तुरंत पकड़ में आएगा जमीन का असली मालिक, जानें कैसे?

दिल्ली सरकार ने जमीन के लिए ULPIN यानी 14 अंकों का यूनिक आईडी नंबर लागू करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत हर प्लॉट का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे जमीन के असली मालिक की पहचान तुरंत हो सकेगी। डिजिटल लैंड रिकॉर्ड सिस्टम से जमीन विवाद कम होने की उम्मीद है।

Aadhar card
ULPIN
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Feb 2026 03:35 PM
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जमीन से जुड़े विवाद हमारे देश में कोई नई बात नहीं हैं। कभी सीमाओं को लेकर झगड़ा, कभी कागजों में गड़बड़ी, तो कभी असली मालिक की पहचान को लेकर परेशानी। एक छोटा सा प्लॉट भी कई बार सालों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगवाता है। ऐसे में आम लोगों और किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि अब हर जमीन को भी एक खास पहचान दी जाएगी बिल्कुल आधार कार्ड की तरह। इस नई व्यवस्था के तहत हर प्लॉट को 14 अंकों का एक यूनिक नंबर दिया जाएगा जिसे ULPIN यानी ‘विशिष्ट भूखंड पहचान संख्या’ कहा जा रहा है। इस नंबर के जरिए जमीन की पूरी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज रहेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत देखी जा सकेगी।

14 अंकों का नंबर कैसे बदलेगा तस्वीर?

जब किसी जमीन को यह यूनिक नंबर मिलेगा तो उसकी पूरी डिटेल एक सिस्टम में सुरक्षित रहेगी। उस जमीन का क्षेत्रफल कितना है, उसकी सीमाएं कहां तक हैं और उसका असली मालिक कौन है यह सब जानकारी एक क्लिक पर सामने आ जाएगी। इससे कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। डिजिटल मैपिंग और सैटेलाइट तकनीक की मदद से जमीन की सही सीमाएं तय की जाएंगी। इससे नक्शे और रिकॉर्ड में अंतर की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। एक ही नंबर से जमीन की पहचान संभव होगी जिससे फर्जी दावे करना मुश्किल हो जाएगा।

आम लोगों और किसानों को क्या फायदा?

इस कदम का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो अपनी ही जमीन का हक साबित करने में परेशान होते हैं। जब सारी जानकारी डिजिटल होगी तो बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी। बैंकों से लोन लेने की प्रक्रिया भी आसान हो सकती है। बैंक सीधे सिस्टम से जमीन का रिकॉर्ड देखकर मालिक की पुष्टि कर सकेंगे। इससे किसानों को फसल लोन या अन्य वित्तीय सहायता जल्दी मिल पाएगी। मुआवजे के मामलों में भी पारदर्शिता आएगी। अगर किसी वजह से जमीन का अधिग्रहण होता है या फसल खराब होती है तो रिकॉर्ड के आधार पर सही व्यक्ति को भुगतान करना आसान होगा।

धोखाधड़ी पर लगेगी रोक

जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी के मामले अक्सर सामने आते हैं। कई बार एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया जाता है या फर्जी कागज दिखाए जाते हैं। लेकिन जब हर प्लॉट का एक यूनिक नंबर होगा तो खरीदार पहले ही उसकी पूरी जानकारी चेक कर सकेगा। इससे जमीन से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद है। लोग किसी भी सौदे से पहले यह देख सकेंगे कि जमीन पर कोई केस तो नहीं चल रहा और असली मालिक कौन है।

डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगा भरोसा

सरकार का यह कदम जमीन के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का सिस्टम पर भरोसा मजबूत होगा। अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में जमीन से जुड़े झगड़े और फर्जीवाड़े काफी कम हो सकते हैं। इंसानों के बाद अब जमीन का भी अपना ‘आधार कार्ड’ होगा जो असली मालिक की पहचान साफ और आसान बना देगा।

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गोल्ड-सिल्वर की कीमत में गिरावट, हाई से कितनी सस्ती हुई सोना-चांदी?

सोना और चांदी की कीमतों में तेजी और गिरावट का दौर जारी है। बीते सप्ताह सोने और चांदी ने अपने लाइफ टाइम हाई को छुआ लेकिन उसके बाद दोनों कीमती धातुएं काफी नीचे आ गई हैं। वर्तमान में चांदी ₹1.75 लाख प्रति किलो सस्ती है और सोना अपने हाई से लगभग ₹37,000 प्रति 10 ग्राम टूट चुका है।

Gold Price
सोने-चांदी का भाव
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Feb 2026 11:03 AM
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सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। बीते शुक्रवार को थोड़ी तेजी देखने को मिली लेकिन इसके बावजूद दोनों कीमती धातुएं अपने हाई लेवल से काफी नीचे आ गई हैं। चांदी अभी भी ₹1.75 लाख प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती है वहीं सोने का भाव भी अपने हाई से लगभग ₹37,000 प्रति 10 ग्राम टूट चुका है।

चांदी की लेटेस्ट कीमत और हालात

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी का वायदा भाव शुक्रवार को 2,44,360 रुपये पर बंद हुआ। यह गुरुवार की तुलना में 7,925 रुपये का बढ़त है। लेकिन अगर इसे सिल्वर के लाइफ टाइम हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम से देखें तो अभी भी यह ₹1,75,688 सस्ती है। 29 जनवरी को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का हाई स्तर पार किया था। इसके बाद तेज गिरावट आई और भाव 2.25 लाख के लेवल तक पहुंच गया।

सिर्फ 16 दिन में सोना-चांदी का क्रैश

सोना और चांदी के भाव ने लाइफ टाइम हाई को छूने के बाद महज 16 कारोबारी दिनों में गिरावट दर्ज की। बीच में छोटे उछाल आए लेकिन कुल मिलाकर दोनों कीमती धातुएं अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ गई हैं। यह निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए ध्यान देने वाली स्थिति है। सोने की बात करें तो MCX पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 ग्राम सोना शुक्रवार को 1,55,895 रुपये पर बंद हुआ। यह गुरुवार के मुकाबले थोड़ा ऊपर था लेकिन अभी भी अपने हाई 1,93,096 रुपये से लगभग ₹37,201 सस्ता है। 29 जनवरी को सोने ने चांदी के साथ नया शिखर छुआ था लेकिन इसके बाद Gold Rate भी गिरावट में रहा।

निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए क्या मायने रखता है?

सोना-चांदी के इन क्रैश और उछालों से निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। हाई से गिरावट ने कई ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी को प्रभावित किया है। निवेशकों के लिए सही समय पर खरीद-फरोख्त करना और मार्केट के रुझान पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

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जेब खाली, फिर भी कमाई लाखों में! जानिए जीरो इन्वेस्टमेंट बिजनेस का राज

जीरो इन्वेस्टमेंट बिजनेस में सफलता का मूल मंत्र है—सही प्लानिंग, लगातार सीखना और मेहनत। शुरुआत में चुनौतियां जरूर आती हैं, लेकिन जो लोग हार नहीं मानते, वे धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत आय का स्रोत बना लेते हैं।

Zero Investment Business0
जेब में एक रुपया नहीं, फिर भी लाखों की कमाई! (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Feb 2026 03:03 PM
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Business Ideas : अगर आप नौकरी से परेशान हैं और बिना ज्यादा निवेश के अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, तो डिजिटल दौर आपके लिए सुनहरा मौका लेकर आया है। अब बिजनेस शुरू करने के लिए न दुकान की जरूरत है और न ही भारी पूंजी की। सिर्फ एक स्किल, मोबाइल या लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन के सहारे घर बैठे कमाई की शुरुआत की जा सकती है।

नौकरी से ज्यादा आकर्षक क्यों बन रहा है खुद का काम?

आज बड़ी संख्या में युवा पारंपरिक नौकरी की बजाय खुद का काम शुरू करने की ओर रुख कर रहे हैं। नौकरी में आय और तरक्की की एक सीमा तय रहती है, जबकि बिजनेस में संभावनाओं की कोई सीमा नहीं होती। यही वजह है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्वरोजगार का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

स्किल ही असली पूंजी

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में आपकी स्किल ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। कंटेंट राइटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, ट्रांसलेशन, सोशल मीडिया मैनेजमेंट जैसे काम बिना किसी बड़े निवेश के शुरू किए जा सकते हैं। शुरुआत में कमाई भले ही कम हो, लेकिन अनुभव और भरोसे के साथ आय में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होती है।

फ्रीलांसिंग से खुल रहे हैं वैश्विक अवसर

ऑनलाइन फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म जैसे Upwork, Fiverr, Freelancer पर प्रोफाइल बनाकर लोग देश ही नहीं, विदेशों से भी प्रोजेक्ट हासिल कर रहे हैं। यहां काम करने का समय और रेट दोनों खुद तय किए जा सकते हैं। कई लोग फुल-टाइम नौकरी छोड़कर फ्रीलांसिंग को ही अपना मुख्य पेशा बना चुके हैं।

सोशल मीडिया बना कमाई का जरिया

अब सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। YouTube, Instagram, Facebook जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लोग कंटेंट बनाकर पहचान और कमाई दोनों हासिल कर रहे हैं। ब्रांड डील, स्पॉन्सरशिप और एफिलिएट मार्केटिंग से अच्छी आय संभव है। हालांकि, इसमें सफलता पाने के लिए धैर्य और निरंतरता बेहद जरूरी है।

सफलता का फॉर्मूला क्या है?

जीरो इन्वेस्टमेंट बिजनेस में सफलता का मूल मंत्र है—सही प्लानिंग, लगातार सीखना और मेहनत। शुरुआत में चुनौतियां जरूर आती हैं, लेकिन जो लोग हार नहीं मानते, वे धीरे-धीरे स्थिर और मजबूत आय का स्रोत बना लेते हैं। कई उदाहरण ऐसे हैं, जहां छोटे स्तर से शुरू हुआ काम आज लाखों रुपये की मासिक कमाई में बदल चुका है। डिजिटल युग में अवसरों की कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ सही दिशा में पहला कदम बढ़ाने की। Business Ideas