PhonePe IPO में कौन-कौन बेच रहा है शेयर? यहां देखें पूरी डिटेल
PhonePe ने SEBI से IPO के लिए मंजूरी ले ली है और यह केवल ऑफर‑फॉर‑सेल (OFS) आधारित होगा। इस IPO में Walmart, Microsoft और Tiger Global अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। PhonePe की वित्तीय स्थिति मजबूत है, रेवेन्यू लगातार बढ़ रहा है और घाटा घट रहा है।

डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी PhonePe अब अपने आईपीओ (IPO) की तैयारी में है। SEBI ने 20 जनवरी 2026 को PhonePe का कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) मंजूर किया है। इस IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे और केवल ओफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। OFS में कुल 5.06 करोड़ शेयर शामिल होंगे और IPO से मिलने वाली पूरी राशि सीधे शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।
2025 में जमा किया था कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट
PhonePe ने पहले ही सितंबर 2025 में SEBI को कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट जमा किया था। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग से पहले अपने संवेदनशील बिजनेस और वित्तीय आंकड़ों को गोपनीय रखने की सुविधा देता है। इससे कंपनियां प्रतियोगियों को महत्वपूर्ण जानकारी बताए बिना IPO प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।
कौन बेचेगा कितने शेयर?
सबसे बड़ा शेयरहोल्डर WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स है जो Walmart इंटरनेशनल की कंपनी है। इसके पास PhonePe में 71.77% हिस्सेदारी है और यह IPO में 4.59 करोड़ शेयर बेच रही है जो कंपनी की कुल पेड अप इक्विटी का 9.06% है। इसके अलावा Tiger Global PIP 9-1 और Microsoft Global Finance Unlimited कुल 47.17 लाख शेयर बेचेंगे। Microsoft Global Finance, Microsoft Corporation की सब्सिडियरी है। इसके अलावा, General Atlantic Singapore PPIL 8.98% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा पब्लिक शेयरहोल्डर है जबकि Headstand के पास 5.73% हिस्सेदारी है। Rebit Capital, TVS Capital, Tencent और Qatar Investment Authority भी PhonePe के निवेशक हैं।
लगातार बढ़ रही कंपनी की ग्रोथ
PhonePe की वित्तीय स्थिति भी काफी महत्वपूर्ण है। अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹1,444.4 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में घाटा ₹1,203.2 करोड़ था। हालांकि, ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 22.2% बढ़कर ₹3,918.5 करोड़ हो गया जो एक साल पहले ₹3,207.5 करोड़ था। वित्त वर्ष 2025 में PhonePe का कुल घाटा ₹1,727.4 करोड़ रहा जबकि रेवेन्यू 40.5% बढ़कर ₹7,114.8 करोड़ हो गया। ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी की ग्रोथ लगातार बढ़ रही है और घाटा धीरे-धीरे कम हो रहा है।
नहीं जारी होंगे नए शेयर
IPO की खास बात यह है कि यह केवल OFS आधारित होगा यानी नए शेयर जारी नहीं होंगे। Walmart सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है और 9% हिस्सेदारी बेच रही है। Tiger Global और Microsoft भी अपने शेयर बेचकर एग्जिट करेंगे। IPO से मिलने वाली राशि सीधे शेयरधारकों को मिलेगी। PhonePe की बढ़ती रेवेन्यू और घटता घाटा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाते हैं।
डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी PhonePe अब अपने आईपीओ (IPO) की तैयारी में है। SEBI ने 20 जनवरी 2026 को PhonePe का कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) मंजूर किया है। इस IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे और केवल ओफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। OFS में कुल 5.06 करोड़ शेयर शामिल होंगे और IPO से मिलने वाली पूरी राशि सीधे शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।
2025 में जमा किया था कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट
PhonePe ने पहले ही सितंबर 2025 में SEBI को कॉन्फिडेंशियल ड्राफ्ट जमा किया था। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग से पहले अपने संवेदनशील बिजनेस और वित्तीय आंकड़ों को गोपनीय रखने की सुविधा देता है। इससे कंपनियां प्रतियोगियों को महत्वपूर्ण जानकारी बताए बिना IPO प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।
कौन बेचेगा कितने शेयर?
सबसे बड़ा शेयरहोल्डर WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स है जो Walmart इंटरनेशनल की कंपनी है। इसके पास PhonePe में 71.77% हिस्सेदारी है और यह IPO में 4.59 करोड़ शेयर बेच रही है जो कंपनी की कुल पेड अप इक्विटी का 9.06% है। इसके अलावा Tiger Global PIP 9-1 और Microsoft Global Finance Unlimited कुल 47.17 लाख शेयर बेचेंगे। Microsoft Global Finance, Microsoft Corporation की सब्सिडियरी है। इसके अलावा, General Atlantic Singapore PPIL 8.98% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा पब्लिक शेयरहोल्डर है जबकि Headstand के पास 5.73% हिस्सेदारी है। Rebit Capital, TVS Capital, Tencent और Qatar Investment Authority भी PhonePe के निवेशक हैं।
लगातार बढ़ रही कंपनी की ग्रोथ
PhonePe की वित्तीय स्थिति भी काफी महत्वपूर्ण है। अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹1,444.4 करोड़ का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में घाटा ₹1,203.2 करोड़ था। हालांकि, ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 22.2% बढ़कर ₹3,918.5 करोड़ हो गया जो एक साल पहले ₹3,207.5 करोड़ था। वित्त वर्ष 2025 में PhonePe का कुल घाटा ₹1,727.4 करोड़ रहा जबकि रेवेन्यू 40.5% बढ़कर ₹7,114.8 करोड़ हो गया। ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी की ग्रोथ लगातार बढ़ रही है और घाटा धीरे-धीरे कम हो रहा है।
नहीं जारी होंगे नए शेयर
IPO की खास बात यह है कि यह केवल OFS आधारित होगा यानी नए शेयर जारी नहीं होंगे। Walmart सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है और 9% हिस्सेदारी बेच रही है। Tiger Global और Microsoft भी अपने शेयर बेचकर एग्जिट करेंगे। IPO से मिलने वाली राशि सीधे शेयरधारकों को मिलेगी। PhonePe की बढ़ती रेवेन्यू और घटता घाटा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाते हैं।












