27 साल पुराने जघन्य हत्याकांड में शामिल अनुपम मिश्रा के 2 साथी नेम कुमार उर्फ बिलैय्या और कौशल की मौत हो चुकी है...

BSP Leader Anupam Dubey: उत्तर प्रदेश के कानपुर के अपर सत्र न्यायालय ने आर्थिक अपराध शाखा के इंस्पेक्टर राम निवास यादव की हत्या में फर्रुखाबाद के बाहुबली बसपा नेता अनुपम दुबे को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 27 साल पुराने जघन्य हत्याकांड में शामिल अनुपम मिश्रा के 2 साथी नेम कुमार उर्फ बिलैय्या और कौशल की मौत हो चुकी है। बिलैय्या पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया था। हत्याकांड में 27 साल बाद फैसला आने से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। वहीं, आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है। अनुपम पहले से ही मथुरा जेल में बंद है। साल 1996 में कानपुर में दारोगा रामनिवास यादव की अनवरगंज स्टेशन के पास हत्या हुई थी।
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मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद गुरुवार को मामले के फैसले वाले दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी बसपा नेता अनुपम दुबे को कानपुर कोर्ट लाया गया और एडीजे 8 की कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा के साथ 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी नेम कुमार उर्फ बिलैया और कौशल की मौत चुकी थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद डिमरी ने बताया कि कोर्ट ने अनुपम को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। मृतक परिवार को जुर्माना राशि का आधा दिया जाने का कोर्ट ने आदेश दिया है। वहीं सजा सुनाए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में अनुपम दुबे ने कहा कि कोर्ट ने जो भी फैसला सुनाया है, वह उसका सम्मान करते हैं। हमारे पास अभी हाईकोर्ट के दरवाजे खुले हैं। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।