Monday, 24 June 2024

प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर ना हो राजनीति, बोले राम मंदिर के ट्रस्टी वासुदेवानंद

UP News / प्रयागराज। श्रीमद्ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में भव्य मंदिर भगवान राम…

प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर ना हो राजनीति, बोले राम मंदिर के ट्रस्टी वासुदेवानंद

UP News / प्रयागराज। श्रीमद्ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में भव्य मंदिर भगवान राम का बनकर तैयार हो गया है। अब 22 जनवरी को मंदिर में भगवान श्रीराघवेंद्र सरकार की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली हैं, तो कुछ लोगों के बोल बिगड़ रहे हैं। मैं तो यही कहूंगा कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि प्रदान करें और वे देश व राष्ट्र के उत्थान के लिए कार्य करें।

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श्री स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने एक अनौपचारिक भेंट में कहा कि भगवान राम का मंदिर और अयोध्या नगरी कई बार सदियों से बनती व बिगड़ती रही। भगवान राम जब अपने धाम को जाने लगे तो अपने दोनों पुत्रों को लव और कुश को राज दिया। कुश को उत्तर दिशा और लव को दक्षिण दिशा का राज दिया जो कौशल राज्य कहलाया। भव्य मंदिर अयोध्या में एक बार महाराज कुश ने बनवाया। इस प्रकार अयोध्या पर कुल 43 राजाओं ने राज किया। अंतिम राजा विक्रमादित्य थे। कालांतर में मुगलों के शासनकाल में बाबर ने मंदिर तुड़वाकर मस्जिद का रूप दिया।

स्वामी जी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से भव्य मंदिर का निर्माण हुआ, किंतु इस मंदिर के लिए हजारों वर्षों के संघर्ष और लोगों के प्राणों की आहुति देने के बाद यह अवसर प्राप्त हुआ है। इस अवसर को सभी राम भक्तों को छोड़ना नहीं चाहिए। हम सभी राम के हैं और राम हमारे सभी जनों के हैं। इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले के राजा लोग रात्री भ्रमण कर अपनी प्रजा का हाल-चाल लेते थे, ऐसे ही एक रात्री भ्रमण करते हुए राजा कुश को एक स्त्री रोती बिलखती मिली। राजा ने पूछा तो स्त्री ने कहा कि मैं अयोध्या की अधिष्ठात्री देवी हूँ। अयोध्या की हालत ठीक नहीं है। मैं तुम्हें लेने आई हूं। तुम अयोध्या चलो, देवी के कहने पर कुश अयोध्या पधारे और अयोध्या को फिर से बसाया। इस प्रकार अयोध्या कई बार बनी वह बिगड़ी। अयोध्या के अंतिम शासक उज्जैन के राजा विक्रमादित्य थे।

एक सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा में भाग लूंगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्टी सदस्य होने के नाते मुझे तो भाग लेना ही है, किंतु मैं सभी राम भक्तों से कहूंगा कि सभी 22 जनवरी के बाद रामलला का दर्शन करें राम जन्म भूमि को आजाद कराने और भव्य मंदिर का निर्माण कराने में केंद्र सरकार ने बहुत ही प्रशंसनीय कार्य किया है। सभी हमारे साधु संतों का भी अथक प्रयास रहा है। एक अन्य सवाल के जवाब में स्वामी जी ने कहा कि यह भगवान राम का मंदिर पूरे विश्व में अपना प्रभाव डालेगा। पूरी दुनिया से लोग इसे देखने आएंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन का मामला है, तो चंपत राय जी जो ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं मैं उन्हें पिछले 30 वर्षों से जानता हूं जमीन के मामले में कोई घपला नहीं हुआ है।

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