खुल गया डेवलपर्स का छुपा राज! हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Claude AI: भारत क्लाउड एआई और Claude AI के इस्तेमाल में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार बनकर उभर रहा है। एंथ्रोपिक की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय डेवलपर्स सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट के लिए क्लाउड एआई का सबसे ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।

तकनीकी दुनिया में आज भारत तेजी से अपनी पहचान बना रहा है खासकर क्लाउड एआई (Cloud AI) के इस्तेमाल में। एंथ्रोपिक (Anthropic) की हालिया इकोनॉमिक इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार, भारत क्लाउड एआई के इस्तेमाल में दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। यह रिपोर्ट 15 जनवरी को जारी की गई जिसमें यह खुलासा हुआ कि भारतीय डेवलपर्स और प्रोफेशनल्स सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट के लिए क्लाउड एआई का सबसे ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।
भारत में क्लाउड एआई का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में क्लाउड एआई के लगभग 50% उपयोग का संबंध सीधे सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट से है। यह ग्लोबल एवरेज से लगभग दोगुना है। खासकर सीएसएस, एचटीएमएल और यूआई स्टाइलिंग के काम में भारतीय डेवलपर्स क्लाउड एआई का बहुत अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। वेब एप्लिकेशन बनाने और डिबग करने में भी इसका उपयोग ग्लोबल औसत से 1.7 गुना ज्यादा है।
भारतीय डेवलपर्स क्यों कर रहे हैं Cloud AI का इस्तेमाल?
भारत में क्लाउड एआई का एक बड़ा कारण तकनीकी दक्षता और समय की बचत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में टॉप 10 क्लाउड एआई उपयोग में से 5 सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट के लिए हैं। डेवलपर्स रूटीन कोडिंग, डिबगिंग और तकनीकी कार्यों में एआई पर तेजी से निर्भर हो रहे हैं।
करियर और प्रोफेशनल विकास के लिए AI
सिर्फ तकनीकी काम ही नहीं बल्कि भारत में क्लाउड एआई का इस्तेमाल करियर प्रोग्रेशन और प्रोफेशनल डेवलपमेंट में भी बढ़ रहा है। नौकरी की तलाश, व्यवसायिक योजना (Business Planning), चैटबॉट और वर्कफ़्लो ऑटोमेशन जैसे कार्य भी इसके तहत आते हैं। भारत में इन क्षेत्रों में एआई का इस्तेमाल ग्लोबल एवरेज से 1.4 से 1.5 गुना ज्यादा है।
भारत की यूज पैटर्न में दिलचस्प तथ्य
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कामकाजी उम्र की आबादी के हिसाब से भारत में क्लाउड एआई का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम है। एन्थ्रोपिक का एआई यूज इंडेक्स (AUI) भारत के लिए 0.22 दर्ज करता है, जो इस बात का संकेत है कि जनसंख्या के अनुपात में अभी भी विकास की संभावना मौजूद है।
एंथ्रोपिक की योजना और भविष्य
एंथ्रोपिक अब बेंगलुरु में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करने की योजना बना रहा है। यह कदम यह दर्शाता है कि भारत न सिर्फ उपयोग में तेजी से बढ़ रहा है बल्कि एआई इनोवेशन और डेवलपमेंट का एक ग्लोबल हब बन सकता है।
तकनीकी दुनिया में आज भारत तेजी से अपनी पहचान बना रहा है खासकर क्लाउड एआई (Cloud AI) के इस्तेमाल में। एंथ्रोपिक (Anthropic) की हालिया इकोनॉमिक इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार, भारत क्लाउड एआई के इस्तेमाल में दुनिया में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। यह रिपोर्ट 15 जनवरी को जारी की गई जिसमें यह खुलासा हुआ कि भारतीय डेवलपर्स और प्रोफेशनल्स सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट के लिए क्लाउड एआई का सबसे ज्यादा उपयोग कर रहे हैं।
भारत में क्लाउड एआई का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में क्लाउड एआई के लगभग 50% उपयोग का संबंध सीधे सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट से है। यह ग्लोबल एवरेज से लगभग दोगुना है। खासकर सीएसएस, एचटीएमएल और यूआई स्टाइलिंग के काम में भारतीय डेवलपर्स क्लाउड एआई का बहुत अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। वेब एप्लिकेशन बनाने और डिबग करने में भी इसका उपयोग ग्लोबल औसत से 1.7 गुना ज्यादा है।
भारतीय डेवलपर्स क्यों कर रहे हैं Cloud AI का इस्तेमाल?
भारत में क्लाउड एआई का एक बड़ा कारण तकनीकी दक्षता और समय की बचत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में टॉप 10 क्लाउड एआई उपयोग में से 5 सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट के लिए हैं। डेवलपर्स रूटीन कोडिंग, डिबगिंग और तकनीकी कार्यों में एआई पर तेजी से निर्भर हो रहे हैं।
करियर और प्रोफेशनल विकास के लिए AI
सिर्फ तकनीकी काम ही नहीं बल्कि भारत में क्लाउड एआई का इस्तेमाल करियर प्रोग्रेशन और प्रोफेशनल डेवलपमेंट में भी बढ़ रहा है। नौकरी की तलाश, व्यवसायिक योजना (Business Planning), चैटबॉट और वर्कफ़्लो ऑटोमेशन जैसे कार्य भी इसके तहत आते हैं। भारत में इन क्षेत्रों में एआई का इस्तेमाल ग्लोबल एवरेज से 1.4 से 1.5 गुना ज्यादा है।
भारत की यूज पैटर्न में दिलचस्प तथ्य
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कामकाजी उम्र की आबादी के हिसाब से भारत में क्लाउड एआई का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम है। एन्थ्रोपिक का एआई यूज इंडेक्स (AUI) भारत के लिए 0.22 दर्ज करता है, जो इस बात का संकेत है कि जनसंख्या के अनुपात में अभी भी विकास की संभावना मौजूद है।
एंथ्रोपिक की योजना और भविष्य
एंथ्रोपिक अब बेंगलुरु में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करने की योजना बना रहा है। यह कदम यह दर्शाता है कि भारत न सिर्फ उपयोग में तेजी से बढ़ रहा है बल्कि एआई इनोवेशन और डेवलपमेंट का एक ग्लोबल हब बन सकता है।












