रताप पुष्प, कंचन सिंह परिहार, कुमार महेंद्र ने ग़ज़ल पाठ किया। सभी शायरों की ग़ज़लों को खूब सराहा गया। बी.एच.यू के 8- 10 छात्र शायरों ने भी शानदार शायरी प्रस्तुत करके हॉल में उपस्थित सैकड़ों वरिष्ठ शायरों की वाहवाही लूटी। ग़ज़ल कुंभ के संयोजक दीक्षित दनकौरी ने ग़ज़ल कुंभ में उपस्थित हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। UP News












