यमुना एक्सप्रेसवे के सात गांवों के किसानों को मिलेगा 80 करोड़ रुपये का मुआवजा

औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सात गांवों दनकौर, जगनपुर-अफजलपुर, सलारपुर, मिजार्पुर, निलौनी शाहपुर, अच्छेजा और रौनीजा के किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये मुआवजा देने का फैसला किया है।

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यमुना एक्सप्रेसवे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar29 Jan 2026 07:04 PM
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UP News : यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास लंबे समय से चल रहे मुआवजा विवाद का समाधान अब नजदीक है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सात गांवों दनकौर, जगनपुर-अफजलपुर, सलारपुर, मिजार्पुर, निलौनी शाहपुर, अच्छेजा और रौनीजा के किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये मुआवजा देने का फैसला किया है। यह कदम किसानों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित राहत लेकर आएगा। 

किसानों के खातों में राशि भेजने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्राधिकरण की योजना है कि अगले दो महीनों में मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाए। इस कदम से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि वर्षों से चले आ रहे संघर्ष का अंत भी होगा।

भूमि पर विकास कार्यों के लिए रास्ता साफ

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे लंबित लैंड फॉर डेवलपमेंट परियोजनाओं को अब गति मिलने वाली है। प्राधिकरण ने एलएफडी की लगभग 500 हेक्टेयर भूमि पर बड़े पैमाने पर विकास की अनुमति दे दी है। यहां आवासीय सोसाइटी, स्पोर्ट्स सिटी और व्यावसायिक केंद्र बनाए जाएंगे। इस कदम से न केवल क्षेत्र की रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। विकास परियोजनाओं के शुरू होने से आसपास की बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आएगा, जिससे निवासियों और व्यवसाय दोनों को फायदा होगा।

मुआवजा मिलने से जमीन होगी कब्जा मुक्त

किसानों को मुआवजा मिलने के बाद उनके कब्जे वाली जमीन प्राधिकरण के अधीन कर दी जाएगी। इससे क्षेत्र की जमीन पूरी तरह से कब्जा मुक्त हो जाएगी और विकास परियोजनाओं को तेजी से शुरू किया जा सकेगा। जेपी इंफ्राटेक को यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे कुल 2,500 हेक्टेयर विकसित करने का अधिकार मिला हुआ है। इनमें से तीन एलएफडी गौतमबुद्ध नगर में और एक-एक एलएफडी अलीगढ़ और आगरा में स्थित हैं। नोएडा का जेपी विश टाउन भी इसी योजना के तहत विकसित किया गया है।

यमुना सिटी में नए निवेश और रोजगार के अवसर

जैसे ही किसानों को मुआवजा मिल जाएगा, यमुना सिटी क्षेत्र में कई बड़े विकास प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। यहां ग्रुप हाउसिंग, आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक हब विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से न केवल निवेश में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस क्षेत्र में रहने वाले लोग और आसपास के गांवों के निवासी भी इसका लाभ उठा सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा और नोएडाझ्रग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच आर्थिक गतिविधियों में इजाफा करेगा।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण का महत्वपूर्ण कदम

यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत अब तक लगभग 10,000 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। कुल मुआवजा राशि लगभग 1,689 करोड़ रुपये है। इसमें से 1,335 करोड़ रुपये सुरक्षा रियल्टी द्वारा और लगभग 355 करोड़ रुपये प्राधिकरण की ओर से भुगतान किए जाएंगे। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने सुरक्षा रियल्टी को यह राशि चार किस्तों में देने का निर्देश दिया था। कंपनी ने पहले ही 254 करोड़ रुपये प्राधिकरण को पहले किस्त के रूप में सौंप दिए हैं। अब प्राधिकरण किसानों को मुआवजा वितरित कर क्षेत्र में विकास कार्य शुरू कर सकेगा।

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उत्तर प्रदेश में अवैध खनन माफिया का खनन निरीक्षक पर जानलेवा वार, खेतों में छिपकर बचाई जान

खनन निरीक्षक दिनेश मोदी सरकारी वाहन से अपने चालक मुकेश यादव के साथ गांव दरकई के सिवान इलाके की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में 7 से 8 लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। हमलावरों के पास लाठी-डंडे, ईंटें और खतरनाक हथियार थे। उन्होंने गाड़ी रोकते ही शीशे तोड़ दिए और चालक को बाहर खींचकर बुरी तरह पीटा।

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अवैध खनन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar29 Jan 2026 06:46 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के चंदपा थाना क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े तत्वों ने सरकारी कार्रवाई को रोकने के उद्देश्य से खनन विभाग के एक अधिकारी पर हमला कर दिया। यह सनसनीखेज घटना 28 जनवरी की रात की है, जब खनन निरीक्षक अवैध खनन की शिकायत पर जांच करने पहुंचे थे।

गाड़ी के शीशे तोड़े और चालक की पिटाई की

खनन निरीक्षक दिनेश मोदी सरकारी वाहन से अपने चालक मुकेश यादव के साथ गांव दरकई के सिवान इलाके की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में 7 से 8 लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों के पास लाठी-डंडे, ईंटें और खतरनाक हथियार थे। उन्होंने गाड़ी रोकते ही शीशे तोड़ दिए और चालक को बाहर खींचकर बुरी तरह पीटा।

निरीक्षक खेतों में झाड़ियों के बीच छिपकर बचाई जान

हमले के दौरान खनन निरीक्षक जान बचाने के लिए खेतों की ओर भागे, लेकिन बदमाशों ने उनका पीछा कर उन पर भी हमला किया। इस घटना में उनके पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। अंधेरे का फायदा उठाकर निरीक्षक खेतों में झाड़ियों के बीच छिप गए और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।

पुलिस के पहुंचते ही हमलावर फरार हो गए

सूचना मिलते ही चंदपा थाना पुलिस और पीआरवी मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही हमलावर फरार हो गए। बाद में खनन निरीक्षक बाहर आए और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस संबंध में सीओ सादाबाद अमित पाठक ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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होली से पहले आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त? उत्तर प्रदेश के किसानों में बढ़ी उत्सुकता

केंद्र सरकार की ओर से 22वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि, पिछले वर्षों के भुगतान पैटर्न को देखें तो यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली किस्त फरवरी 2026 के दौरान जारी की जा सकती है।

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किसानों को हर साल आर्थिक सहायता
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar29 Jan 2026 06:15 PM
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UP News : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के करोड़ों किसानों को हर साल आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये दिए जाते हैं, जो तीन किस्तों में 2000-2000 रुपये के रूप में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं। उत्तर प्रदेश के लाखों किसान भी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और अब सभी की नजरें 22वीं किस्त पर टिकी हुई हैं।

क्या होली पर मिलेगी 22वीं किस्त?

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से 22वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि, पिछले वर्षों के भुगतान पैटर्न को देखें तो यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली किस्त फरवरी 2026 के दौरान जारी की जा सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि किसानों के खातों में यह राशि होली से पहले या आसपास पहुंच सकती है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

हर किस्त से पहले क्यों अटक जाता है पैसा?

हर बार की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों का भुगतान रुकने की आशंका बनी रहती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे 

* ई केवाईसी अधूरी होना

* आधार से बैंक खाता लिंक न होना

* बैंक खाते की गलत जानकारी

* आईएफएससी कोड में त्रुटि

* नाम या दस्तावेजों में गड़बड़ी

इन वजहों से भुगतान फेल हो जाता है और किसान को किस्त नहीं मिल पाती।

इन किसानों को नहीं मिलेगा 22वीं किस्त का लाभ

सरकार ने साफ कर दिया है कि योजना का लाभ केवल पूरी तरह पात्र किसानों को ही दिया जाएगा। ऐसे किसान जिनका

* ई केवाईसी पूरा नहीं है

* भूमि रिकॉर्ड अपडेट नहीं है

* बैंक और आधार लिंक नहीं है

उनका नाम लाभार्थी सूची से हटाया भी जा सकता है और 22वीं किस्त नहीं मिलेगी।

स्टेटस चेक करना क्यों है जरूरी?

किस्त जारी होने से पहले अपना स्टेटस चेक करना बेहद जरूरी हो गया है। इससे किसान यह जान सकता है कि

* अगली किस्त आएगी या नहीं

* अगर नहीं आएगी तो वजह क्या है

समय रहते गलती सुधार लेने से भुगतान रुकने से बच सकता है।

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