हाल ही में उत्तर प्रदेश के खास ट्रेनिंग सेंटर में नेपाल तथा श्रीलंका के 40 पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी गई है। यह ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले नेपाल तथा श्रीलंका के पुलिस अधिकारी इस ट्रेनिंग का सदुपयोग अपने-अपने देश में करेंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश में स्थापित एक खास सेंटर में विदेशों के पुलिस अधिकारियों को ट्रेंड किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में विदेशों के पुलिस अधिकारियों को आतंकवाद से लडऩे की अत्याधुनिक ट्रेनिंग दी जा रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के खास ट्रेनिंग सेंटर में नेपाल तथा श्रीलंका के 40 पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी गई है। यह ट्रेनिंग प्राप्त करने वाले नेपाल तथा श्रीलंका के पुलिस अधिकारी इस ट्रेनिंग का सदुपयोग अपने-अपने देश में करेंगे।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में केन्द्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान मौजूद है। इस ट्रेनिंग सेंटर का पूरा नाम (CDTI) है। इस ट्रेनिंग सेंटर को CDTI के नाम से पहचाना जाता है। इस ट्रेनिंग सेंटर CDTI में भारत ही नहीं विदेशों के पुलिस अधिकारियों को भी खास प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है। हाल ही में 5 जनवरी 2026 से लेकर 9 जनवरी 2026 तक CDTI में 40 विदेशी पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्था (Central Detective Training Institute-Ghaziabad) में श्रीलंका और नेपाल के पुलिस अधिकारियों के लिए 5 जनवरी से 9 जनवरी तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। CDTI कैंपस में ITEC प्रोग्राम के तहत पांच दिवसीय “Counter Voilent Extremism And De-Radicilization” पर प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (Bureau of Police Research and Development) के निर्देश पर आयोजित किया गया। भविष्य में आतंकवाद और ऑनलाइन रेडिकीलाइजेशन को कैसे रोका जा सकता है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके इसपर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस ट्रेनिंग में कुल 40 पुलिस अधिकारी शामिल रहे. इसमें से 25 पुलिस अधिकारी नेपाल और 15 पुलिस अधिकारी श्रीलंका से हैं। सभी राजपत्रित अधिकारी हैं। ट्रेनिंग में शामिल पुलिस अधिकारियों को डेढ़ से दो दशक का अनुभव है। प्रशिक्षण लेने के बाद नेपाल और श्रीलंका से आए पुलिस अधिकारी अपने देश में अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण में मिली तमाम जानकारियां को उपलब्ध कराएंगे।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नेपाल और श्रीलंका से आए पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभवों को भी साझा किया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान नेपाल और श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों को प्रधानमंत्री संग्रहालय, लाल किला और अक्षरधाम मंदिर का भ्रमण कराया गया। CDTI अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा समय में ऑनलाइन रेडिकीलाइजेशन हो रहा है, जिसके तहत लोन वुल्फ अटैक किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी इसी तरह के अटैक देखे गए हैं। आसपास के देशों में भी इस तरह के अटैक्स हो रहे हैं। ट्रेनिंग का मकसद पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान आतंकवाद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए रणनीतियों के बारे में भी प्रशिक्षार्थियों को बताया गया. केस स्टडी के माध्यम से भी समझाया गया कि आतंकवाद के खतरों का सामना कैसे करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात नेपाल और श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों को अपने देश में प्रभावी ढंग से सुरक्षा और शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी। UP News