हिन्दू लडक़ी का शोषण करने वाले डॉक्टर के तार दिल्ली ब्लॉस्ट से जुड़े

इस मामले में उत्तर प्रदेश के एक दर्जन जिलों में भी व्यापक जांच पड़ताल की जा रही है। ATS का दावा है कि डॉ. रमीज का मामला बहुत बड़ा मामला है। यह व्यक्ति कोई साधारण अपराधी नहीं बल्कि बड़ा ‘‘कलाकार” है।

रमीज मलिक
रमीज मलिक
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar12 Jan 2026 06:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) वाले डॉक्टर रमीज मलिक के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी को पता चला है कि उत्तर प्रदेश में हिन्दू लडक़ी का शोषण करने वाले डॉक्टर रमीज मलिक के तार दिल्ली के लाल किले  पर हुए सनसनीखेज ब्लॉस्ट के साथ भी जुड़ रहे हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश ATS  ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

बड़ा कलाकार साबित हो रहा है हिन्दू विरोधी रमीज मलिक

KGMU में हिन्दू लडक़ी का शोषण करने तथा हिन्दू डाक्टरों को मुसलमान बनाने के आरोप में डॉ. रमीज मलिक जेल में है। इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश की लखनऊ कमिश्नरी की पुलिस तथा ATS कर रही है। ATS को डॉ. रमीज मलिक के तार दिल्ली के लाल किला ब्लॉस्ट से भी जुड़े हुए मिले हैं। यही कारण है ATS ने पूरे मामले की जांच की गति भी तेज कर दी है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के एक दर्जन जिलों में भी व्यापक जांच पड़ताल की जा रही है। ATS का दावा है कि डॉ. रमीज का मामला बहुत बड़ा मामला है। यह व्यक्ति कोई साधारण अपराधी नहीं बल्कि बड़ा ‘‘कलाकार” है।

दिल्ली ब्लॉस्ट के आरोपी के संपर्क में था डॉ. रमीज मलिक

उत्त प्रदेश की ATS को पता चला है कि डॉ. रमीज मलिक दिल्ली ब्लॉस्ट के आरोपी डॉ. शाहीन सईद के साथ सीधा संपर्क था। उत्तर प्रदेश ATS के सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान खुद रमीज ने स्वीकार किया है कि उसकी डॉक्टर शाहीन से मुलाकातें हुई थीं। बताया गया है कि एक-दो कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों के बीच संपर्क हुआ और बाद में बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा। डॉक्टर शाहीन सईद का नाम पहले भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा है। वह दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार हो चुकी है। ऐसे में रमीज और शाहीन के बीच संबंध सामने आना जांच एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। लखनऊ कमिश्नरी की पुलिस पहले ही इस संबंध में इनपुट साझा कर चुकी थी। इसी जानकारी के आधार पर ATS ने मामले में सक्रियता बढ़ाई और अब पूरे नेटवर्क को खंगालने की तैयारी की जा रही है

फरार रहकर बढ़ाया संपर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी से पहले रमीज लंबे समय तक फरारी काटता रहा. इस दौरान वह सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, शाहीन बाग और दिल्ली तक उसका आना-जाना रहा। सूत्रों के अनुसार, फरारी के इस दौर में रमीज कई डॉक्टरों के संपर्क में रहा और कानूनी सलाह भी लेता रहा। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपर्क महज व्यक्तिगत थे या किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे। धर्मांतरण और यौन शोषण के आरोपों में गिरफ्तार डॉ. रमीज मलिक के विदेशी कनेक्शन भी अब जांच के दायरे में आ गए है। लखनऊ पुलिस रमीज की विदेश यात्राओं का पूरा ब्यौरा जुटा रही है। बताया जा रहा है कि आगरा में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान और उसके बाद लखनऊ में नौकरी के समय रमीज कई बार विदेश गया। इन यात्राओं का उद्देश्य क्या था, किन देशों में गया और वहां किन लोगों से संपर्क हुआ। इन सभी बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। UP News


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चर्चित IAS अधिकारी को होगी सजा

इस चार्जशीट में उत्तर प्रदेश को निंलबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बाकायदा रिश्वत लेने का आरोपी माना गया है। दूसरी तरफ इस पूरे प्रकरण में ED की जांच में भी IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश पूरी तरह से फंसते हुए नजर आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश
उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar12 Jan 2026 05:50 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के नाम की खूब चर्चा हो रही है। कानून के जानकार पहले ही आशंका जता चुके हैं कि उत्तर प्रदेश के इस चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को जेल जाना पड़ेगा। इस पूरे मामले को जानने वालों का दावा है कि IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को ना केवल जेल जाना पड़ेगा बल्कि सजा भी भुगतनी पड़ेगी।

उत्तर प्रदेश की SIT ने घोषित किया आरोपी

उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के मामले में हाल ही में अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। इस मामले में यह चार्जशीट उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गठित की गई विशेष जांच टीम यानि कि SIT ने दाखिल की है। IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के मामले में SIT ने पूरे 1600 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। इस चार्जशीट में उत्तर प्रदेश को निंलबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बाकायदा रिश्वत लेने का आरोपी माना गया है। दूसरी तरफ इस पूरे प्रकरण में ED की जांच में भी IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश पूरी तरह से फंसते हुए नजर आ रहे हैं। 

कौन है उत्तर प्रदेश का IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश

उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश का परिचय बहुत ही दिलचस्प है। उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश का जन्म बिहार के सिवान जिले में 21 दिसंबर 1982 को हुआ था. वे बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार थे. शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास की और IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक की डिग्री ली। इंजीनियरिंग के तुरंत बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और 2005 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे भारत में 8वीं रैंक हासिल की। 2006 में जब उन्होंने प्रशासनिक सेवा जॉइन की तो उन्हें नागालैंड कैडर मिला। उनकी शुरुआती छवि एक ईमानदार और मेहनती अफसर की थी. अभिषेक प्रकाश आईएएस की निजी जिंदगी किसी फिल्म जैसी रही। उनकी जान-पहचान अदिति सिंह (2009 बैच आईएएस) से हुई। उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. जल्द ही उन्होंने शादी करने का फैसला किया। उस समय IAS अभिषेक नागालैंड कैडर में तैनात थे, जबकि आईएएस अदिति सिंह को यूपी कैडर अलॉट हुआ था। शादी के आधार पर (Spouse Ground) अभिषेक ने नागालैंड छोड़कर उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिनियुक्ति (Deputation) करा ली थी।

पत्नी के साथ बड़ा विवाद

आपको बता दें कि IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश तथा उनकी पत्नी IAS अ​दिति सिंह के बीच शादी के कुछ सालों बाद ही कड़वाहट आ गई. यह विवाद इतना सार्वजनिक हुआ कि अदिति सिंह ने शासन से अभिषेक की शिकायत की और उन्हें उनके मूल कैडर (नागालैंड) वापस भेजने की मांग तक कर डाली। अभिषेक प्रकाश के यूपी कैडर में स्थायी विलय (Permanent Absorption) को लेकर सालों तक कानूनी लड़ाई चली। इस दौरान उनके व्यक्तिगत झगड़ों की खबरें अक्सर अखबारों की सुर्खियां बनती रहीं। आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला किया और उनका तलाक हो गया. लेकिन इस विवाद ने प्रशासनिक हलकों में उनकी साख को काफी प्रभावित किया.आईएएस अभिषेक प्रकाश के पतन का सबसे बड़ा कारण बना ‘इन्वेस्ट यूपी’(Invest UP) में उनका कार्यकाल. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक बड़ी सोलर कंपनी (SAEL Solar) के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने और सब्सिडी दिलवाने के बदले अपने खास बिचौलिए निकांत जैन के जरिए 5% कमीशन की मांग की थी। UP News


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उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कड़ी कार्रवाई, 17 चिकित्साधिकारी बर्खास्त

कुछ चिकित्साधिकारियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतों के बाद 4 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Jan 2026 05:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने वाले 17 चिकित्साधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। यह कदम लापरवाही और स्वास्थ्य सेवाओं में रुकावट डालने वाले मामलों के चलते उठाया गया। सरकार ने साफ कर दिया कि अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मरीजों के साथ अनुचित व्यवहार

कुछ चिकित्साधिकारियों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने की शिकायतों के बाद 4 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना

डॉ. गजेंद्र सिंह ने नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसके कारण उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। सरकार ने इस प्रकार की अवहेलना को गंभीर अनुशासनहीनता बताया। बीकेटी ट्रॉमा सेंटर में तैनात 4 चिकित्साधिकारियों को मरीजों की देखभाल में लापरवाही के आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चेतावनी और वेतन वृद्धि रोक

3 चिकित्साधिकारियों को चेतावनी दी गई। 5 चिकित्साधिकारियों की वेतन वृद्धि रोक दी गई और उन्हें अनुशासनिक दंड दिया गया।

दवाओं की खरीद में अनियमितताओं के लिए दोषी पाए गए 2 चिकित्साधिकारियों की पेंशन में 10% की कटौती करने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और सरकारी धन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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