श्याम सुंदर त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर UGC की नई नियमावली पर आपत्ति जताई और इसे समाज को बांटने वाला कदम बताते हुए कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया है।

UP News : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर चल रहा विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी तेज होता दिख रहा है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद के सलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। श्याम सुंदर त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर UGC की नई नियमावली पर आपत्ति जताई और इसे समाज को बांटने वाला कदम बताते हुए कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया है। इस्तीफे के साथ भेजे गए पत्र में त्रिपाठी का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किए जा रहे प्रावधानों से सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ असमानता बढ़ने की आशंका है। उन्होंने इसे काले कानून जैसा बताते हुए लिखा कि ऐसे किसी भी ढांचे का समर्थन करना उनके लिए संभव नहीं, जो उनकी विचारधारा और आत्मसम्मान के खिलाफ जाता हो। त्रिपाठी के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर समाज के कुछ वर्गों में असंतोष और आक्रोश की स्थिति बन रही है।
UGC ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े नए नियम अधिसूचित किए थे, जिन्हें 2012 के नियमों का अपडेट बताया जा रहा है। UGC का पक्ष रहा है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव रोकना और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को मज़बूत बनाना है। इन नियमों के तहत शिक्षण संस्थानों में विशेष शिकायत निवारण समितियां/सेल और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विशेष रूप से SC, ST और OBC वर्ग से जुड़े छात्रों की शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण समयबद्ध तरीके से हो सके। वहीं, दूसरी तरफ़ कुछ छात्र समूहों और संगठनों का आरोप है कि यह फ्रेमवर्क उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है।
UGC नियमों को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश में बरेली से जुड़ा एक दूसरा घटनाक्रम भी चर्चा में रहा। हाल ही में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे और उनके लगाए गए आरोपों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद को सनसनीखेज आरोपों में बदलना उचित नहीं। इसी क्रम में राज्य सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं और जांच पूरी होने तक उन्हें शामली के जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। दूसरी ओर, अग्निहोत्री ने अपने स्तर पर जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील भी की है। UP News