चीनी मांझे को लेकर अखिलेश ने कसा तंज, कहा-कटी पतंग में चीनी मांझा

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उनके घर के पास पीछे की ओर से उड़कर आई एक कटी हुई पतंग में उन्हें चीनी मांझा लगा हुआ प्रतीत हुआ।

cheeni manjha
प्रदेश में प्रतिबंधित चीनी मांझे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 03:20 PM
bookmark

UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में प्रतिबंधित चीनी मांझे को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। शनिवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उनके घर के पास पीछे की ओर से उड़कर आई एक कटी हुई पतंग में उन्हें चीनी मांझा लगा हुआ प्रतीत हुआ। अखिलेश यादव ने वीडियो के साथ लिखा कि यह पतंग किसी अन्य मकान से कटकर उनके यहाँ आ गिरी है और उसमें इस्तेमाल किया गया मांझा बेहद खतरनाक दिख रहा है। उनका इशारा इस ओर था कि प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा सामग्री अब भी खुले या छिपे तौर पर इस्तेमाल की जा रही है।

सरकार ने चीनी मांझे से होने वाली मौतों को लेकर बेहद कठोर रुख अपनाया

यह प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने चीनी मांझे से होने वाली मौतों को लेकर बेहद कठोर रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि किसी व्यक्ति की जान चीनी मांझे के कारण जाती है, तो उस घटना को साधारण हादसा नहीं बल्कि हत्या की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी घटना की जिम्मेदारी सीधे तौर पर पुलिस और जिला प्रशासन की होगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चीनी मांझा पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुका

मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में चीनी मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत थोक विक्रेताओं, गोदामों, परिवहन साधनों और आनलाइन माध्यमों से हो रही बिक्री की गहन जांच की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में कहीं भी चीनी मांझा उपलब्ध न हो। गौरतलब है कि चीनी मांझा पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुका है, जिससे राह चलते लोग, दोपहिया वाहन चालक और बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसी वजह से प्रशासन इसे लेकर अब किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

लखनऊ में बसपा की अहम बैठक, मायावती ने 2027 को लेकर दिया सख्त संदेश

पार्टी प्रमुख मायावती ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि बीते वर्षों में केंद्र और राज्य की सरकारें आम जनता की वास्तविक समस्याओं से लगातार मुंह मोड़ती रही हैं।

mayavati (2)
मायावती
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 02:22 PM
bookmark

UP News : बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को गति देने के लिए संगठनात्मक स्तर पर हलचल तेज कर दी है। इसी क्रम में पार्टी प्रमुख मायावती ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि बीते वर्षों में केंद्र और राज्य की सरकारें आम जनता की वास्तविक समस्याओं से लगातार मुंह मोड़ती रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, शोषित, वंचित वर्गों के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय और अन्य अल्पसंख्यक आज भी कठिन हालात से जूझ रहे हैं। किसानों और व्यापारियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है, लेकिन सरकारों का ध्यान इन वर्गों पर नहीं गया।

अधिकांश राजनीतिक दल जाति और धर्म के सहारे राजनीति चमकाने में लगे

अधिकांश राजनीतिक दल जनहित के मुद्दों पर काम करने के बजाय जाति और धर्म के सहारे अपनी राजनीति चमकाने में लगे

मायावती ने आरोप लगाया कि अधिकांश राजनीतिक दल जनहित के मुद्दों पर काम करने के बजाय जाति और धर्म के सहारे अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। इसके कारण समाज में आपसी सौहार्द कमजोर हो रहा है और नफरत का माहौल बन रहा है, जो देश के लिए घातक है।

विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए षड्यंत्र रच रहे

उन्होंने पार्टी नेताओं को आगाह करते हुए कहा कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र रच रहे हैं। ऐसे में संगठन को मजबूत रखने और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने की जरूरत है। जिन कार्यों में रुकावट आई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। संसद की कार्यवाही पर भी मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय आपसी आरोप-प्रत्यारोप में उलझे हुए हैं। यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। टैरिफ जैसे गंभीर राष्ट्रीय विषयों पर स्पष्टता जरूरी थी, लेकिन राजनीतिक टकराव के कारण इन मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया गया। मायावती ने जोर देकर कहा कि संसद और सरकारों को संविधान की मर्यादा का पालन करते हुए जनता के हित में काम करना चाहिए, न कि राजनीतिक दिखावे में समय गंवाना चाहिए।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश में घर बनाना हुआ आसान, नहीं लगाने होंगे नगर निगम के चक्कर

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इन्हीं व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए अब नियमों की दोबारा समीक्षा कर बदलाव किए जाएंगे। सरकार ने बॉयलाज में संशोधन के लिए पांच सदस्यीय समिति बना दी है। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रस्ताव तैयार होंगे और उन्हें मंत्रीमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

उत्तर प्रदेश में घर बनाना होगा सरल
उत्तर प्रदेश में घर बनाना होगा सरल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Feb 2026 12:30 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश के घर बनाने वालों के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश में अब मकान का नक्शा पास कराने या भू-उपयोग (लैंड यूज) में बदलाव के लिए नोएडा-गाजियाबाद से लेकर लखनऊ-कानपुर तक नागरिकों को बार-बार नगर निगम और विकास प्राधिकरण के दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। योगी सरकार भवन निर्माण से जुड़ी मंजूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने बॉयलाज और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन में बदलाव का फैसला लिया है, ताकि फैसले तय समय में हों, नियमों की उलझन कम हो और उत्तर प्रदेश के आम नागरिकों को सीधी राहत मिल सके।

नक्शा-लैंड यूज की उलझन होगी खत्म

अब तक उत्तर प्रदेश के कई शहरों में नक्शा पास कराने और लैंड यूज बदलने की प्रक्रिया काफी जटिल मानी जाती रही है। अलग-अलग मामलों में स्थानीय विकास प्राधिकरण, नगर निगम और जोनिंग नियमों के अनुसार निर्णय होते थे। पिछले साल लागू बॉयलाज में भी कई खामियां सामने आईं, जिनसे आम लोगों को दस्तावेज़ों, शर्तों और अनुमतियों के नाम पर लंबी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इन्हीं व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए अब नियमों की दोबारा समीक्षा कर बदलाव किए जाएंगे। सरकार ने बॉयलाज में संशोधन के लिए पांच सदस्यीय समिति बना दी है। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रस्ताव तैयार होंगे और उन्हें मंत्रीमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही नए नियम लागू किए जाएंगे। समिति का नेतृत्व लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष करेंगे। विभाग के मुताबिक इससे प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी और अनावश्यक अड़चनें हटेंगी।

समिति में कौन-कौन शामिल

बॉयलाज संशोधन समिति में वरिष्ठ स्तर के अधिकारी शामिल किए गए हैं। अध्यक्ष के अलावा समिति में—

  1. ग्राम्य विकास से जुड़े अधिकारी
  2. लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद के मुख्य नगर नियोजक,
  3. मुख्य वास्तुविद,
  4. निदेशक, आवास विकास परिषद,
  5. निदेशक, आवास बोर्ड
  6. सदस्य के रूप में रहेंगे।

समिति क्या करेगी

समिति की भूमिका सिर्फ कागजी समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे यूपी के शहरी नियमों का प्रैक्टिकल ऑडिट माना जा रहा है। समिति मौजूदा बॉयलाज की हर शर्त को जमीन पर लागू होने की कसौटी पर परखेगी, आदर्श जोनिंग रेगुलेशन की बारीकी से जांच करेगी और उन अड़चनों को चिन्हित करेगी, जो आम नागरिक को नक्शा पास कराने के लिए बार-बार दफ्तरों की सीढ़ियां चढ़ने पर मजबूर करती हैं। इसके बाद जनता के हित में जरूरी बदलावों की सिफारिश सरकार को दी जाएगी ताकि लाभकारी नियम सीधे लागू हों और प्रक्रिया में पारदर्शिता आए।

नए नियम लागू हुए तो आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा

सरकार का कहना है कि नए बदलाव लागू होते ही आम नागरिक को सबसे बड़ा फायदा समय और राहत के रूप में मिलेगा। नक्शा पास कराने की प्रक्रिया तेज होगी, नियमों की उलझन कम होगी और फाइलें महीनों तक दफ्तरों में धूल नहीं खाएंगी। साथ ही अनावश्यक देरी, बार-बार बुलावा और दौड़-भाग वाली व्यवस्था पर भी लगाम लगेगी। प्रशासन का दावा है कि प्रक्रिया जितनी ज्यादा सरल और पारदर्शी होगी, उतनी ही भ्रष्टाचार की गुंजाइश घटेगी और लोगों का काम बिना सिफारिश और बिना अतिरिक्त खर्च के तय समय में हो सकेगा। UP News

संबंधित खबरें