
Umesh Pal murder case : प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के जिले प्रयागराज की पुलिस शुक्रवार की शाम को बरेली सेंट्रल जेल में बंद पूर्व विधायक अशरफ को आज बी वारंट पर शहर की सीजेएम कोर्ट में पेश करेगी। सुरक्षा को देखते हुए अशरफ को रात में नहीं लाया जा सका फिलहाल पुलिस शनिवार को लाने के लिए कागजी तैयार कर रही है। वहीं बीती 28 मार्च को उमेशपाल के अपहरण में अशरफ समेत सात लोग बरी हुए थे और माफिया अतीक समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
दरअसल उमेश पाल हत्याकांड के बाद बरेली की सेंट्रल जेल का नाम जुड़ा। ऐसा इसलिए क्योंकि जेल में बाहुबली अतीक अहमद का पूर्व विधायक भाई अशरफ बंद है और माना जा रहा है कि जेल में बैठकर अशरफ ने 470 किमी दूर से उमेश की हत्या की साजिश रची। मृतक उमेश पाल प्रयागराज में 14 साल पहले हुए राजूपाल हत्याकांड में गवाह था और 24 फरवरी को पुलिस कस्टडी में प्रयागराज में हत्या कर दी गई। माफिया अतीक और उसका विधायक भाई अशरफ राजूपाल की हत्या में मुख्य आरोपी हैं।
प्रयागराज पुलिस अशरफ को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जिसके चलते कोर्ट में रिमांड पर सुनवाई है। माफिया अतीक अहमद निवासी चकिया मोहल्ला धूमनगंज प्रयागराज 1 जनवरी 2019 को देवरिया जेल से बरेली सेंट्रल जेल में प्रशासनिक आधार पर लाया गया। उसके बाद 19 अप्रैल 2019 को प्रशासनिक आधार पर नैनी जेल इलाहाबाद भेज दिया गया। इसके अलावा अतीक का भाई खालिद असीम उर्फ अशरफ को 11 जुलाई 2020 के दिन नैनी जेल प्रयागराज से बरेली सेंट्रल जेल लाया गया, जो अभी भी बरेली जेल में बंद है।
बरेली जेल में अशरफ ने शूटरों से मुलाकात की। उसके 13 दिन बाद ही यानी 24 फरवरी को प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा में उमेशपाल की हत्या कर दी। इतना ही नहीं यहां से व्हाट्सएप कॉल की गई। इसकी पुष्टि प्रयागराज में पकड़े गए आरोपी के मोबाइल नंबर से हुई है। साथ ही पूर्व विधायक अशरफ का साला सद्दाम अपने साथी लल्लागद्दी और अन्य साथियों को लेकर बरेली जेल में अशरफ से लगातार मुलाकात करता रहा। इसके अलावा बीती 11 फरवरी को बरेली जेल में अतीक के बेटे असद समेत 9 लोग बरेली जेल में अशरफ से मिले भी थे।