उत्तर प्रदेश की धरती पर आयोजित हुआ ग़ज़ल कुंभ

उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित हुए कुंभ का नाम था ग़ज़ल कुंभ। यह ग़ज़ल कुंभ उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला यह ग़ज़ल कुंभ इस आयोजन की कड़ी का 17वां ग़ज़ल कुंभ था।

वाराणसी में संपन्न हुआ 17वां ग़ज़ल कुंभ
वाराणसी में संपन्न हुआ 17वां ग़ज़ल कुंभ
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 05:34 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में कुंभ के मेले की खूब चर्चा होती है। वर्ष-2025 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में आयोजित किया गया महाकुंभ का मेला दुनिया का सबसे बड़ा मेला साबित हुआ था। हाल ही में उत्तर प्रदेश की धरती एक और कुंभ का गवाह बनी। उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित हुए कुंभ का नाम था ग़ज़ल कुंभ। यह ग़ज़ल कुंभ उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला यह ग़ज़ल कुंभ इस आयोजन की कड़ी का 17वां ग़ज़ल कुंभ था।

वसंत चौधरी फाउंडेशन ने आयोजित किया 17वां ग़ज़ल कुंभ

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में वसंत चौधरी फ़ाउंडेशन, नेपाल के सौजन्य से अंजुमन फ़रोग़ ए उर्दू, दिल्ली द्वारा सरदार पटेल धर्मशाला वाराणसी में दो दिवसीय 17वां भव्य ग़ज़ल कुंभ संपन्न हुआ। कार्यक्रम से पूर्व सर्वप्रथम ग़ज़ल कुंभ परिवार के वरिष्ठ सदस्य गोविन्द गुलशन के कुछ ही दिन पूर्व हुए आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया एवं दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ग़ज़ल कुंभ के आरंभ में वाराणसी के साहित्यकार डॉ महेंद्र तिवारी 'अलंकार' ने वाराणसी की ओर से देशभर से पधारे लगभग 170 वरिष्ठ प्रतिनिधि शायरों का स्वागत किया। स्वागत भाषण के बाद वरिष्ठ शायर भूपेन्द्र सिंह 'होश' की अध्यक्षता और अलका 'शरर' के संचालन में ग़ज़ल गोष्ठी हुई जिसमें शानदार ग़ज़लें पढ़ी गईं।

ग़ज़ल कुंभ के संयोजक हैं दीक्षित दनकौरी

ग़ज़ल कुंभ के संयोजक प्रख्यात शायर दीक्षित दनकौरी ने दूसरे सत्र का संचालन किया जिसकी अध्यक्षता देहरादून से पधारे वरिष्ठ शायर 'अंबर' खरबंदा ने की। लगभग 6 घंटे चले इस सत्र में एक से बढ़कर एक ग़ज़लें पढ़ी गईं। इसी सत्र में प्रतापगढ़ (यूपी) की वयोवृद्ध वरिष्ठ शायरा अरुणिमा सक्सेना को 'ग़ज़ल कुंभ सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया। गत वर्ष हरिद्वार में आयोजित ग़ज़ल कुंभ में पढ़ी गई ग़ज़लों के संकलन एवं 'हमारा क्या है' रदीफ़ पर प्रकाशित दो संकलनों का लोकार्पण किया गया।

खूब सराहे गए ग़ज़ल कुंभ के शायर

दूसरे दिन के तीसरे सत्र की अध्यक्षता वाराणसी के वरिष्ठ शायर चंद्रभाल सुकुमार ने की। इस सत्र में बाहर से पधारे शायरों के साथ- साथ वाराणसी के शायरों विशेषकर अभिनव अरुण, धर्मेन्द्र गुप्त साहिल, छाया शुक्ला, कंचनलता चतुर्वेदी श्रीमती लीला सुकुमार, प्रसन्न वदन चतुर्वेदी 'अनघ',बहर' बनारसी, बुद्धदेव तिवारी, डॉ प्रताप शंकर दूबे, सिद्धनाथ शर्मा, संतोष कुमार प्रीत, गिरीश पांडेय काशिकेय, डॉ पुष्पेन्द्र प्रताप पुष्प, कंचन सिंह परिहार, कुमार महेंद्र ने ग़ज़ल पाठ किया। सभी शायरों की ग़ज़लों को खूब सराहा गया। बी.एच.यू के 8- 10 छात्र शायरों ने भी शानदार शायरी प्रस्तुत करके हॉल में उपस्थित सैकड़ों वरिष्ठ शायरों की वाहवाही लूटी। ग़ज़ल कुंभ के संयोजक दीक्षित दनकौरी ने ग़ज़ल कुंभ में उपस्थित हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। UP News



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बिना ओटीपी और पिन के खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, सिर्फ फिंगरप्रिंट से उड़ सकते हैं पैसे

एईपीएस के जरिए पैसे निकालने के लिए केवल आधार नंबर, बैंक का नाम और खाताधारक का बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) चाहिए होता है। इतना ही काफी होता है। इसमें ओटीपी, पिन या सिग्नेचर की जरूरत नहीं होती।

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Bank fraud
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Jan 2026 04:05 PM
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Bank fraud : सोचिए, अगर आपके बैंक खाते से पैसे निकल जाएं और न तो आपको कोई ओटीपी आए, न ही आपने एटीएम कार्ड या पिन का इस्तेमाल किया हो। हैरानी की बात है, लेकिन आजकल ऐसा संभव है। साइबर अपराधी एक ऐसे सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे हैं, जिसमें केवल आधार नंबर और फिंगरप्रिंट से ही खाते से रकम निकाली जा सकती है।

आखिर कौन-सा सिस्टम है यह?

इसका नाम है आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम एईपीएस। यह सिस्टम सरकार ने ग्रामीण और दूर-दराज इलाकों में बैंकिंग सुविधा आसान बनाने के लिए शुरू किया था। लेकिन अब यही सुविधा कई लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। एईपीएस के जरिए पैसे निकालने के लिए केवल आधार नंबर, बैंक का नाम और खाताधारक का बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) चाहिए होता है। इतना ही काफी होता है। इसमें ओटीपी, पिन या सिग्नेचर की जरूरत नहीं होती।

ठग कैसे करते हैं इस फ्रॉड को?

साइबर ठग सबसे पहले किसी न किसी तरीके से व्यक्ति की आधार से जुड़ी जानकारी और बायोमेट्रिक डेटा हासिल कर लेते हैं। इसके लिए वे कई हथकंडे अपनाते हैं, जैसे फर्जी केवाईसी अपडेट, सरकारी योजना या सब्सिडी दिलाने का झांसा, लोकल एजेंट या साइबर कैफे के जरिए फिंगरप्रिंट स्कैन की जाती है। जानकारी मिलते ही ठग माइक्रो-एटीएम या एईपीएस मशीन का इस्तेमाल कर खाते से पैसे निकाल लेते हैं, और खाताधारक को तब पता चलता है जब अकाउंट बैलेंस कम हो चुका होता है।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

कई मामलों में ठग ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में करते हैं। म्यूल अकाउंट वह होता है जिसे खाताधारक जानबूझकर किसी को इस्तेमाल करने दे दे या जिसका नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाए। इन खातों के जरिए अवैध पैसे का लेन-देन किया जाता है, लेकिन जब जांच होती है तो कानूनी मुश्किलों में खाताधारक खुद फंस जाता है।

इस तरह के फ्रॉड से बचाव कैसे करें?

एईपीएस फ्रॉड से बचने का सबसे असरदार तरीका है सतर्कता और सही सुरक्षा उपाय। आधार बायोमेट्रिक लॉक करें। यूआईडीएआई की वेबसाइट या एमआधार ऐप पर जाकर अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस डेटा को लॉक करें। इससे कोई भी बिना अनुमति आपके बायोमेट्रिक का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

अनजान जगह पर फिंगरप्रिंट न दें

किसी भी लोकल एजेंट, अनजान केवाईसी सेंटर या प्राइवेट व्यक्ति को फिंगरप्रिंट देने से बचें, चाहे वह कितना भी भरोसेमंद क्यों न लगे।

इसके साथ ही आधार की कॉपी सोच-समझकर शेयर करें। आधार कार्ड की फोटो या जेरॉक्स ह्वाटसऐप, ईमेल या अनजान वेबसाइट पर अपलोड न करें। बैंक अलर्ट हमेशा चालू रखें जिससे एसएमएस और ईमेल अलर्ट आॅन रहने से किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत मिल जाती है। 

जरूरत न हो तो एईपीएस बंद कराएं

अगर आप एईपीएस सेवा का इस्तेमाल नहीं करते, तो अपने बैंक में जाकर इसे डिसेबल करवा सकते हैं। अगर खाते से पैसे निकल जाएं तो क्या करें? पहले आप तुरंत बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क करें फिर अकाउंट को अस्थायी रूप से फ्रीज करवाएं। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। साइबरक्राइम डाट गोव डाट इन पर आॅनलाइन शिकायत दर्ज करें। डिजिटल सुविधाएं जितनी मददगार हैं, उतनी ही सावधानी भी मांगती हैं। थोड़ी सी लापरवाही आपका बैंक बैलेंस साफ कर सकती है। इसलिए जागरूक रहें, अपने बायोमेट्रिक डेटा को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करे

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पंचायत के चुनाव से पहले किसानों के खाते में जमा होगा धन

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना यह है कि पंचायत के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के सभी छोटे किसानों के बैंक खाते में धनराशि भेज दी जाए। इस खास योजना के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा पहुंचाया जाएगा।

यूपी में 2.15 करोड़ किसानों को मिल चुका लाभ
यूपी में 2.15 करोड़ किसानों को मिल चुका लाभ
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 03:46 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। उत्तर प्रदेश में जल्दी ही होने वाले पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश के किसानों को खुश करने की योजना पर काम चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना यह है कि पंचायत के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के सभी छोटे किसानों के बैंक खाते में धनराशि भेज दी जाए। इस खास योजना के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा पहुंचाया जाएगा।

क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की किसानों के लिए योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने योजना बनाई है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव से पहले सभी छोटे किसानों के बैंक खातों में खूब धन जमा करा दिया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना यह है कि किसान सम्मान निधि योजना का फायदा उत्तर प्रदेश के हर छोटे किसान तक जरूर पहुंचा दिया जाए। बताया जा रहा है कि किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में आने लायक उत्तर प्रदेश के 14.7 प्रतिशत किसानों तक किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव से पहले विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।

उत्तर प्रदेश में पोर्टल पर पंजीकरण को लेकर फंसा हुआ है पेंच

उत्तर प्रदेश सरकार के पास मौजूद आंकड़ों से पता चला है कि उत्तर प्रदेश के 14.7 प्रतिशत पात्र किसान अभी तक पीएम किसान पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हो पाए हैं। इस कारण इन किसानों तक पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। हाल ही में भारत सरकार ने राज्यों से कहा है कि एक अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को दी जाएगी, जिन्होंने पोर्टल पर पंजीकरण कराया हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के सभी पात्र किसानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दे रही है। इसी के तहत उत्तर प्रदेश में 26 जनवरी के बाद प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाने का निर्णय किया गया है। सरकार ने किसानों से भी अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।

उत्तर प्रदेश के हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए आगामी घोषित होने वाली तिथियों में वृहद स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक विकास खण्ड में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। जिन किसानों के पंजीयन नहीं हो सके हैं, उनमें से एक बड़ी संख्या उन किसानों की है जो सम्मान निधि की परिधि में नहीं आते मसलन उनकी खेती तो है लेकिन वे सरकारी नौकरी करते हैं और आयकर दाता भी है। इसके अलावा कई मानकों पर भी वे बाहर हैं। हालांकि सबसे बड़ी संख्या ऐसे गैरपंजीकृत किसानों की है, जिन्होंने अपना आधार अब तक दुरुस्त नहीं कराया है या फिर बैक खातों को अपडेट नहीं किया है। अभियान में ऐसे काश्तकारों को चिन्हित कर उनकी इन त्रुटियों को दूर किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में अब तक 2.15 करोड़ किसानों को मिला है पीएम सम्मान निधि का लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जब से शुरू हुई है उसकी अब तक 21 किस्ते किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है। इसमें हर चार माह पर प्रति किसान 2000 रुपये डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है। बीते नवम्बर में 21वीं किस्त जारी की गई थी जिसमें उत्तर प्रदेश के 2,15,71,323 किसानों के खाते में 4,314.26 करोड़ रुपये भेजे गए थे। उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में 91.37% बिजनौर जिले में 88.92% हरदोई जिले में 98.31% श्रावस्ती जिले में 88.01% पीलीभीत जिले में 97.58% अंबेडकरनगर जिले में 87.46% मुरादाबाद जिले में 86.17% बरेली जिले में 84.80% गाजियाबाद जिले में 79.79% तथा कौशाम्बी जिले में 89.09% किसानों के नाम पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। UP News

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