क्या ये बड़ी मंदी की आहट है? बाजार में अचानक आई तूफानी गिरावट
Stock Market Crash: अमेरिका से लेकर भारत तक शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है। सेंसेक्स करीब 800 अंक और निफ्टी 200 अंक से अधिक टूट गया है जबकि आईटी सेक्टर के बड़े शेयर जैसे TCS, Infosys और HCL Tech में 5-6 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है।

हाल ही में वैश्विक शेयर बाजारों में अचानक और तेज गिरावट देखी गई है। अमेरिका के बाजारों से लेकर भारत तक निवेशकों के लिए यह संकटपूर्ण समय बन गया है। भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स लगभग 800 अंक टूटकर 82,902.73 पर और निफ्टी 200 अंकों की गिरावट के साथ 25,606.90 पर कारोबार कर रहा था। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी नई तकनीकों का प्रभाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI अब सिर्फ तकनीकी कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि यह वैश्विक स्तर पर विभिन्न उद्योगों के बिजनेस मॉडल पर असर डाल रहा है।
IT सेक्टर पर पड़ा गिरावट के सबसे बड़ा असर
भारतीय बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा असर IT सेक्टर पर पड़ा है। Infosys के शेयर लगभग 6% तक गिर गए हैं वहीं TCS में 5% से अधिक, HCL टेक में 4.14% और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3% की गिरावट देखी गई। BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयरों में गिरावट रही जबकि केवल 6 शेयर मामूली तेजी पर बंद हुए। कुल 3,337 BSE शेयरों में से 2,327 शेयर गिरावट पर और 847 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा 41 शेयर 52 सप्ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्ताह के लोअर स्तर पर पहुंचे।
अमेरिकी बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट
वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों की चिंता बढ़ी है। अमेरिकी बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। Dow Jones 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98 पर बंद हुआ Nasdaq में सबसे ज्यादा गिरावट 2.03% या 469.32 अंक रही और S&P 500 इंडेक्स 1.57% या 108.71 अंक गिरकर 6,832.76 पर क्लोज हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी बाजार में हुई इस गिरावट से लगभग एक ट्रिलियन डॉलर (करीब 90 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति घट गई है।
वैश्विक बाजार में क्यों आई गिरावट?
विशेषज्ञों का कहना है कि AI टूल्स के तेजी से बढ़ते उपयोग से पारंपरिक व्यवसायों पर दबाव बढ़ रहा है। खासकर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर सेक्टर में इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। निवेशक डर रहे हैं कि नई AI तकनीकें कंपनियों के मुनाफे पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में अचानक गिरावट आई है और भारतीय बाजार भी इसका असर झेल रहा है।
निवेशकों के लिए सलाह
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस समय जल्दबाजी में शेयर बेचने के बजाय सतर्क रहें और बाजार की लंबी अवधि की संभावनाओं पर ध्यान दें। विशेषज्ञ मानते हैं कि AI का प्रभाव भविष्य में स्थायी रहेगा, लेकिन फिलहाल यह केवल संभावित अस्थिरता का संकेत दे रहा है।
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने योग्यत वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।)
हाल ही में वैश्विक शेयर बाजारों में अचानक और तेज गिरावट देखी गई है। अमेरिका के बाजारों से लेकर भारत तक निवेशकों के लिए यह संकटपूर्ण समय बन गया है। भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स लगभग 800 अंक टूटकर 82,902.73 पर और निफ्टी 200 अंकों की गिरावट के साथ 25,606.90 पर कारोबार कर रहा था। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी नई तकनीकों का प्रभाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI अब सिर्फ तकनीकी कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि यह वैश्विक स्तर पर विभिन्न उद्योगों के बिजनेस मॉडल पर असर डाल रहा है।
IT सेक्टर पर पड़ा गिरावट के सबसे बड़ा असर
भारतीय बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा असर IT सेक्टर पर पड़ा है। Infosys के शेयर लगभग 6% तक गिर गए हैं वहीं TCS में 5% से अधिक, HCL टेक में 4.14% और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3% की गिरावट देखी गई। BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयरों में गिरावट रही जबकि केवल 6 शेयर मामूली तेजी पर बंद हुए। कुल 3,337 BSE शेयरों में से 2,327 शेयर गिरावट पर और 847 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा 41 शेयर 52 सप्ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्ताह के लोअर स्तर पर पहुंचे।
अमेरिकी बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट
वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों की चिंता बढ़ी है। अमेरिकी बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। Dow Jones 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98 पर बंद हुआ Nasdaq में सबसे ज्यादा गिरावट 2.03% या 469.32 अंक रही और S&P 500 इंडेक्स 1.57% या 108.71 अंक गिरकर 6,832.76 पर क्लोज हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी बाजार में हुई इस गिरावट से लगभग एक ट्रिलियन डॉलर (करीब 90 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति घट गई है।
वैश्विक बाजार में क्यों आई गिरावट?
विशेषज्ञों का कहना है कि AI टूल्स के तेजी से बढ़ते उपयोग से पारंपरिक व्यवसायों पर दबाव बढ़ रहा है। खासकर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर सेक्टर में इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। निवेशक डर रहे हैं कि नई AI तकनीकें कंपनियों के मुनाफे पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में अचानक गिरावट आई है और भारतीय बाजार भी इसका असर झेल रहा है।
निवेशकों के लिए सलाह
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस समय जल्दबाजी में शेयर बेचने के बजाय सतर्क रहें और बाजार की लंबी अवधि की संभावनाओं पर ध्यान दें। विशेषज्ञ मानते हैं कि AI का प्रभाव भविष्य में स्थायी रहेगा, लेकिन फिलहाल यह केवल संभावित अस्थिरता का संकेत दे रहा है।
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने योग्यत वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।)












