बात घर की चारदीवारी तक सीमित न रहकर सीधे सहजनवां थाने पहुंच गई, जहाँ दो दिनों तक पंचायतें, समझौते और समझाने–बुझाने की कोशिशें होती रहीं, लेकिन बावजूद इसके उत्तर प्रदेश की इस शादी का विवादित अध्याय सुलझने के बजाय और उलझता ही नजर आ रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक अजीबोगरीब वैवाहिक विवाद सुर्खियों में आ गया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बेलीपार की रहने वाली एक नवविवाहिता ने सुहागरात के महज अगले ही दिन पति पर ‘शारीरिक रूप से अक्षम’ होने का गंभीर आरोप जड़ दिया और साफ़ शब्दों में तलाक की मांग कर दी। बात घर की चारदीवारी तक सीमित न रहकर सीधे सहजनवां थाने पहुंच गई, जहाँ दो दिनों तक पंचायतें, समझौते और समझाने–बुझाने की कोशिशें होती रहीं, लेकिन बावजूद इसके उत्तर प्रदेश की इस शादी का विवादित अध्याय सुलझने के बजाय और उलझता ही नजर आ रहा है।
परिजनों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रहने वाले बीटेक पास युवक की बारात पूरे शानो–शौकत के साथ बेलीपार इलाके पहुँची थी और सात फेरे भी सभी रीति–रिवाजों के साथ संपन्न हुए। लेकिन शादी की पहली रात के बाद ही कहानी ने अचानक यू–टर्न ले लिया। नवविवाहिता का कहना है कि दूल्हा शारीरिक रूप से पूरी तरह सक्षम नहीं है और यह बड़ी सच्चाई उससे और उसके परिवार से छुपाकर उत्तर प्रदेश में इस रिश्ते को ज़बरन अंजाम तक पहुंचाया गया। दुल्हन के पिता ने इसे साफ–साफ धोखाधड़ी करार देते हुए सहजनवां थाने में लिखित तहरीर दे दी, जिसके बाद मामला घर की दहलीज़ से निकलकर सीधे पुलिस और क़ानून की चौखट तक जा पहुँचा।
शिकायत थाने पहुँचते ही सहजनवां पुलिस ने उत्तर प्रदेश में प्रचलित सामाजिक परंपरा के मुताबिक पहले मामला आपसी बातचीत से निपटाने की कोशिश शुरू की। दोनों पक्षों को कभी थाने तो कभी पंचायतनुमा बैठकों में आमने–सामने बिठाकर दो दिनों तक लगातार समझाइश का दौर चला। इस दौरान दूल्हा पक्ष बार–बार आरोपों को बेबुनियाद बताकर शादी बचाने और समझौते की बात करता रहा, जबकि दुल्हन पक्ष तलाक की ज़िद पर अड़ा रहा और किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ। माहौल गर्माता देख आखिरकार दोनों परिवारों की सहमति से दूल्हे का मेडिकल परीक्षण कराया गया, ताकि कागज़ों और रिपोर्ट के ज़रिए सच सामने लाया जा सके और उत्तर प्रदेश की इस तकरार भरी शादी पर कुछ तस्वीर साफ हो सके।
सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद दुल्हन पक्ष ने तलाक की अपनी मांग और तेज कर दी है। उनका कहना है कि शादी से पहले अगर दूल्हे के स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता की सच्चाई बताई जाती, तो वे यह रिश्ता कभी तय नहीं करते। फिलहाल, दुल्हन पक्ष किसी भी कीमत पर वैवाहिक संबंध जारी रखने के लिए तैयार नहीं है और तलाक की कानूनी प्रक्रिया पर जोर दे रहा है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में उठे इस अनोखे वैवाहिक विवाद पर सहजनवां थाने के प्रभारी निरीक्षक महेश चौबे ने बताया कि बेलीपार क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के दूल्हे की शारीरिक क्षमता पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। चौबे के अनुसार, दोनों पक्षों को लगातार बैठाकर बातचीत कराई जा रही है, वहीं दूल्हे का मेडिकल परीक्षण कराई गई रिपोर्ट को आगे विशेषज्ञ जांच के लिए भेजा गया है, ताकि उसकी वैधता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अगर आपसी सहमति से कोई रास्ता नहीं निकलता, तो उत्तर प्रदेश के क़ानून के तहत अगला कदम उठाया जाएगा। थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला भले संवेदनशील हो, लेकिन फिलहाल जिले में कानून–व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और गोरखपुर पुलिस इसे एक नियमित कानूनी प्रक्रिया की तरह ही संभाल रही है। UP News