अखिलेश ने यादव जी की लव स्टोरी के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला

अखिलेश यादव ने माघ मेले में कथित रूप से बटुकों के अपमान के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। रायबरेली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अपमान हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

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समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar20 Feb 2026 06:51 PM
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UP News : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने माघ मेले में कथित रूप से बटुकों के अपमान के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। रायबरेली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अपमान हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

माघ मेले की घटना पर सरकार से सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम का यह कहना पर्याप्त नहीं है कि अपमान करने वालों को पाप लगेगा। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि जब सरकार में दो-दो उपमुख्यमंत्री हैं तो फिर दोषियों को सजा दिलाने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री विदेश यात्रा पर जाते हैं तो क्या डिप्टी सीएम वहां भी धरना देने पहुंचेंगे?

यादव जी की लव स्टोरी पर राजनीतिक बयान

एक कथित फिल्म यादव जी की लव स्टोरी को लेकर भी सपा प्रमुख ने बीजेपी पर निशाना साधा। उनका कहना था कि यह दरअसल बीजेपी की लव स्टोरी है और इसके जरिए एक समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी फिल्मों के माध्यम से समाज विशेष को अपमानित करने की कोशिशें हुई हैं।

मुख्यमंत्री की जापान यात्रा पर तंज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित जापान यात्रा पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी जरूर देखें। उनका इशारा वाराणसी को क्योटो मॉडल पर विकसित करने के दावों की ओर था। उन्होंने कहा कि विदेश से विरासत संरक्षण और शहरों के विकास का सबक लेकर आना चाहिए।

मनसुख-पर्यटन वाला बयान

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री की यात्रा को मनसुख-पर्यटन करार देते हुए कहा कि कार्यकाल के अंतिम चरण में इस तरह की यात्राओं से क्या ठोस योजना बन पाएगी, यह देखने वाली बात होगी। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर सरकार इसे अध्ययन यात्रा मानती है तो जनता को उसका स्पष्ट लाभ भी दिखना चाहिए। इस पूरे बयान के जरिए सपा प्रमुख ने कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक सम्मान और विकास मॉडल जैसे मुद्दों पर बीजेपी सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।


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उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों को योगी सरकार ने दिया तोहफा

लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों को अब बड़ी राहत मिली है। विधानसभा में घोषणा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये करने का ऐलान किया।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar20 Feb 2026 06:04 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों को अब बड़ी राहत मिली है। विधानसभा में घोषणा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये करने का ऐलान किया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब शिक्षामित्र लगातार अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार से गुहार लगा रहे थे। बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच पूर्व में मिलने वाला मानदेय उनके लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा था। सरकार के इस निर्णय को उनकी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है पूरा निर्णय?

* शिक्षामित्रों को पहले लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था।

* अब इसे बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

* इस फैसले से राज्य के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

* सरकार ने यह घोषणा विधानसभा सत्र के दौरान की, जिससे इसे आधिकारिक मंजूरी का संकेत माना जा रहा है।

शिक्षामित्रों की पृष्ठभूमि

शिक्षामित्रों की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य में सहयोग के लिए की गई थी। वर्षों से वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का काम कर रहे हैं। हालांकि, नियमित शिक्षकों की तुलना में उनका मानदेय काफी कम रहा है, जिस कारण समय-समय पर वे वेतन वृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार की मांग उठाते रहे हैं।

फैसले का प्रभाव

* बढ़ा हुआ मानदेय शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद करेगा।

* इससे उनके मनोबल में वृद्धि होने की संभावना है, जिसका सकारात्मक असर शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

* त्योहार से पहले आई इस घोषणा को सरकार की ओर से बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है।

राज्य सरकार का यह कदम शिक्षामित्रों के लंबे संघर्ष के बाद आया निर्णय माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़ा हुआ मानदेय कब से प्रभावी होगा और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया क्या होगी।


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राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयन्त चौधरी पर राकेश टिकैत का बड़ा बयान

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि मीठे को लेकर जयन्त चौधरी ने कुछ भी गलत नहीं कहा है। राकेश टिकैत ने साफ कहा है कि RLD तथा भारतीय किसान यूनियन के बीच कोई भी विवाद नहीं है। कुछ लोग जबरन भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।

राकेश टिकैत
राकेश टिकैत
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar20 Feb 2026 03:50 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) एक प्रमुख राजनीतिक दल है। RLD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयन्त चौधरी हैं। RLD के अध्यक्ष जयंत चौधरी को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि मीठे को लेकर जयन्त चौधरी ने कुछ भी गलत नहीं कहा है। राकेश टिकैत ने साफ कहा है कि RLD तथा भारतीय किसान यूनियन के बीच कोई भी विवाद नहीं है। कुछ लोग जबरन भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।

नरेश टिकैत ने दिया था मीठे तथा ततैयां का उदाहरण

आपको बता दें कि भारतीय किसान यूनियन (BKU) अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के मुद्दे पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। इसी आंदोलन की तैयारी के लिए उत्तर प्रदेश के सिसौली नगर में BKU की पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में RLD के मुखिया जयन्त चौधरी का जिक्र करते हुए BKU के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि जयन्त चौधरी सरकार में हैं। इस कारण उन्हें तो सरकार के पक्ष में ही बोलना पड़ेगा। नरेश टिकैत ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हलवाई की दुकान पर बैठा ततैयां हलवाई को नहीं काटता, बल्कि मिठाई पर बैठा रहता है और हलवाई उसे हटाता रहता है। उसी तरह जयन्त भी सरकार के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते। वे इस मामले में कुछ न बोलें तो ही अच्छा है। इसपर जयन्त का पलटवार आया। जयन्त ने इंटरनेट मीडिया हैंडल पर लिखा कि ''जो हलवाई और ततैया का किस्सा सुना रहे हैं उन्हें बता दूं, मुझे मीठे का कोई शौक नहीं''! 

जयन्त से पुराना रिश्ता है

इस बीच एक पत्रकार के सवाल के जवाब में नरेश टिकैत ने जयन्त चौधरी के साथ पुराना रिश्ता भी बताया। पत्रकार के सवाल के जवाब में नरेश ने कहा कि जयन्त चौधरी को सरकार की बात कहनी पड़ेगी। यह तो उनकी मजबूरी है। लेकिन उनकी सलाह है कि वे इस मामले में न पड़ें। जयन्त उनसे छोटे हैं। उनका इस परिवार से चौ. चरण सिंह के समय से रिश्ता रहा है। उनकी सलाह है कि वे इस झंझट में न पड़ें। अपना काम करते रहें, नहीं तो सरकार उन्हें कहीं का नहीं छोड़ेगी। वे समझौते के पक्ष में बोलेंगे तो किसानों के बुरे बन जाएंगे और विरोध में बोलेंगे तो सरकार के, इसलिए वे चुप रहें। बता दें कि ट्रेड डील पर केंद्रीय राज्यमंत्री एवं रालोद अध्यक्ष जयन्त चौधरी देश के किसानों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह समझौता किसानों के फायदे का है। उन्होंने पिछले दिनों एक मंच से यह भी कहा था कि अगर कुछ गलत होता है तो ''मैं हूं ना''।

राकेश टिकैत ने कहा कि हम एक हैं

सोशल मीडिया पर मीठे वाले बयान पर बहस छिड़ी हुई है। इस दौरान बीकेयू (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम एक हैं। मीडिया जयन्त को लेकर उनसे सवाल न करे। जयन्त न तो कृषि मंत्री हैं और न ही प्रधानमंत्री। कोई कहीं भी रहे हम एक हैं। दिल्ली के चारों तरफ हैं। और जयन्त ने कोई गलत बयान नहीं दिया। जयन्त ने सही कहा कि उन्हें मीठे से कोई लगाव नहीं है। मीठे का मतलब सरकार। जब जरूरत होगी वो फिर जनता के बीच होंगे। जनता भ्रमित न हो। UP News

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