सहारा समूह की जमीन पर उत्तर प्रदेश में बनेगा लोकतंत्र का मंदिर
प्रस्तावित विधानसभा भवन गोमती नगर के विपुल खंड क्षेत्र में लगभग 245 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। यह भूखंड पहले नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधीन था, जिसे बाद में सहारा समूह को लीज पर दिया गया। भूमि उपयोग से जुड़ी अनियमितताओं और शर्तों के उल्लंघन के कारण लीज समाप्त कर दी गई थी।

UP News : देश की राजधानी दिल्ली में नए संसद भवन के निर्माण के बाद अब उत्तर प्रदेश भी अपने लोकतांत्रिक ढांचे को एक नई पहचान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। लखनऊ में राज्य की नई और हाईटेक विधानसभा के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है, जिसे भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
कहां बनेगा नया विधानसभा परिसर?
प्रस्तावित विधानसभा भवन गोमती नगर के विपुल खंड क्षेत्र में लगभग 245 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। यह भूखंड पहले नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधीन था, जिसे बाद में सहारा समूह को लीज पर दिया गया। भूमि उपयोग से जुड़ी अनियमितताओं और शर्तों के उल्लंघन के कारण लीज समाप्त कर दी गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब यह जमीन पूरी तरह राज्य सरकार के नियंत्रण में आ चुकी है।
मौजूदा भवन से आगे बढ़ने की जरूरत क्यों?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का वर्तमान भवन करीब एक सदी पुराना है। समय के साथ न सिर्फ विधायकों की संख्या बढ़ी है, बल्कि कामकाज का तरीका भी बदल चुका है। डिजिटल कार्यप्रणाली, तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता और उन्नत सुरक्षा मानकों को देखते हुए नया और आधुनिक भवन लंबे समय से जरूरी माना जा रहा था।
तकनीक से लैस होगी ई-विधानसभा
नई विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
इसमें:
* पेपरलेस कार्य प्रणाली
* स्मार्ट आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर
* आधुनिक संचार और सुरक्षा व्यवस्था
* अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं
शामिल होंगी। इसका उद्देश्य विधायी कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाना है।
किन विभागों के जिम्मे है परियोजना?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को प्रमुख (नोडल) विभाग बनाया गया है, जबकि लोक निर्माण विभाग निर्माण और तकनीकी पहलुओं को संभालेगा। विशेषज्ञ कंसल्टेंट द्वारा तैयार रिपोर्ट इस पूरे प्रोजेक्ट की आधारशिला होगी। अधिकारियों के अनुसार, नई विधानसभा का वास्तुशिल्प उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दशार्ते हुए आधुनिक डिजाइन से सुसज्जित होगा। यह भवन केवल एक सरकारी ढांचा नहीं होगा, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की सोच, क्षमता और प्रशासनिक मजबूती का प्रतीक बनेगा। इस परियोजना के पूरा होने से गोमती नगर क्षेत्र का शहरी और प्रशासनिक महत्व और बढ़ेगा। साथ ही, लखनऊ को एक आधुनिक लोकतांत्रिक केंद्र के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।UP News
UP News : देश की राजधानी दिल्ली में नए संसद भवन के निर्माण के बाद अब उत्तर प्रदेश भी अपने लोकतांत्रिक ढांचे को एक नई पहचान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। लखनऊ में राज्य की नई और हाईटेक विधानसभा के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है, जिसे भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।
कहां बनेगा नया विधानसभा परिसर?
प्रस्तावित विधानसभा भवन गोमती नगर के विपुल खंड क्षेत्र में लगभग 245 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। यह भूखंड पहले नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधीन था, जिसे बाद में सहारा समूह को लीज पर दिया गया। भूमि उपयोग से जुड़ी अनियमितताओं और शर्तों के उल्लंघन के कारण लीज समाप्त कर दी गई थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब यह जमीन पूरी तरह राज्य सरकार के नियंत्रण में आ चुकी है।
मौजूदा भवन से आगे बढ़ने की जरूरत क्यों?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का वर्तमान भवन करीब एक सदी पुराना है। समय के साथ न सिर्फ विधायकों की संख्या बढ़ी है, बल्कि कामकाज का तरीका भी बदल चुका है। डिजिटल कार्यप्रणाली, तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता और उन्नत सुरक्षा मानकों को देखते हुए नया और आधुनिक भवन लंबे समय से जरूरी माना जा रहा था।
तकनीक से लैस होगी ई-विधानसभा
नई विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
इसमें:
* पेपरलेस कार्य प्रणाली
* स्मार्ट आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर
* आधुनिक संचार और सुरक्षा व्यवस्था
* अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं
शामिल होंगी। इसका उद्देश्य विधायी कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाना है।
किन विभागों के जिम्मे है परियोजना?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को प्रमुख (नोडल) विभाग बनाया गया है, जबकि लोक निर्माण विभाग निर्माण और तकनीकी पहलुओं को संभालेगा। विशेषज्ञ कंसल्टेंट द्वारा तैयार रिपोर्ट इस पूरे प्रोजेक्ट की आधारशिला होगी। अधिकारियों के अनुसार, नई विधानसभा का वास्तुशिल्प उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दशार्ते हुए आधुनिक डिजाइन से सुसज्जित होगा। यह भवन केवल एक सरकारी ढांचा नहीं होगा, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की सोच, क्षमता और प्रशासनिक मजबूती का प्रतीक बनेगा। इस परियोजना के पूरा होने से गोमती नगर क्षेत्र का शहरी और प्रशासनिक महत्व और बढ़ेगा। साथ ही, लखनऊ को एक आधुनिक लोकतांत्रिक केंद्र के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।UP News












