बदल जाएंगे PAN के नियम, आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर?

इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत पैन कार्ड से जुड़े कई बड़े बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं। सीबीडीटी ने ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, जिनमें बैंक कैश जमा लिमिट, प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री, गाड़ी खरीद, इंश्योरेंस पॉलिसी, होटल पेमेंट और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर नए प्रावधान प्रस्तावित हैं।

Pan Card
PAN Card New Update
locationभारत
userअसमीना
calendar11 Feb 2026 01:25 PM
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अगर आप बैंक में पैसे जमा करते हैं, गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, प्रॉपर्टी डील करने वाले हैं या होटल में बड़ा पेमेंट करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने नए Income Tax Rules 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है जिसमें PAN कार्ड से जुड़े कई अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। ये नियम नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 का हिस्सा हैं और 1 अप्रैल 2026 से लागू किए जाने की तैयारी है। इन बदलावों का मकसद छोटे लेन-देन को आसान बनाना और बड़े ट्रांजैक्शन पर सख्त निगरानी रखना है ताकि टैक्स सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और सरल बन सके।

ड्राफ्ट नियमों को किया गया सार्वजनिक

CBDT ने बजट 2026 के बाद इन ड्राफ्ट नियमों को सार्वजनिक किया है ताकि आम लोग और स्टेकहोल्डर्स अपनी राय दे सकें। सभी सुझावों पर विचार करने के बाद मार्च 2026 की शुरुआत में फाइनल नियमों को नोटिफाई किया जा सकता है। ऐसे में अभी यह ड्राफ्ट स्टेज में है लेकिन अगर ये नियम इसी रूप में लागू होते हैं तो आम लोगों के रोजमर्रा के वित्तीय व्यवहार पर सीधा असर पड़ेगा।

बैंक में कैश जमा करने को लेकर हुआ बड़ा बदलाव

सबसे बड़ा बदलाव बैंक में कैश जमा और निकासी के नियमों में प्रस्तावित है। ड्राफ्ट के अनुसार, अब PAN कार्ड तभी जरूरी होगा जब कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अपने एक या एक से अधिक बैंक खातों से कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा नकद जमा या निकासी करता है। फिलहाल नियम यह है कि एक दिन में 50 हजार रुपये से ज्यादा कैश जमा करने पर PAN देना पड़ता है। नए प्रस्ताव में डेली लिमिट की जगह सालभर की कुल राशि को आधार बनाया गया है जिससे छोटे और सामान्य बैंकिंग ट्रांजैक्शन करने वालों को राहत मिल सकती है।

PAN को लेकर नियम सख्त करने की तैयारी

इंश्योरेंस सेक्टर में भी PAN को लेकर नियम सख्त करने की तैयारी है। ड्राफ्ट के मुताबिक, जब भी कोई व्यक्ति किसी इंश्योरेंस कंपनी के साथ अकाउंट आधारित रिश्ता शुरू करेगा तब PAN देना अनिवार्य होगा। अभी तक PAN की जरूरत मुख्य रूप से तब पड़ती है जब लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम एक साल में 50 हजार रुपये से ज्यादा हो। नए नियम लागू होने पर इंश्योरेंस से जुड़े ट्रांजैक्शन पर निगरानी और मजबूत होगी और टैक्स पारदर्शिता बढ़ेगी।

वाहन खरीदने वालों के लिए राहत की खबर

वाहन खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अब PAN कार्ड तभी देना होगा जब कार या बाइक की कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा होगी। वर्तमान में किसी भी कीमत की गाड़ी खरीदने पर PAN देना अनिवार्य माना जाता है और दोपहिया वाहनों को लेकर स्पष्टता भी कम थी। नए नियम से सस्ती कार या बाइक खरीदने वालों को कागजी प्रक्रिया में आसानी मिल सकती है।

प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने के नियमों में भी बदलाव

प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने के नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव है। ड्राफ्ट के अनुसार, अब 20 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील पर ही PAN देना होगा जबकि अभी यह सीमा 10 लाख रुपये है। प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे मध्यम वर्ग को कुछ राहत मिल सकती है खासकर उन शहरों में जहां संपत्ति के दाम तेजी से बढ़े हैं।

बढ़ाई जाएगी PAN की लिमिट!

होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल, कन्वेंशन सेंटर या इवेंट मैनेजर को किए जाने वाले पेमेंट पर भी PAN की लिमिट बढ़ाने का प्रस्ताव है। नए ड्राफ्ट के मुताबिक, अब PAN तभी देना होगा जब बिल 1 लाख रुपये से ज्यादा होगा। फिलहाल यह सीमा 50 हजार रुपये है। इस बदलाव से शादी, पारिवारिक समारोह या सामान्य होटल स्टे के दौरान लोगों को बार-बार PAN देने की परेशानी कम हो सकती है।

वैल्यू लिमिट बढ़ाने का सुझाव भी शामिल

ड्राफ्ट नियमों में कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दिए जाने वाले कुछ बेनिफिट्स की वैल्यू लिमिट बढ़ाने का सुझाव भी शामिल है। इससे सैलरी स्ट्रक्चर को सरल बनाने और अनुपालन प्रक्रिया को आसान करने में मदद मिल सकती है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला फाइनल नोटिफिकेशन के बाद ही साफ होगा। सरकार ने डिजिटल लेन-देन और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर भी ध्यान दिया है। ड्राफ्ट में प्रस्ताव है कि क्रिप्टो एक्सचेंज इनकम टैक्स विभाग के साथ ट्रांजैक्शन की जानकारी साझा करेंगे। साथ ही डिजिटल रुपया या CBDC को वैध इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का दर्जा देने की बात भी कही गई है। इससे डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा और टैक्स ट्रैकिंग अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।

ट्रांजैक्शन को सरल बनाने की कोशिश

इन सभी प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को आधुनिक, पारदर्शी और व्यवहारिक बनाना है। छोटे और रोजमर्रा के ट्रांजैक्शन को सरल बनाने की कोशिश की गई है जबकि बड़े लेन-देन पर निगरानी को और मजबूत करने की योजना है। यदि ये नियम तय समय पर लागू होते हैं तो 1 अप्रैल 2026 से पैसों के लेन-देन का तरीका काफी हद तक बदल सकता है।

दलावों के लिए पहले से करें तैयारी

फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट रूप में हैं और अंतिम अधिसूचना के बाद ही पूरी तरह लागू होंगे। इसलिए आम लोगों और व्यवसायों को सलाह दी जाती है कि वे इन प्रस्तावित नियमों को ध्यान से समझें और आने वाले बदलावों के लिए पहले से तैयारी रखें। सही जानकारी और समय पर योजना बनाकर आप इन बदलावों का फायदा उठा सकते हैं और किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं।

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AI कंटेंट और Deepfake पर सरकार का सबसे बड़ा वार, बनाए गए सख्त नियम

Deepfake और भ्रामक AI कंटेंट पर भारत सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई किया गया है और IT Rules में बड़े बदलाव किए हैं। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अदालत या सरकारी आदेश मिलने के 3 घंटे के भीतर फर्जी AI कंटेंट हटाना अनिवार्य होगा।

AI Content
AI Content पर सख्त का कड़ा नियम
locationभारत
userअसमीना
calendar11 Feb 2026 11:21 AM
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सोशल मीडिया के दौर में Deepfake और AI से तैयार किए गए फर्जी कंटेंट ने नई चुनौती खड़ी कर दी है। कई बार एआई से बनाए गए वीडियो और तस्वीरें इतनी असली लगती हैं कि आम लोग सच और झूठ का फर्क पता नहीं कर पाते और धोखा खा जाते हैं। भारत सरकार ने इसी खतरे को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 (IT Rules 2021) में संशोधन करते हुए Deepfake और भ्रामक AI कंटेंट को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। नए नियम 20 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे और सोशल मीडिया कंपनियों को अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी से कार्रवाई करनी होगी।

3 घंटे में हटाना होगा कंटेंट

नए नियमों के तहत यदि किसी अदालत या सरकार की ओर से आदेश मिलता है तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे X (पूर्व में ट्विटर), Instagram, Facebook और अन्य इंटरमीडियरीज को 3 घंटे के भीतर भ्रामक या फर्जी AI कंटेंट हटाना होगा। पहले यह समय सीमा 36 घंटे थी लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दिया गया है। इसका मकसद है कि फर्जी और भ्रामक जानकारी तेजी से फैलने से पहले ही रोक दी जाए।

यूजर्स की शिकायतों पर भी होगी तेज कार्रवाई

सरकार ने केवल कंटेंट हटाने की समय सीमा ही नहीं घटाई है बल्कि यूजर्स की शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया को भी तेज करने पर जोर दिया है। अब प्लेटफॉर्म्स को शिकायत मिलने के बाद तय समय के भीतर कार्रवाई करनी होगी। इससे आम यूजर्स को भी राहत मिलेगी और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

AI कंटेंट को अन्य सूचनाओं के बराबर माना जाएगा

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की अधिसूचना के अनुसार, AI से तैयार कंटेंट को भी अब अन्य सूचनाओं की तरह ही माना जाएगा। इसका मतलब है कि अगर कोई AI कंटेंट गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ा पाया जाता है तो उस पर वही नियम लागू होंगे जो सामान्य कंटेंट पर लागू होते हैं यानी AI का नाम लेकर कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा।

AI कंटेंट की लेबलिंग होगी अनिवार्य

नए नियमों के तहत AI या बनावटी कंटेंट पर स्पष्ट और प्रमुख रूप से लेबल लगाना जरूरी होगा। जो प्लेटफॉर्म AI कंटेंट बनाने या शेयर करने की सुविधा देते हैं उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे कंटेंट पर साफ तौर पर लिखा हो कि यह AI से तैयार किया गया है। जहां तकनीकी रूप से संभव हो वहां इसे स्थायी मेटाडेटा या पहचान चिन्हों के साथ जोड़ा जाएगा। एक बार लेबल लग जाने के बाद उसे हटाया या छिपाया नहीं जा सकेगा।

किन चीजों को रखा गया है नियमों से बाहर?

सरकार ने साफ किया है कि सामान्य एडिटिंग, कंटेंट को बेहतर बनाने के लिए किए गए बदलाव, शैक्षिक उद्देश्यों से बनाए गए डिजाइन या नेक नीयत से किए गए रचनात्मक कार्य इन सख्त नियमों के दायरे से बाहर रहेंगे। यानी हर तरह की AI या एडिटिंग गतिविधि पर पाबंदी नहीं है बल्कि केवल भ्रामक और फर्जी कंटेंट को रोकना उद्देश्य है।

क्यों जरूरी हैं ये नए नियम?

Deepfake वीडियो और फर्जी AI कंटेंट का इस्तेमाल चुनाव, समाजिक मुद्दों, धार्मिक भावनाओं और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। कई बार इससे दंगे, अफवाहें और साइबर अपराध भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में 3 घंटे के भीतर कार्रवाई का नियम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा और लोगों का भरोसा बढ़ाएगा।

सोशल मीडिया कंपनियों पर बढ़ी जिम्मेदारी

अब सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। उन्हें न केवल आदेश मिलने पर तुरंत कंटेंट हटाना होगा बल्कि AI कंटेंट की पहचान और लेबलिंग के लिए तकनीकी सिस्टम भी मजबूत करना होगा। नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

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क्या फिर बनेगा नया रिकॉर्ड? जानें आज का गोल्ड-सिल्वर रेट

सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार हलचल देखने को मिली है। MCX पर चांदी के भाव में 8 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी आई है जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना भी उछलकर ऊपर पहुंच गया है। हालांकि ताजा बढ़त के बावजूद चांदी अभी भी अपने लाइफ टाइम हाई से करीब 1.60 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है।

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locationभारत
userअसमीना
calendar11 Feb 2026 10:44 AM
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सोना और चांदी की कीमतों में इस समय जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है जिससे निवेशकों और आम खरीदारों दोनों की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं। हाल ही में इन कीमती धातुओं ने लाइफ टाइम हाई स्तर छुआ था लेकिन उसके बाद आई तेज गिरावट ने कीमतों को काफी नीचे ला दिया। अब एक बार फिर बाजार में तेजी लौटती दिख रही है। खास बात यह है कि ताजा उछाल के बावजूद चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 1.60 लाख रुपये सस्ती मिल रही है जबकि सोना भी अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे बना हुआ है। ऐसे में यह समय निवेश के नजरिए से अहम माना जा रहा है।

चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी

बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले कारोबारी बंद 2,52,548 रुपये प्रति किलो से उछलकर ओपनिंग में ही 2,60,838 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। यानी एक ही झटके में 8,290 रुपये प्रति किलो की बढ़त देखने को मिली। यह तेजी बाजार में नई खरीदारी और वैश्विक संकेतों के चलते आई मानी जा रही है।

लाइफ टाइम हाई से नीचे

हालांकि इस उछाल के बावजूद चांदी अभी भी अपने लाइफ टाइम हाई से काफी नीचे है। 29 जनवरी को चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये का स्तर पार करते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक हाई बनाया था। उस स्तर से तुलना करें तो मौजूदा कीमत अब भी लगभग 1,59,210 रुपये प्रति किलो कम है। यानी निवेशकों के लिए हाई लेवल की तुलना में अभी भी चांदी सस्ती मानी जा सकती है।

सोने की कीमतों में भी मजबूती

अब बात करें सोने की तो बुधवार को सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना ओपनिंग के साथ ही 1,633 रुपये चढ़ गया। मंगलवार को 10 ग्राम सोने का भाव 1,56,803 रुपये पर बंद हुआ था जो बुधवार को बढ़कर 1,58,436 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे साफ है कि सोने में भी खरीदारी का रुख मजबूत हो रहा है।

सोने की लाइफ टाइम हाई

अगर सोने के लाइफ टाइम हाई की बात करें तो 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। मौजूदा भाव से तुलना करें तो सोना अभी भी करीब 34,660 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है। यानी ताजा तेजी के बावजूद सोना अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है।

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