ट्रेड डील के बाद अमेरिका की विश-लिस्ट आउट! भारत अब क्या-क्या खरीदेगा?

भारत ने अमेरिका से एनर्जी/पेट्रोलियम, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ, टेलीकॉम उत्पाद और विमान जैसी श्रेणियों में खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। साथ ही, कुछ कृषि उत्पादों में अमेरिका को सीमित मार्केट एक्सेस दिए जाने की बात भी सामने आई है।

भारत–अमेरिका ट्रेड डील
भारत–अमेरिका ट्रेड डील
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 02:22 PM
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India-US trade deal : भारत–अमेरिका के बीच कई महीनों की बातचीत के बाद ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी घोषणा करते हुए बताया कि भारत पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% कर दिया गया है (पहले 25%)। इसके बदले अमेरिका ने जिस “विश-लिस्ट” की ओर इशारा किया, उसमें भारत की ओर से बड़े पैमाने पर अमेरिकी सामान खरीदने की सहमति शामिल मानी जा रही है।

क्या-क्या खरीदेगा भारत?

Reuters के मुताबिक सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील की दिशा में यह कदम शुरुआती लेकिन रणनीतिक माना जा रहा है। भारत ने अमेरिका से एनर्जी/पेट्रोलियम, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ, टेलीकॉम उत्पाद और विमान जैसी श्रेणियों में खरीद बढ़ाने पर सहमति जताई है। साथ ही, कुछ कृषि उत्पादों में अमेरिका को सीमित मार्केट एक्सेस दिए जाने की बात भी सामने आई है। अधिकारी के अनुसार यह समझौता पहला चरण है और आगे बड़ी तथा व्यापक डील पर बातचीत जारी रहेगी। अमेरिका के ट्रेड डेफिसिट को घटाने के लक्ष्य से जोड़कर देखे जा रहे इस फैसले ने देश के भीतर राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है।

500 अरब डॉलर की खरीद का संकेत

ट्रंप के बयान में यह भी संकेत दिया गया कि भारत अमेरिका से $500 अरब तक के सामान जैसे एनर्जी/कोल, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर आदि की खरीद कर सकता है। यह दावा/अपेक्षा डील के आर्थिक पैमाने को बड़ा बनाती है, हालांकि टाइमलाइन और शर्तों का पूरा खाका अभी सार्वजनिक तौर पर साफ नहीं है। कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी–नवंबर अवधि में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट $85.5 अरब रहा, जबकि इसी अवधि में आयात $46.08 अरब दर्ज हुआ। India-US trade deal

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EPFO 3.0 अपडेट: PF निकालना हुआ आसान, अब तेजी से होगा भुगतान

सरकार ने राज्यसभा में यह भी बताया है कि यदि सदस्य की KYC अपडेट है और प्रोफाइल में कोई त्रुटि नहीं है, तो क्लेम फाइल करने के बाद एक हफ्ते के भीतर PF की राशि खाते में आ सकती है।

EPFO 3.0 से PF क्लेम हुआ फास्ट
EPFO 3.0 से PF क्लेम हुआ फास्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Feb 2026 01:50 PM
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EPFO 3.0 : अगर आप नौकरीपेशा हैं और हर महीने आपका योगदान EPF में कटता है, तो यह अपडेट आपके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPFO 3.0 के जरिए अपने सिस्टम को और ज्यादा डिजिटल व स्मार्ट बना दिया है, जिसका असर सबसे पहले PF क्लेम पर साफ दिख रहा है। अब ऑनलाइन क्लेम की प्रक्रिया पहले जैसी लंबी नहीं रही, सरकारी जानकारी के मुताबिक औसतन 8 दिन में क्लेम निपट रहा है और रकम सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर हो रही है। सरकार ने राज्यसभा में यह भी बताया है कि यदि सदस्य की KYC अपडेट है और प्रोफाइल में कोई त्रुटि नहीं है, तो क्लेम फाइल करने के बाद एक हफ्ते के भीतर PF की राशि खाते में आ सकती है।

अब PF क्लेम में लंबा इंतजार नहीं

पहले PF क्लेम को लेकर लोगों की शिकायतें आम थीं कहीं दस्तावेज अटक जाते थे, कहीं नियोक्ता की मंजूरी में देरी होती थी, तो कहीं प्रोफाइल की गलती के कारण भुगतान रुक जाता था। लेकिन EPFO 3.0 के सुधारों के बाद प्रक्रिया अधिक तेज और ट्रैक करने योग्य बनी है। सरकार के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में 23 जनवरी 2026 तक 8.53 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस किए जा चुके हैं, जो सिस्टम की बढ़ी क्षमता को दिखाता है। EPFO 3.0 का बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को मिला है जिनका e-KYC पूरी तरह अपडेट है। ऐसे सदस्य अब PF ट्रांसफर के लिए पुराने/नए नियोक्ता की मंजूरी के बिना भी ऑनलाइन क्लेम फाइल कर सकते हैं। इससे खासतौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो नौकरी बदलते रहते हैं या जिनकी पुरानी कंपनी से संपर्क नहीं हो पाता।

अब कर्मचारी खुद कर सकेंगे अपडेट

EPFO ने जनवरी 2025 से प्रोफाइल करेक्शन की प्रक्रिया भी सरल की है। अब कर्मचारी नाम, जन्मतिथि सहित जरूरी विवरण खुद ऑनलाइन अपडेट/सुधार सकते हैं। पहले इस काम के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। सरकार के अनुसार जनवरी 2026 तक 27 लाख से अधिक प्रोफाइल सुधार अनुरोध निपटाए जा चुके हैं। EPFO 3.0 के तहत Centralised Pension Payment System लागू किया गया है। मतलब यह कि पेंशनधारकों को अब किसी एक तय बैंक या ब्रांच पर निर्भर नहीं रहना होगा। देश के किसी भी शेड्यूल्ड बैंक से पेंशन मिल सकेगी बुजुर्ग पेंशनधारकों के लिए यह बड़ी सहूलियत मानी जा रही है।

अब चेहरे से बनेगा UAN

टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को आगे बढ़ाते हुए फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम भी शुरू किया गया है। सरकार के मुताबिक अगस्त 2025 से नए कर्मचारियों के UAN के लिए फेस ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है। UMANG ऐप के जरिए आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन से कर्मचारी खुद ही UAN बना और एक्टिवेट कर सकेंगे नियोक्ता पर निर्भरता कम होगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। EPFO 3.0 में Member Passbook Lite फीचर जोड़ा गया है, जिससे कर्मचारी हाल के लेनदेन आसानी से देख सकते हैं। EPFO 3.0

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मात्र 10 हजार में शुरू करें चूड़ियों का बिजनेस, लाखों की कमाई का मौका

कम पूंजी में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो चूड़ियों का व्यापार शुरू करें जो कि मात्र 10 हजार रुपये की जरुरत है जिसमें व्यापारी यहां से होलसेल में माल खरीदकर अपने क्षेत्र में खुदरा बिक्री कर अच्छी कमाई कर सकता हैं।

The growing bangle business
चूड़ियों का बढ़ता कारोबार (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Feb 2026 11:04 AM
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Choodi Business : अगर आप कम पूंजी में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं और कन्फ्यूजन में हैं, तो चूड़ियों का कारोबार आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह बिजनेस न सिर्फ कम लागत में शुरू किया जा सकता है, बल्कि इसमें मुनाफे की संभावनाएं भी काफी ज्यादा हैं। चूड़ियों का व्यापार शुरू करने के लिए मात्र 10 हजार रुपये की जरूरत होती है। उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद शहर चूड़ियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां के थोक बाजारों में अलग-अलग डिजाइन, साइज और क्वालिटी की चूड़ियां बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। व्यापारी यहां से होलसेल में माल खरीदकर अपने क्षेत्र में खुदरा बिक्री कर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

महिलाओं की पसंद के अनुसार रखें कलेक्शन

बता दें कि इस व्यवसाय में सफलता के लिए यह जरूरी है कि स्थानीय महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए चूड़ियों का चयन किया जाए। बाजार में नए डिजाइन और लेटेस्ट कलेक्शन की हमेशा मांग रहती है। फैंसी, जरकन और डिजाइनर चूड़ियां ग्राहकों को ज्यादा आकर्षित करती हैं, जिससे बिक्री तेजी से बढ़ती है।

20 रुपये से शुरू होती है कीमत

बता दें कि फिरोजाबाद के चूड़ी गोदामों में चूड़ियों की कीमत मात्र 20 रुपये से शुरू हो जाती है। यहां दर्जन और तोड़े के हिसाब से विभिन्न साइज की चूड़ियां उपलब्ध हैं। व्यापारी इन्हें दोगुने दाम पर आसानी से बेच सकते हैं। सही गोदाम से माल खरीदने पर खराब या रिजेक्ट सामान से भी बचा जा सकता है।

डबल इनकम और अच्छी बचत का मौका

विशेषज्ञों का मानना है कि चूड़ियों का व्यापार सबसे सरल और सुरक्षित बिजनेस में से एक है। कम समय में इसमें डबल इनकम के साथ अच्छी बचत शुरू हो जाती है। यही कारण है कि दूर-दराज से व्यापारी यहां आकर लाखों रुपये का माल खरीदकर ले जाते हैं। कम पूंजी, ज्यादा मुनाफा और लगातार मांग—इन तीनों वजहों से चूड़ियों का बिजनेस नए उद्यमियों के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर उभरा है। Choodi Business

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