नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश में PAN के बिना रजिस्ट्री का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। इसे सख्ती से लागू कराने के लिए महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी जनपदों के निबंधन अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में घर, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए नियम और कड़े कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति लेनदेन को अधिक पारदर्शी बनाने और वित्तीय गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए आधार के बाद अब पैन कार्ड को भी अनिवार्य कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश में PAN के बिना रजिस्ट्री का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। इसे सख्ती से लागू कराने के लिए महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी जनपदों के निबंधन अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी चिंता उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में रजिस्ट्री मामलों की अचानक बढ़ी रफ्तार को माना जा रहा है। शासन स्तर पर हुई पड़ताल में संकेत मिले हैं कि सीमावर्ती इलाकों में कुछ सौदों में लेनदेन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका भी बढ़ी है। इसी कारण अब यूपी सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री PAN के बिना पूरी नहीं होगी ताकि हर सौदे की पहचान, रिकॉर्ड और ट्रेसिंग मजबूत हो और संदिग्ध निवेश पर समय रहते शिकंजा कसा जा सके।
महानिरीक्षक निबंधन के नए निर्देशों के बाद अब यूपी में रजिस्ट्री की मेज पर PAN की ऑनलाइन जांच अनिवार्य हो गई है। उत्तर प्रदेश के सभी सहायक महानिरीक्षक और उप निबंधक यह सुनिश्चित करेंगे कि रजिस्ट्री कराने वाले हर पक्षकार का PAN नंबर सिस्टम में दर्ज होने के साथ ही सत्यापित किया जाए। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में PAN कॉलम को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं विभाग के रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर में रियल-टाइम वेरिफिकेशन की सुविधा पहले से जोड़ दी गई है, ताकि फर्जी दस्तावेज, गलत जानकारी या संदिग्ध पहचान वाले मामलों को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।
उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही रजिस्ट्री में आधार लिंकिंग को अनिवार्य कर चुकी है। अब PAN जोड़ने से सरकार का दावा है कि बेनामी संपत्तियों, फर्जी दस्तावेजों और काले धन के निवेश पर प्रभावी नियंत्रण होगा। विभागीय मंत्री रवींद्र जायसवाल का कहना है कि प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का मजबूत होना जरूरी है और यह कदम उसी दिशा में है।
इस नए नियम के लागू होते ही उन लोगों पर सबसे पहले दबाव बढ़ेगा जो अब तक अधूरी पहचान, संदिग्ध कागज़ात या आय का स्रोत छिपाकर प्रॉपर्टी में निवेश का रास्ता तलाशते रहे हैं। अब रजिस्ट्री की हर कड़ी में डिजिटल जांच जुड़ने से ऐसे सौदों के लिए गुंजाइश कम होगी। वहीं आम खरीदारों के लिए सरकार इसे सुरक्षित और भरोसेमंद रजिस्ट्री सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। UP News