यमुना एक्सप्रेसवे के सात गांवों के किसानों को मिलेगा 80 करोड़ रुपये का मुआवजा
औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सात गांवों दनकौर, जगनपुर-अफजलपुर, सलारपुर, मिजार्पुर, निलौनी शाहपुर, अच्छेजा और रौनीजा के किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये मुआवजा देने का फैसला किया है।

UP News : यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास लंबे समय से चल रहे मुआवजा विवाद का समाधान अब नजदीक है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सात गांवों दनकौर, जगनपुर-अफजलपुर, सलारपुर, मिजार्पुर, निलौनी शाहपुर, अच्छेजा और रौनीजा के किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये मुआवजा देने का फैसला किया है। यह कदम किसानों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित राहत लेकर आएगा।
किसानों के खातों में राशि भेजने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्राधिकरण की योजना है कि अगले दो महीनों में मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाए। इस कदम से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि वर्षों से चले आ रहे संघर्ष का अंत भी होगा।
भूमि पर विकास कार्यों के लिए रास्ता साफ
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे लंबित लैंड फॉर डेवलपमेंट परियोजनाओं को अब गति मिलने वाली है। प्राधिकरण ने एलएफडी की लगभग 500 हेक्टेयर भूमि पर बड़े पैमाने पर विकास की अनुमति दे दी है। यहां आवासीय सोसाइटी, स्पोर्ट्स सिटी और व्यावसायिक केंद्र बनाए जाएंगे। इस कदम से न केवल क्षेत्र की रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। विकास परियोजनाओं के शुरू होने से आसपास की बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आएगा, जिससे निवासियों और व्यवसाय दोनों को फायदा होगा।
मुआवजा मिलने से जमीन होगी कब्जा मुक्त
किसानों को मुआवजा मिलने के बाद उनके कब्जे वाली जमीन प्राधिकरण के अधीन कर दी जाएगी। इससे क्षेत्र की जमीन पूरी तरह से कब्जा मुक्त हो जाएगी और विकास परियोजनाओं को तेजी से शुरू किया जा सकेगा। जेपी इंफ्राटेक को यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे कुल 2,500 हेक्टेयर विकसित करने का अधिकार मिला हुआ है। इनमें से तीन एलएफडी गौतमबुद्ध नगर में और एक-एक एलएफडी अलीगढ़ और आगरा में स्थित हैं। नोएडा का जेपी विश टाउन भी इसी योजना के तहत विकसित किया गया है।
यमुना सिटी में नए निवेश और रोजगार के अवसर
जैसे ही किसानों को मुआवजा मिल जाएगा, यमुना सिटी क्षेत्र में कई बड़े विकास प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। यहां ग्रुप हाउसिंग, आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक हब विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से न केवल निवेश में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस क्षेत्र में रहने वाले लोग और आसपास के गांवों के निवासी भी इसका लाभ उठा सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा और नोएडाझ्रग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच आर्थिक गतिविधियों में इजाफा करेगा।
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण का महत्वपूर्ण कदम
यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत अब तक लगभग 10,000 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। कुल मुआवजा राशि लगभग 1,689 करोड़ रुपये है। इसमें से 1,335 करोड़ रुपये सुरक्षा रियल्टी द्वारा और लगभग 355 करोड़ रुपये प्राधिकरण की ओर से भुगतान किए जाएंगे। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने सुरक्षा रियल्टी को यह राशि चार किस्तों में देने का निर्देश दिया था। कंपनी ने पहले ही 254 करोड़ रुपये प्राधिकरण को पहले किस्त के रूप में सौंप दिए हैं। अब प्राधिकरण किसानों को मुआवजा वितरित कर क्षेत्र में विकास कार्य शुरू कर सकेगा।
UP News : यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास लंबे समय से चल रहे मुआवजा विवाद का समाधान अब नजदीक है। औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सात गांवों दनकौर, जगनपुर-अफजलपुर, सलारपुर, मिजार्पुर, निलौनी शाहपुर, अच्छेजा और रौनीजा के किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये मुआवजा देने का फैसला किया है। यह कदम किसानों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित राहत लेकर आएगा।
किसानों के खातों में राशि भेजने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्राधिकरण की योजना है कि अगले दो महीनों में मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाए। इस कदम से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि वर्षों से चले आ रहे संघर्ष का अंत भी होगा।
भूमि पर विकास कार्यों के लिए रास्ता साफ
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे लंबित लैंड फॉर डेवलपमेंट परियोजनाओं को अब गति मिलने वाली है। प्राधिकरण ने एलएफडी की लगभग 500 हेक्टेयर भूमि पर बड़े पैमाने पर विकास की अनुमति दे दी है। यहां आवासीय सोसाइटी, स्पोर्ट्स सिटी और व्यावसायिक केंद्र बनाए जाएंगे। इस कदम से न केवल क्षेत्र की रियल एस्टेट वैल्यू बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। विकास परियोजनाओं के शुरू होने से आसपास की बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आएगा, जिससे निवासियों और व्यवसाय दोनों को फायदा होगा।
मुआवजा मिलने से जमीन होगी कब्जा मुक्त
किसानों को मुआवजा मिलने के बाद उनके कब्जे वाली जमीन प्राधिकरण के अधीन कर दी जाएगी। इससे क्षेत्र की जमीन पूरी तरह से कब्जा मुक्त हो जाएगी और विकास परियोजनाओं को तेजी से शुरू किया जा सकेगा। जेपी इंफ्राटेक को यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे कुल 2,500 हेक्टेयर विकसित करने का अधिकार मिला हुआ है। इनमें से तीन एलएफडी गौतमबुद्ध नगर में और एक-एक एलएफडी अलीगढ़ और आगरा में स्थित हैं। नोएडा का जेपी विश टाउन भी इसी योजना के तहत विकसित किया गया है।
यमुना सिटी में नए निवेश और रोजगार के अवसर
जैसे ही किसानों को मुआवजा मिल जाएगा, यमुना सिटी क्षेत्र में कई बड़े विकास प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। यहां ग्रुप हाउसिंग, आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और व्यावसायिक हब विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से न केवल निवेश में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस क्षेत्र में रहने वाले लोग और आसपास के गांवों के निवासी भी इसका लाभ उठा सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा और नोएडाझ्रग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच आर्थिक गतिविधियों में इजाफा करेगा।
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण का महत्वपूर्ण कदम
यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत अब तक लगभग 10,000 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। कुल मुआवजा राशि लगभग 1,689 करोड़ रुपये है। इसमें से 1,335 करोड़ रुपये सुरक्षा रियल्टी द्वारा और लगभग 355 करोड़ रुपये प्राधिकरण की ओर से भुगतान किए जाएंगे। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ने सुरक्षा रियल्टी को यह राशि चार किस्तों में देने का निर्देश दिया था। कंपनी ने पहले ही 254 करोड़ रुपये प्राधिकरण को पहले किस्त के रूप में सौंप दिए हैं। अब प्राधिकरण किसानों को मुआवजा वितरित कर क्षेत्र में विकास कार्य शुरू कर सकेगा।












