उत्तर प्रदेश में UPAVP दे रहा 20% तक डिस्काउंट, ऐसे करें आवेदन

भुगतान व्यवस्था में भी परिषद ने बड़ा प्रोत्साहन रखा है। यदि आवंटन के बाद 60 दिनों के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाता है, तो अतिरिक्त लाभ के तौर पर अलग से 20% तक की छूट भी मिल सकती है। साफ है, यूपी में समय पर भुगतान करने वाले जवानों को दोहरा फायदा मिलने की संभावना है।

UPAVP की नई स्कीम
UPAVP की नई स्कीम
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 10:01 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में सेना और अर्द्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों के लिए घर का सपना अब पहले से ज्यादा आसान होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने अपने आवासीय प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बुकिंग पर जवानों को 20% तक की विशेष छूट देने का अहम फैसला लिया है। परिषद की बैठक में मंजूर इस निर्णय से यूपी में तैनात जवानों के साथ-साथ पूर्व सैनिकों को भी कम कीमत में सम्मानजनक और सुरक्षित आवास मिल सकेगा

उत्तर प्रदेश में जवानों को 20% स्पेशल डिस्काउंट

UPAVP के मुताबिक जवानों को मिलने वाली यह विशेष छूट बुकिंग के वक्त ही सीधे लागू होगी यानी फ्लैट बुक कराते ही कीमत में तुरंत राहत मिल जाएगी। परिषद का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में रहने वाले या उत्तर प्रदेश से जुड़े सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिवारों को सम्मानजनक व किफायती आवास उपलब्ध कराना है। भुगतान व्यवस्था में भी परिषद ने बड़ा प्रोत्साहन रखा है यदि आवंटन के बाद 60 दिनों के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाता है, तो अतिरिक्त लाभ के तौर पर अलग से 20% तक की छूट भी मिल सकती है। साफ है, यूपी में समय पर भुगतान करने वाले जवानों को दोहरा फायदा मिलने की संभावना है।

पहले आओ-पहले पाओ स्कीम में शामिल हुआ लाभ

UPAVP ने जवानों के लिए यह राहत FCFS (पहले आओ–पहले पाओ) आधारित रिक्त फ्लैट बुकिंग योजना में शामिल की है। इस समय उत्तर प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं में उपलब्ध फ्लैटों की ऑनलाइन बुकिंग जारी है, जहां 1BHK से लेकर 4BHK तक के विकल्प मौजूद हैं। परिषद के मुताबिक सामान्य आवेदकों को भी 15% तक की छूट दी जा रही है, लेकिन सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए यह छूट 20% तक बढ़ा दी गई है।

ऐसे करें आवेदन: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

जो जवान या पूर्व सैनिक इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बेहद आसान तरीके से आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट upavp.in पर लॉगिन करने के बाद FCFS (First Come First Serve) सेक्शन खोलें यहीं सशस्त्र बल/अर्धसैनिक बलों के लिए अलग विशेष लिंक उपलब्ध है। पूरी प्रक्रिया 100% ऑनलाइन रखी गई है, जिसमें पंजीकरण से लेकर दस्तावेज अपलोड और भुगतान तक हर कदम एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरा किया जा सकता हैUP News


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उत्तर प्रदेश में 65 डेटा लैब की तैयारी, हेल्थ सिस्टम होगा स्मार्ट

सीएम के बयान से संकेत साफ हैं कि उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में AI को तेजी से अपनाकर जांच-निदान, रोग निगरानी और इलाज की व्यवस्था को ज्यादा सटीक, तेज और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खुद को मजबूती से स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ
सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 09:39 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि सरकार की नीति और प्रशासन का मिशन एजेंडा बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को AI एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर घोषणा की कि प्रदेश में अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से करीब 2000 करोड़ रुपये के AI-आधारित कार्यक्रम लागू किए जाएंगे। सीएम के बयान से संकेत साफ हैं कि उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में AI को तेजी से अपनाकर जांच-निदान, रोग निगरानी और इलाज की व्यवस्था को ज्यादा सटीक, तेज और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खुद को मजबूती से स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है।

AI लैब नेटवर्क से बदलेगा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल 65 AI डेटा लैब स्थापित करने का रोडमैप तैयार किया गया है, जिनमें से 62 लैब को जल्द ही धरातल पर उतारने की तैयारी है। इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि AI का ढांचा केवल लखनऊ-नोएडा जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंचाया जाएगा। लक्ष्य साफ है तकनीक का लाभ पूर्वांचल, बुंदेलखंड, तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों तक भी समान रूप से पहुंचे, ताकि प्रदेश के हर हिस्से में स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन जैसी सेवाओं में डेटा-आधारित फैसले और नवाचार की रफ्तार तेज हो सके।

AI से शासन रिएक्टिव नहीं प्रोएक्टिव बनेगा: योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उत्तर प्रदेश की शासन-प्रणाली को रिएक्टिव से निकालकर प्रोएक्टिव दिशा में ले जा रहा है, यानी अब समस्याओं पर सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं होगी, बल्कि खतरा उभरने से पहले समाधान की तैयारी की जा सकेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तकनीक संवेदना के साथ कदम मिलाए, नीतियां नवाचार से ऊर्जा पाएँ और शासन जन-विश्वास की नींव पर खड़ा हो, तभी विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुँचता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक यही सोच उत्तर प्रदेश को समावेशी विकास और अधिक सुरक्षित भविष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

AI से मजबूत होगा UP का हेल्थ सर्विलांस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य नीतियों को अधिक असरदार और सटीक बनाने में AI निर्णायक भूमिका निभा सकता है। AI की मदद से महामारियों के शुरुआती संकेत समय रहते पकड़ना, डेंगू-मलेरिया जैसे वेक्टर जनित रोगों के मामलों का डेटा-आधारित विश्लेषण करना और फीडबैक के आधार पर निर्णय लेकर परिणामों की लगातार निगरानी संभव होगी। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में AI को केंद्र में रखकर हेल्थ सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, ताकि बीमारी के फैलाव पर पहले ही ब्रेक लगे और इलाज-प्रबंधन की तैयारी रियल-टाइम डेटा के आधार पर तेज हो सके।

स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा सपोर्ट

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तकनीक-आधारित इकोसिस्टम को नई रीढ़ देने का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का फोकस अब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि टेक-इन्फ्रास्ट्रक्चर को जमीन पर उतारने पर है। प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क जैसी परियोजनाएं हेल्थ इंडस्ट्री को मजबूती दे रही हैं, वहीं लखनऊ में मेडिटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को उन्नत स्वास्थ्य तकनीक का हब बनाया जा रहा है। दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर में AI व इनोवेशन आधारित उद्यमिता केंद्र और IIT कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए शोध, स्टार्टअप और उद्योग को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा है। साथ ही लखनऊ को AI सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी प्रगति पर है। कुल मिलाकर यह संकेत है कि उत्तर प्रदेश AI को हेल्थ, इंडस्ट्री और स्टार्टअप तीनों की ग्रोथ इंजन बनाकर आगे बढ़ रहा है।

छापेमारी से सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पुरानी राशन व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि पहले प्रदेश के गांव-गांव से यही शिकायत आती थी कि अनाज मिलता नहीं और सिस्टम में चोरी चलती रहती है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद इस समस्या पर तकनीक को हथियार बनाकर कार्रवाई की गई और प्रदेशभर में करीब 80 हजार राशन दुकानों पर सघन जांच-छापेमारी कराई गई। पड़ताल में 30 लाख फर्जी राशन कार्ड सामने आए, जिनके जरिए सरकारी अनाज की आपूर्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मुख्यमंत्री के मुताबिक ई-पॉश (e-PoS) मशीनें लागू होने के बाद राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी, लाभार्थी की पहचान मजबूत हुई और चोरी पर काफी हद तक प्रभावी लगाम लग सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले निराश्रित महिलाओं की पेंशन तक में बिचौलियों का ‘कट’ चलता था। अब DBT और जनधन खातों के माध्यम से 1.06 करोड़ विधवाओं और निराश्रित महिलाओं को बिना किसी कटौती के सीधा लाभ मिल रहा है। उनके मुताबिक तकनीक ने प्रशासन को ज्यादा जवाबदेह बनाया है और सरकार के प्रति जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।

सीएम योगी ने गिनाई उत्तर प्रदेश की उपलब्धियां

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ स्वास्थ्य चुनौतियां भी बढ़ेंगी, लेकिन AI के दौर में भारत नेतृत्व की भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि कोविड के बाद उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने के लिए हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट, ICU बेड और क्रिटिकल केयर जैसी सुविधाएं खड़ी कीं। तकनीक और बेहतर सर्विलांस का ही नतीजा रहा कि प्रदेश के 38 जिलों में लंबे समय तक चुनौती बने इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने में भी उत्तर प्रदेश ने सुधार किया है और अब तकनीक के जरिए इसे और घटाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी ने डबल इंजन सरकार की दिशा को स्पष्ट बताते हुए कहा कि जिलों के डॉक्टरों को वर्चुअल ICU और क्रिटिकल केयर के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब अगला कदम यह है कि AI की मदद से इलाज अधिक सटीक बने, सुविधाएं ज्यादा सुलभ हों और निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह डेटा-ड्रिवन हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में डायलिसिस, कलर डॉपलर और ICU जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैंअब इन्हें AI के जरिए और प्रभावी व स्मार्ट बनाने की तैयारी है, ताकि मरीज को समय पर बेहतर इलाज और सिस्टम को तेज़ निर्णय क्षमता मिल सके। UP News


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योगी ने युवाओं से कहा-नशे के कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोलें

पर्यटन बढ़ा है, निवेश आ रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज को खोखला करने वाले नशे के कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोलें। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर ले जाता है।

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1 योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Jan 2026 07:16 PM
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UP News : राजधानी लखनऊ में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर युवाओं को समर्पित कार्यक्रम युवा प्रतिभा सम्मान एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और युवा कल्याण एवं खेल मंत्री गिरीश यादव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

युवाओं को प्रेरणा देने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का युवा प्रदेश और देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उस दौर से बाहर निकल चुका है, जब कर्फ्यू और दंगों की पहचान हुआ करती थी। आज प्रदेश में शांति, कानून-व्यवस्था और विकास का वातावरण है। पर्यटन बढ़ा है, निवेश आ रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज को खोखला करने वाले नशे के कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोलें। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर ले जाता है। युवा अपने गांव, ब्लॉक और शहरों में नशा विरोधी अभियान चलाएं और ऐसे अवैध कारोबारियों की गोपनीय सूचना प्रशासन को दें, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर संपत्ति जब्त की जा सके।

जल और पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका

सीएम योगी ने युवाओं से जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चेक डैम, अमृत सरोवर और जल संरक्षण से जुड़ी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। युवा इन अभियानों से जुड़कर स्थानीय लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने नदियों पर हो रहे अतिक्रमण की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इसे रोकने में समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आगामी वन महोत्सव में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने युवाओं और महिला समूहों से इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

9 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक करीब 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई गई है। अब किसी भी प्रकार की सिफारिश या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पूरी दुनिया को भारत की असली शक्ति से परिचित कराया था। गुलामी के कठिन दौर में भी उन्होंने शिकागो में भारत की संस्कृति और विचारधारा का परचम लहराया। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों को पढ़ने, समझने और आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है। केवल अंकों या मार्कशीट को ही सफलता का पैमाना न मानें, बल्कि अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास को पहचानें। आज का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है।

खेल मंत्री गिरीश यादव का संदेश

युवा कल्याण एवं खेल मंत्री गिरीश यादव ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं के लिए संकल्प और प्रेरणा का दिन है। स्वामी विवेकानंद का संदेश उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको आज भी उतना ही प्रासंगिक है। सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से बने पांच बहुउद्देश्यीय हालों का लोकार्पण किया। साथ ही तीन ग्रामीण स्टेडियमों का शिलान्यास भी किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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