चांदी के दामों को लेकर बड़ा ब्रेकिंग अपडेट, खरीदार हो जाएं अलर्ट
Silver Price: चांदी के दाम में भारी उछाल देखने को मिल रही है ऐसे में उम्मीद की जा रही है चांदी की कीमत आज सभी रिकॉर्ड ब्रेक कर सकती है। अमेरिका के महंगाई आंकड़े, फेड पॉलिसी और ट्रंप फैक्टर ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। वायदा बाजार में चांदी पहले ही 2.75 लाख के ऊपर टिक चुकी है।

इस समय देश के कमोडिटी बाजार सबसे ज्यादा हलचल चांदी की कीमतों को लेकर देखने को मिल रही है। अगले 24 से 36 घंटे चांदी के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि अगर मौजूदा ट्रेंड बरकरार रहता है तो चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छू सकती है। मंगलवार को ही वायदा बाजार में चांदी के दाम 2.80 लाख रुपए के करीब पहुंच गए थे। बाजार बंद होते समय भाव 2.75 लाख रुपए के ऊपर टिके रहे।
क्यों हैं अगले 24 घंटे सबसे अहम?
इस समय चांदी को एक नहीं बल्कि कई बड़े फैक्टर एक साथ सपोर्ट कर रहे हैं। अमेरिका का महंगाई डेटा, फेड रिजर्व की पॉलिसी, ट्रंप और फेड के बीच बढ़ता टकराव, टैरिफ को लेकर कोर्ट का फैसला, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और डॉलर-रुपया मूवमेंट ये सभी फैक्टर अगले 24 घंटे में असर दिखा सकते हैं। इसी महीने में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 17% की तेजी आ चुकी है। कुछ कारोबारी सत्रों में तो 5% से ज्यादा का उछाल भी देखा गया है। ऐसे में 3 लाख का स्तर अब सिर्फ चर्चा नहीं बल्कि संभावना बन चुका है।
चांदी 3 लाख के पार क्यों जा सकती है? ये रहे 8 बड़े कारण
1. अमेरिका में महंगाई के आंकड़े
अमेरिका में दिसंबर महीने का CPI महंगाई डेटा 2.7% रहा है जो बाजार के अनुमान के अनुरूप है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में फेड रिजर्व ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर सकता है। जैसे ही रेट कट की उम्मीद बढ़ी इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी दोनों में तेजी देखने को मिली। चांदी के दाम 90 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच चुके हैं।
2. फेड और ट्रंप की बढ़ती जंग
डोनाल्ड ट्रंप और फेड रिजर्व के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रंप ने फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अगर फेड में बदलाव होता है और ट्रंप की पसंद का चेयरमैन आता है तो आक्रामक रेट कट संभव है। ऐसी स्थिति में चांदी जैसी कीमती धातुओं को बड़ा फायदा मिलता है।
3. ट्रंप टैरिफ पर कोर्ट का फैसला
15 जनवरी को ट्रंप टैरिफ से जुड़े मामले पर अमेरिकी कोर्ट का फैसला आने की संभावना है। इस फैसले से पहले निवेशकों में भारी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक रिस्क से बचने के लिए सेफ हेवन एसेट्स यानी सोना और चांदी की ओर रुख करते हैं।
4. 500% टैरिफ का डर
अमेरिका में रूस के खिलाफ ऐसा विधेयक लाने की चर्चा है जिसमें रूस से व्यापार करने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत और चीन जैसे देशों पर इसके असर की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है जिससे चांदी को सपोर्ट मिल रहा है।
5. जियो-पॉलिटिकल टेंशन
ईरान, वेनेजुएला, क्यूबा, कंबोडिया और रूस-यूक्रेन जैसे मुद्दों पर वैश्विक तनाव बना हुआ है। जब भी दुनिया में राजनीतिक या सैन्य तनाव बढ़ता है, निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर जाते हैं। यही वजह है कि चांदी की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।
6. गोल्ड-सिल्वर रेश्यो का बड़ा संकेत
मौजूदा समय में गोल्ड-सिल्वर रेश्यो करीब 51 के आसपास है जो लगभग 13 साल के निचले स्तर के करीब माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर यह रेश्यो 43–45 के स्तर तक आता है तो चांदी इंटरनेशनल मार्केट में 100 डॉलर प्रति औंस और भारत में 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
7. चांदी की बढ़ती इंडस्ट्रीयल डिमांड
सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है। रिसर्च के मुताबिक, 2027 तक सोलर कंपनियों को चांदी की मौजूदा सालाना सप्लाई के 20% से ज्यादा हिस्से की जरूरत हो सकती है। डिमांड बढ़ने और सप्लाई सीमित रहने से कीमतों में लंबी तेजी की संभावना बन रही है।
8. डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी
भारत चांदी का बड़ा आयातक है। डॉलर के मुकाबले जब रुपया कमजोर होता है तो चांदी के दाम अपने आप बढ़ जाते हैं। मौजूदा साल में रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है जिससे लोकल मार्केट में चांदी को अतिरिक्त सपोर्ट मिला है।
क्या कहते हैं जानकार?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, जैसे ही गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 43 के आसपास आता है, चांदी इंटरनेशनल मार्केट में 100 डॉलर और भारत में 3 लाख रुपए के स्तर को छू सकती है। फेड पॉलिसी, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और इंडस्ट्रीयल डिमांड तीनों फैक्टर चांदी के पक्ष में हैं।
बाजार का ताजा हाल
बुधवार सुबह MCX पर चांदी 7,000 रुपए से ज्यादा की तेजी के साथ 2,82,450 रुपए प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी और इंट्रा-डे में लाइफटाइम हाई भी बनाया। वहीं सोने की कीमत भी पहली बार 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड फ्यूचर्स 4,630 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहे हैं जबकि सिल्वर फ्यूचर्स 90 डॉलर प्रति औंस के बेहद करीब बने हुए हैं।
इस समय देश के कमोडिटी बाजार सबसे ज्यादा हलचल चांदी की कीमतों को लेकर देखने को मिल रही है। अगले 24 से 36 घंटे चांदी के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि अगर मौजूदा ट्रेंड बरकरार रहता है तो चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छू सकती है। मंगलवार को ही वायदा बाजार में चांदी के दाम 2.80 लाख रुपए के करीब पहुंच गए थे। बाजार बंद होते समय भाव 2.75 लाख रुपए के ऊपर टिके रहे।
क्यों हैं अगले 24 घंटे सबसे अहम?
इस समय चांदी को एक नहीं बल्कि कई बड़े फैक्टर एक साथ सपोर्ट कर रहे हैं। अमेरिका का महंगाई डेटा, फेड रिजर्व की पॉलिसी, ट्रंप और फेड के बीच बढ़ता टकराव, टैरिफ को लेकर कोर्ट का फैसला, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और डॉलर-रुपया मूवमेंट ये सभी फैक्टर अगले 24 घंटे में असर दिखा सकते हैं। इसी महीने में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 17% की तेजी आ चुकी है। कुछ कारोबारी सत्रों में तो 5% से ज्यादा का उछाल भी देखा गया है। ऐसे में 3 लाख का स्तर अब सिर्फ चर्चा नहीं बल्कि संभावना बन चुका है।
चांदी 3 लाख के पार क्यों जा सकती है? ये रहे 8 बड़े कारण
1. अमेरिका में महंगाई के आंकड़े
अमेरिका में दिसंबर महीने का CPI महंगाई डेटा 2.7% रहा है जो बाजार के अनुमान के अनुरूप है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में फेड रिजर्व ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर सकता है। जैसे ही रेट कट की उम्मीद बढ़ी इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी दोनों में तेजी देखने को मिली। चांदी के दाम 90 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच चुके हैं।
2. फेड और ट्रंप की बढ़ती जंग
डोनाल्ड ट्रंप और फेड रिजर्व के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। ट्रंप ने फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अगर फेड में बदलाव होता है और ट्रंप की पसंद का चेयरमैन आता है तो आक्रामक रेट कट संभव है। ऐसी स्थिति में चांदी जैसी कीमती धातुओं को बड़ा फायदा मिलता है।
3. ट्रंप टैरिफ पर कोर्ट का फैसला
15 जनवरी को ट्रंप टैरिफ से जुड़े मामले पर अमेरिकी कोर्ट का फैसला आने की संभावना है। इस फैसले से पहले निवेशकों में भारी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक रिस्क से बचने के लिए सेफ हेवन एसेट्स यानी सोना और चांदी की ओर रुख करते हैं।
4. 500% टैरिफ का डर
अमेरिका में रूस के खिलाफ ऐसा विधेयक लाने की चर्चा है जिसमें रूस से व्यापार करने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। भारत और चीन जैसे देशों पर इसके असर की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है जिससे चांदी को सपोर्ट मिल रहा है।
5. जियो-पॉलिटिकल टेंशन
ईरान, वेनेजुएला, क्यूबा, कंबोडिया और रूस-यूक्रेन जैसे मुद्दों पर वैश्विक तनाव बना हुआ है। जब भी दुनिया में राजनीतिक या सैन्य तनाव बढ़ता है, निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर जाते हैं। यही वजह है कि चांदी की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।
6. गोल्ड-सिल्वर रेश्यो का बड़ा संकेत
मौजूदा समय में गोल्ड-सिल्वर रेश्यो करीब 51 के आसपास है जो लगभग 13 साल के निचले स्तर के करीब माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर यह रेश्यो 43–45 के स्तर तक आता है तो चांदी इंटरनेशनल मार्केट में 100 डॉलर प्रति औंस और भारत में 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
7. चांदी की बढ़ती इंडस्ट्रीयल डिमांड
सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है। रिसर्च के मुताबिक, 2027 तक सोलर कंपनियों को चांदी की मौजूदा सालाना सप्लाई के 20% से ज्यादा हिस्से की जरूरत हो सकती है। डिमांड बढ़ने और सप्लाई सीमित रहने से कीमतों में लंबी तेजी की संभावना बन रही है।
8. डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी
भारत चांदी का बड़ा आयातक है। डॉलर के मुकाबले जब रुपया कमजोर होता है तो चांदी के दाम अपने आप बढ़ जाते हैं। मौजूदा साल में रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है जिससे लोकल मार्केट में चांदी को अतिरिक्त सपोर्ट मिला है।
क्या कहते हैं जानकार?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, जैसे ही गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 43 के आसपास आता है, चांदी इंटरनेशनल मार्केट में 100 डॉलर और भारत में 3 लाख रुपए के स्तर को छू सकती है। फेड पॉलिसी, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और इंडस्ट्रीयल डिमांड तीनों फैक्टर चांदी के पक्ष में हैं।
बाजार का ताजा हाल
बुधवार सुबह MCX पर चांदी 7,000 रुपए से ज्यादा की तेजी के साथ 2,82,450 रुपए प्रति किलो पर कारोबार करती दिखी और इंट्रा-डे में लाइफटाइम हाई भी बनाया। वहीं सोने की कीमत भी पहली बार 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड फ्यूचर्स 4,630 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहे हैं जबकि सिल्वर फ्यूचर्स 90 डॉलर प्रति औंस के बेहद करीब बने हुए हैं।












