विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में चारों तरफ राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण की चर्चा हो रही है। हर दिन राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश का यह सबसे बड़ा मामला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दरबार (कार्यालय) तक पहुंच गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में चारों तरफ राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण की चर्चा हो रही है। हर दिन राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश का यह सबसे बड़ा मामला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दरबार (कार्यालय) तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय (PMO) में तैनात कुछ अधिकारियों ने अयोध्या के राम मंदिर में पहुंचकर पूरे मालले की गुपचुप जांच की है। PMO के अधिकारियों ने अपनी एक जांच रिपोर्ट PM मोदी को सौंपी है। UP News
यह भी पढ़े : राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी का खुलासा, SIT के हाथ लगे अहम सबूत
जरूर पढ़े : राम मंदिर में दान सुरक्षा होगी और मजबूत, प्राइवेट एजेंसी की एंट्री संभव
उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने दावा किया है कि इस मामले में आगे की कार्यवाही की दिशा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशके बाद ही तय होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा गठित विशेष दल दल (SIT) की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। SIT अपनी रिपोर्ट किसी भी समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप देगी। SIT की रिपोर्ट के आधार पर CM योगी PMO को ब्रीफिंग करेंगे। CM योगी ब्रीफिंग के बाद ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मामले में निर्देश जारी करेंगे। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए PM मोदी किसी बड़े एक्शन के निर्देश भी दे सकते हैं। जानकार सूत्रों का दावा है कि जल्दी ही चंदा चोरी प्रकरण में बहुत बहड़ी कार्यवाही देखने को मिल सकती है। UP News
अवश्य पढ़े : अयोध्या को बदनाम करने की साजिश का आरोप, सरकार ने की संयम की अपील
इसे तो अवश्य पढ़े : राम मंदिर चढ़ावा मामला : एसआईटी आज सौंपेगी सीएम योगी को रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से इस मामले में गठित SIT ने अपनी शुरूआती जांच पूरी कर ली है। पता चला है कि SIT ने लगभग 150 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट किसी भी समय CM योगी को सौंपी जा सकती है। इस दौरान पता चला है कि SIT की जांच रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का भी जिक्र है। चंपत राय के विरूद्ध कार्यवाही होगी अथवा जांच के आधार पर चंपत राय को क्लीन चिट मिल जाएगी। इस बात का फैसला भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ही करना है। PM मोदी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले में आगे की कार्यवाही के लिए सीधे निर्देश जारी करेंगे। UP News
बिल्कुल पढ़े :राम मंदिर सीसीटीवी फुटेज के साथ 'बड़ा खेल', अब क्या करेगी SIT ?
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भरोसेमंद IAS अधिकारी उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या के राम मंदिर में ही मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर PMO तक में बड़े-बड़े पदों को संभाल चुके PM मोदी के इस भरोसेमंद अधिकारी का नाम नृपेन्द्र मिश्रा है। नृपेन्द्र मिश्रा भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं। नृपेन्द्र मिश्रा स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें चंदा चोरी के प्रकरण में चंपत राय के शामिल होने की बिल्कुल भी आशंका नहीं है। श्री मिश्रा का कहना है कि चंपत राय का सार्वजनिक जीवन पूरी तरह से नीर एण्ड क्लीन है। नृपेन्द्र मिश्रा ने कहा है कि चंपत राय को बदनाम करने तथा फंसाने की साजिश कामयाब नहीं होगी। श्री मिश्रा ने चंदा चोरी को एक गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि यह कोई साधारण मामला नहीं है। बल्कि भगवान राम के करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर मामला है। नृपेन्द्र मिश्रा के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि इस प्रकरण की आंच में जलने से चंपत राय शायद बच जाएंगे। उनके अलावा राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े एक दर्जन से अधिक लोगों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही करके उत्तर प्रदेश सरकार अपनी खराब हो रही छवि को सुधारने का प्रयास करेगी। UP News
विज्ञापन