UP Board: यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर अनुपस्थित करीब 600 शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समय तक ड्यूटी ज्वाइन न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।

परीक्षा केवल छात्रों की नहीं होती यह पूरे शिक्षा तंत्र की परीक्षा भी होती है। जब जिम्मेदारी निभाने वाले ही अपने कर्तव्य से पीछे हटने लगें तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं के बीच ड्यूटी में लापरवाही का मामला सामने आया है। करीब 600 शिक्षक अब तक परीक्षा ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी किया है और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राकेश कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाना शिक्षकों के लिए अनिवार्य है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षकों का ड्यूटी पर न पहुंचना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। जारी निर्देश में कहा गया है कि सोमवार तक यदि संबंधित शिक्षक अपने नामित परीक्षा केंद्र पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही, संबंधित विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। अनुपस्थिति की स्थिति में विद्यालय और शिक्षक दोनों के विरुद्ध कार्रवाई संभव है।
बोर्ड परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में लापरवाही को गंभीर अपराध माना जाता है। नियमों के अनुसार, परीक्षा ड्यूटी में मनमानी करने पर एफआईआर दर्ज की जा सकती है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर दो से सात वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
डीआईओएस ने यह भी कहा कि जिन विद्यालयों के शिक्षक लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहेंगे उनकी मान्यता निरस्त करने की संस्तुति माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान तीन परीक्षा केंद्रों बप्पा श्री नरायण वोकेशनल इंटर कॉलेज, नारी शिक्षा निकेतन बालिका इंटर कॉलेज, क्वींस एंग्लो संस्कृत इंटर कॉलेज पर कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। सीट प्लान पर सम्मिलित विद्यालयों के नाम और पंजीकृत संख्या अंकित नहीं थे। केंद्र व्यवस्थापक के हस्ताक्षर और मुहर भी नहीं लगाए गए थे। परीक्षा से संबंधित रजिस्टरों पर भी आवश्यक हस्ताक्षर नहीं मिले।
इसके अलावा, केंद्रों पर ब्लैकबोर्ड तक ढके नहीं गए थे जबकि यह परीक्षा नियमों का हिस्सा है। सीसी कैमरों की दृश्यता बेहद खराब पाई गई और कंप्यूटर व माउस जैसे उपकरण भी सही ढंग से कार्य नहीं कर रहे थे। विशेष रूप से नारी शिक्षा निकेतन बालिका इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्थान पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक ड्यूटी करते मिले जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है।
उक्त तीनों केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त चेतावनी दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो टूक कहा है कि यदि दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई तो विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।