दुनिया का सबसे ताकतवर कौन? जवाब जानकर उड़ जाएंगे होश

Real Estate: 2026 में दुनिया के सबसे ताकतवर असेट की चर्चा हो रही है। क्या सोना, कच्चा तेल या रियल एस्टेट सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाला है? इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि क्यों रियल एस्टेट दुनिया का सबसे बड़ा और मजबूत असेट है।

Real Estate Market
2026 में सबसे ताकतवर असेट कौन है?
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userअसमीना
calendar15 Jan 2026 02:20 PM
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आज के समय में लोग अक्सर सोचते हैं कि दुनिया का सबसे ताकतवर और मूल्यवान असेट क्या है। क्या यह सोना है, कच्चा तेल, करेंसी या फिर रियल एस्टेट? अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ सोना या तेल है तो जवाब सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। बीते कुछ सालों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। खासकर साल 2025 में गोल्ड की कीमतों में लगभग 70% से ज्यादा का इजाफा हुआ। लेकिन अगर मार्केट कैप के हिसाब से बात करें तो कच्चा तेल सोने से भी कहीं ज्यादा ताकतवर है।

कच्चा तेल बनाम सोना

असेट मार्केट कैप डॉट कॉम के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में कच्चे तेल की मार्केट वैल्यू 109 ट्रिलियन डॉलर है। वहीं, सोने की मार्केट वैल्यू लगभग 31 ट्रिलियन डॉलर है। इसका मतलब साफ है कि मार्केट कैप के हिसाब से कच्चा तेल सोने से 3 गुना ज्यादा ताकतवर है। कच्चा तेल का महत्व सिर्फ कीमत में नहीं है। यह ग्लोबल पॉवर और पॉलिटिक्स में भी अहम भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए, अमेरिका और अन्य देशों ने हमेशा तेल की सप्लाई और कंट्रोल को लेकर अंतरराष्ट्रीय पॉलिटिक्स में बड़ा कदम उठाया है।

दुनिया का सबसे ताकतवर असेट

अगर बात दुनिया के सबसे ताकतवर और बड़े असेट की करें तो न तो सोना है, न ही तेल, न ही कोई करेंसी। असली ताकतवर असेट है रियल एस्टेट। मौजूदा समय में ग्लोबल रियल एस्टेट की मार्केट कैप 671 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है। साल 2026-2029 तक इसमें सालाना 2.64% की वृद्धि होने का अनुमान है। 2029 तक इसका मार्केट कैप बढ़कर 727.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। अमेरिका इस मार्केट में सबसे बड़ा खिलाड़ी है, जिसका अनुमानित हिस्सा 141.3 ट्रिलियन डॉलर है। रियल एस्टेट इसलिए सबसे ताकतवर है क्योंकि यह सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन, बिजनेस और ग्लोबल इकॉनोमी का आधार भी है।

करेंसी की ताकत

अक्सर लोग डॉलर को सबसे मजबूत करेंसी मानते हैं लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहते हैं। युआन की मार्केट वैल्यू 48 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है और यह दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर करेंसी है। डॉलर की मार्केट वैल्यू 22 ट्रिलियन डॉलर है। यूरो लगभग 19 ट्रिलियन डॉलर के साथ 6वें नंबर पर है। ब्रिटिश पाउंड 3 ट्रिलियन डॉलर के साथ 15वें नंबर पर है। इससे साफ है कि ग्लोबल मार्केट में युआन की पकड़ अब काफी मजबूत हो चुकी है।

दुनिया की सबसे ताकतवर कंपनियां

अगर कंपनियों की बात करें, तो एप्पल, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट हमेशा टॉप पर रहे हैं लेकिन हाल ही में एनवीडिया ने मार्केट में सबसे तेज ग्रोथ दिखाई है। एनवीडिया की वैल्यूएशन 4.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। इसके बाद गूगल (अल्फाबेट) की वैल्यूएशन 4 ट्रिलियन डॉलर है। एप्पल की वैल्यूएशन 3.9 ट्रिलियन डॉलर है। माइक्रोसॉफ्ट की वैल्यूएशन 3.41 ट्रिलियन डॉलर है। इस तरह, कंपनियों के क्षेत्र में एनवीडिया और टेक सेक्टर की पकड़ सबसे मजबूत बन चुकी है।

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₹4,150 करोड़ जुटाकर Biocon ने खेला मास्टरस्ट्रोक, Biologics पर पूरा कब्जा तय

Biocon ने QIP के जरिए ₹4,150 करोड़ जुटाए हैं जिनका इस्तेमाल Biocon Biologics में बची हुई हिस्सेदारी खरीदने और उसे 100 प्रतिशत सब्सिडियरी बनाने के लिए किया जाएगा। इस QIP में SBI, ICICI और Mirae Mutual Fund को सबसे ज्यादा शेयर जारी किए गए हैं।

BIOCON QIP
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userअसमीना
calendar15 Jan 2026 12:00 PM
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देश की दिग्गज बायोफार्मा कंपनी Biocon Limited ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए ₹4,150 करोड़ जुटाए हैं। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी सब्सिडियरी Biocon Biologics में बची हुई हिस्सेदारी खरीदने और उसे पूरी तरह अपनी 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली इकाई बनाने के लिए करेगी। यह फैसला न सिर्फ कंपनी के फ्यूचर ग्रोथ प्लान को मजबूती देता है बल्कि ग्लोबल बायोसिमिलर मार्केट में बायोकॉन की स्थिति को और मजबूत बनाता है।

QIP के जरिए कितने शेयर जारी किए गए

Biocon के बोर्ड ने QIP के तहत ₹5 फेस वैल्यू वाले 11.26 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दी है। इन शेयरों का इश्यू प्राइस ₹368.35 प्रति शेयर तय किया गया। इस इश्यू के बाद कंपनी की टोटल पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़कर ₹810.45 करोड़ हो गई है जिसमें 162.09 करोड़ शेयर शामिल हैं।

QIP से पहले और बाद में शेयर कैपिटल की स्थिति

QIP से पहले Biocon की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹754.12 करोड़ थी जिसमें 150.82 करोड़ शेयर थे। नए शेयर जारी होने के बाद कंपनी की इक्विटी स्ट्रक्चर और मजबूत हुई है जिससे आगे के बड़े कॉरपोरेट फैसलों को सपोर्ट मिलेगा।

QIP में सबसे ज्यादा शेयर किसे मिले?

इस QIP में बड़े और भरोसेमंद संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। SBI Mutual Fund, ICICI Mutual Fund और Mirae Asset Mutual Fund को QIP के लिए रिजर्व किए गए शेयरों का लगभग दो-तिहाई हिस्सा जारी किया गया है। इससे निवेशकों का Biocon पर भरोसा साफ झलकता है।

Biocon Biologics को 100% सब्सिडियरी बनाने की योजना

Biocon पहले ही ऐलान कर चुकी है कि वह Biocon Biologics को खुद में मर्ज कर 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी बनाएगी। इस इंटीग्रेशन से Biocon Biologics की वैल्यूएशन 5.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यह पूरी प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी हो सकती है।

Mylan (Viatris) से कितने में खरीदी जाएगी हिस्सेदारी?

Biocon, Mylan Inc (अब Viatris) के पास मौजूद Biocon Biologics की बची हुई हिस्सेदारी को 81.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर में खरीदेगी। 40 करोड़ डॉलर कैश में, 41.5 करोड़ डॉलर शेयर स्वैप के जरिए। यह सौदा कंपनी की बैलेंस शीट और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

शेयर-स्वैप रेशियो क्या होगा?

कंपनी के मुताबिक, Biocon Biologics के हर 100 शेयरों के बदले Biocon के 70.28 शेयर दिए जाएंगे। इस शेयर-स्वैप में Biocon के हर शेयर की कीमत ₹405.78 मानी गई है। इस मॉडल से कंपनी बिना ज्यादा कैश आउटफ्लो के बड़ा अधिग्रहण पूरा कर पाएगी।

QIP से जुटाए गए पैसे का और कहां होगा इस्तेमाल?

Biocon ने साफ किया है कि QIP से मिली रकम का इस्तेमाल सिर्फ हिस्सेदारी खरीदने में ही नहीं होगा बल्कि Biocon Biologics के Compulsorily Convertible Debentures (CCDs) खरीदने में, मौजूदा कर्ज चुकाने में और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी किया जाएगा।

Biocon का मार्केट कैप और शेयर परफॉर्मेंस

Biocon का मौजूदा मार्केट कैप ₹57,100 करोड़ से ज्यादा है।

प्रमोटर्स की हिस्सेदारी (5 जनवरी 2026 तक): 48.27%

14 जनवरी को BSE पर शेयर बंद: ₹379.05

पिछले 3 महीनों में शेयर में करीब 8% की तेजी

15 जनवरी को महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के कारण शेयर बाजार बंद रहे।

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह कदम?

Biocon Biologics पहले से ही रेवेन्यू के लिहाज से टॉप-5 ग्लोबल बायोसिमिलर कंपनियों में शामिल है। इंटीग्रेशन के बाद कंपनी को अपने जेनेरिक्स और बायोसिमिलर बिजनेस की संयुक्त ताकत का फायदा मिलेगा जिससे आने वाले वर्षों में ग्रोथ की संभावनाएं और मजबूत होंगी।

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अचानक फुर्र-फुर्र क्यों उड़ने लगा सोना? जान लें ताजा भाव

Gold Price Today: 15 जनवरी को सोने के भाव में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव यहां जानें साथ ही चांदी की कीमत, अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल और सोने-चांदी में उछाल की पूरी वजह विस्तार से पढ़ें।

Gold Price Today
गोल्ड प्राइस टूडे
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userअसमीना
calendar15 Jan 2026 11:11 AM
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वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश (Safe Haven Investment) की मजबूत मांग के चलते सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। 15 जनवरी की सुबह भारत के सर्राफा बाजार में सोना नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है जबकि चांदी ने भी रिकॉर्ड के करीब कारोबार किया। निवेशकों के बीच यह सवाल तेजी से बढ़ रहा है कि आखिर सोने-चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं और आने वाले दिनों में इसका रुख क्या रह सकता है।

15 जनवरी को देश में सोने का भाव

आज देश में सोना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,44,160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,32,160 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,44,010 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,32,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। यह साफ दिखाता है कि देशभर में सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है।

प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेट

मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,44,010 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,32,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है। पुणे और बेंगलुरु में भी यही रेट देखने को मिल रहा है जिससे यह साफ है कि महानगरों में कीमतों में ज्यादा अंतर नहीं है। दिल्ली और जयपुर में 22 कैरेट सोना 1,32,160 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,44,160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं अहमदाबाद और भोपाल में 22 कैरेट सोना 1,32,060 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,44,060 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

शहरों के हिसाब से सोने की कीमत (₹ प्रति 10 ग्राम)

दिल्ली में 22 कैरेट सोना 1,32,160 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,44,160 रुपये है। मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में 22 कैरेट का भाव 1,32,010 रुपये और 24 कैरेट का भाव 1,44,010 रुपये है। जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 22 कैरेट सोना 1,32,160 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,44,160 रुपये पर पहुंच चुका है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो सोने का हाजिर भाव 4,640.13 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं और आर्थिक अनिश्चितता के चलते निवेशक तेजी से सोने की ओर रुख कर रहे हैं जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

सोने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

सोने में तेजी की सबसे बड़ी वजह वैश्विक अनिश्चितता है। ईरान में बढ़ती अशांति और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते भू-राजनीतिक तनाव फिर से तेज हो गया है। इसके अलावा अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और कटौती किए जाने की उम्मीदें भी मजबूत हो रही हैं। कम ब्याज दरों के माहौल में सोना निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक विकल्प बन जाता है। इसके साथ ही अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस द्वारा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू किए जाने की खबर ने भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है जिससे सुरक्षित निवेश की मांग और मजबूत हुई है।

चांदी की कीमत में भी जबरदस्त उछाल

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज बढ़त दर्ज की गई है। 15 जनवरी की सुबह देश में चांदी का भाव 2,90,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। विदेशी बाजारों में चांदी ने पहली बार 91 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया है और 91.56 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड भाव पर कारोबार कर रही है। यह दिखाता है कि इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश दोनों ही स्तरों पर चांदी को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती रह सकती है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार की चाल और अपने निवेश लक्ष्य को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।