लखनऊ में राष्ट्रीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन 19 से, सम्मेलन उत्तर प्रदेश में चौथी बार
सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओमप्रकाश बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे।

UP News : लखनऊ में 19 जनवरी से 21 जनवरी तक राष्ट्रीय पीठासीन अधिकारियों का तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देशभर की सभी विधानसभाओं के अध्यक्ष, विधान परिषदों के सभापति और संसद के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम की मेजबानी यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना करेंगे। यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश में चौथी बार आयोजित हो रहा है, पिछली बार इसे 2015 में प्रदेश ने आयोजित किया था।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति
सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओमप्रकाश बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे। सम्मेलन के दौरान प्रमुख चर्चा विषयों में विधायी संस्थाओं की भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्य, संसदीय मर्यादा और कार्यकुशलता शामिल होंगे।
मुख्य सत्र और सचिवों का सम्मेलन
सम्मेलन का मुख्य सत्र 20 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विधायी संस्थाओं की भूमिका और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर व्यापक चर्चा होगी। इसके अलावा 19 जनवरी को विधानसभा और विधान परिषद सचिवों का अलग सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। ये बैठकें न केवल अनुभव साझा करने का अवसर देती हैं, बल्कि राज्यों के बीच संसदीय प्रक्रियाओं और नियमों में सुधार के लिए भी सहायक होती हैं।
शहर में यातायात व्यवस्था और वैकल्पिक मार्ग
सम्मेलन के चलते लखनऊ शहर में 19 से 21 जनवरी तक यातायात परिवर्तित रहेगा। विधान भवन और इसके आसपास सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक विशेष डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। मुख्य बदलाव निम्नलिखित हैं। बंदरियाबाग चौराहा से राजभवन और हजरतगंज की ओर सीधे वाहन नहीं जा सकेंगे। डीएसओ चौराहा, रॉयल होटल चौराहा और वर्लिंग्टन चौराहा से विधान भवन की ओर जाने वाले मार्ग बंद रहेंगे। गोमतीनगर, सिकंदरबाग और लालबत्ती चौराहा से आने वाली बसों को वैकल्पिक मार्गों से होकर चलाया जाएगा। होटल द सेंट्रम और आसपास के इलाकों में भी यातायात पर असर होगा। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे डायवर्जन वाले मार्गों का उपयोग करने से बचें और समय रहते वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।
UP News : लखनऊ में 19 जनवरी से 21 जनवरी तक राष्ट्रीय पीठासीन अधिकारियों का तीन दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देशभर की सभी विधानसभाओं के अध्यक्ष, विधान परिषदों के सभापति और संसद के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम की मेजबानी यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना करेंगे। यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश में चौथी बार आयोजित हो रहा है, पिछली बार इसे 2015 में प्रदेश ने आयोजित किया था।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति
सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओमप्रकाश बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगी। समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे। सम्मेलन के दौरान प्रमुख चर्चा विषयों में विधायी संस्थाओं की भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्य, संसदीय मर्यादा और कार्यकुशलता शामिल होंगे।
मुख्य सत्र और सचिवों का सम्मेलन
सम्मेलन का मुख्य सत्र 20 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विधायी संस्थाओं की भूमिका और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर व्यापक चर्चा होगी। इसके अलावा 19 जनवरी को विधानसभा और विधान परिषद सचिवों का अलग सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। ये बैठकें न केवल अनुभव साझा करने का अवसर देती हैं, बल्कि राज्यों के बीच संसदीय प्रक्रियाओं और नियमों में सुधार के लिए भी सहायक होती हैं।
शहर में यातायात व्यवस्था और वैकल्पिक मार्ग
सम्मेलन के चलते लखनऊ शहर में 19 से 21 जनवरी तक यातायात परिवर्तित रहेगा। विधान भवन और इसके आसपास सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक विशेष डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। मुख्य बदलाव निम्नलिखित हैं। बंदरियाबाग चौराहा से राजभवन और हजरतगंज की ओर सीधे वाहन नहीं जा सकेंगे। डीएसओ चौराहा, रॉयल होटल चौराहा और वर्लिंग्टन चौराहा से विधान भवन की ओर जाने वाले मार्ग बंद रहेंगे। गोमतीनगर, सिकंदरबाग और लालबत्ती चौराहा से आने वाली बसों को वैकल्पिक मार्गों से होकर चलाया जाएगा। होटल द सेंट्रम और आसपास के इलाकों में भी यातायात पर असर होगा। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे डायवर्जन वाले मार्गों का उपयोग करने से बचें और समय रहते वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।












