गुलज़ार: शब्दों के वो जादूगर जिनकी कविता ने सिनेमा को नई ज़ुबान दी

उनकी लेखनी में हिन्दी, उर्दू और पंजाबी का मिठास भरा संगम है, और यही नहीं उन्होंने ब्रज, खड़ी बोली, मारवाड़ी और हरियाणवी जैसी बोलियों के रंग भी अपनी रचनाओं में इस तरह घोले कि शब्द जीवंत हो उठे।

गुलज़ार की भाषा का जादू

गुलज़ार की भाषा का जादू

locationउत्तर प्रदेश
userAbhijeet Yadav
calendar12 Jan 2026 02:13 PM
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