Armour Security के शेयर ने निवेशकों की उड़ाई नींद, हुआ भारी घाटा
Armour Security IPO Listing ने निवेशकों को लिस्टिंग के दिन बड़ा झटका दिया है। आईपीओ में ₹57 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी गई हिस्सेदारी NSE SME पर ₹45.60 पर लिस्ट हुई और कुछ ही देर में ₹43.35 तक गिर गई। हर लॉट 2000 शेयर का होने के कारण निवेशकों को ₹27,300 का नुकसान हुआ।

Armour Security IPO Listing ने शेयर बाजार में कदम रखते ही निवेशकों को बड़ा झटका दिया। सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज देने वाली आर्मर सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड के शेयर NSE SME प्लेटफॉर्म पर 20% डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए। आईपीओ में जिस शेयर को ₹57 में खरीदा गया था वह लिस्टिंग के समय ₹45.60 पर खुला और कुछ ही देर में ₹43.35 के लोअर सर्किट तक फिसल गया। नतीजा यह रहा कि हर लॉट (2000 शेयर) पर निवेशकों को करीब ₹27,300 का सीधा नुकसान उठाना पड़ा।
नहीं मिला कोई लिस्टिंग गेन
Armour Security IPO को खुदरा निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी और यह कुल 1.82 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके बावजूद शेयरों की लिस्टिंग कमजोर रही। आईपीओ का इश्यू प्राइस ₹57 था, जबकि NSE SME पर इसकी एंट्री ₹45.60 पर हुई। यानी निवेशकों की पूंजी लिस्टिंग के साथ ही करीब 20% घट गई। लिस्टिंग के थोड़ी देर बाद शेयर और टूटकर ₹43.35 पर पहुंच गया जो इसका लोअर सर्किट लेवल था।
कहां होगा जुटाई गई रकम का इस्तेमाल?
आईपीओ से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल को लेकर कंपनी ने साफ योजना बताई थी। इसमें से ₹15.90 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। ₹1.61 करोड़ मशीनरी, इक्विपमेंट और वाहनों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे जबकि ₹2.40 करोड़ का उपयोग कर्ज घटाने के लिए किया जाएगा। बाकी राशि को जनरल कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
Armour Security IPO की स्थापना
आर्मर सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड की स्थापना अगस्त 1999 में हुई थी और कंपनी पिछले दो दशकों से सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी कॉरपोरेट, इंडस्ट्रियल, बैंकिंग, हेल्थकेयर, गवर्नमेंट, एजुकेशन और यूनिवर्सिटी जैसे कई सेक्टर्स को सिक्योरिटी सेवाएं देती है। इसके तहत आर्म्ड और अनआर्म्ड सिक्योरिटी गार्ड्स, इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट, हाउसकीपिंग, क्लीनिंग सर्विसेज, इवेंट मैनेजमेंट, फायरफाइटिंग ट्रेनिंग, सिक्योरिटी ट्रेनिंग और मैनपावर सप्लाई जैसी सेवाएं शामिल हैं।
कंपनी की कुल आय
कंपनी की वित्तीय स्थिति में बीते कुछ सालों में लगातार सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹2.26 करोड़ था जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर ₹2.62 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹3.97 करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय भी सालाना 12 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर से बढ़कर ₹36.56 करोड़ हो गई।
कंपनी पर था कुल ₹6.01 करोड़ का कर्ज
वर्तमान वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच ही कंपनी ₹2.90 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹19.69 करोड़ की कुल आय दर्ज कर चुकी है। सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी पर कुल ₹6.01 करोड़ का कर्ज था जबकि इसके रिजर्व और सरप्लस ₹9.12 करोड़ के स्तर पर मौजूद थे जो इसकी बैलेंस शीट को संतुलित दिखाते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Armour Security IPO Listing ने शेयर बाजार में कदम रखते ही निवेशकों को बड़ा झटका दिया। सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज देने वाली आर्मर सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड के शेयर NSE SME प्लेटफॉर्म पर 20% डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुए। आईपीओ में जिस शेयर को ₹57 में खरीदा गया था वह लिस्टिंग के समय ₹45.60 पर खुला और कुछ ही देर में ₹43.35 के लोअर सर्किट तक फिसल गया। नतीजा यह रहा कि हर लॉट (2000 शेयर) पर निवेशकों को करीब ₹27,300 का सीधा नुकसान उठाना पड़ा।
नहीं मिला कोई लिस्टिंग गेन
Armour Security IPO को खुदरा निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी और यह कुल 1.82 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके बावजूद शेयरों की लिस्टिंग कमजोर रही। आईपीओ का इश्यू प्राइस ₹57 था, जबकि NSE SME पर इसकी एंट्री ₹45.60 पर हुई। यानी निवेशकों की पूंजी लिस्टिंग के साथ ही करीब 20% घट गई। लिस्टिंग के थोड़ी देर बाद शेयर और टूटकर ₹43.35 पर पहुंच गया जो इसका लोअर सर्किट लेवल था।
कहां होगा जुटाई गई रकम का इस्तेमाल?
आईपीओ से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल को लेकर कंपनी ने साफ योजना बताई थी। इसमें से ₹15.90 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। ₹1.61 करोड़ मशीनरी, इक्विपमेंट और वाहनों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे जबकि ₹2.40 करोड़ का उपयोग कर्ज घटाने के लिए किया जाएगा। बाकी राशि को जनरल कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
Armour Security IPO की स्थापना
आर्मर सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड की स्थापना अगस्त 1999 में हुई थी और कंपनी पिछले दो दशकों से सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी कॉरपोरेट, इंडस्ट्रियल, बैंकिंग, हेल्थकेयर, गवर्नमेंट, एजुकेशन और यूनिवर्सिटी जैसे कई सेक्टर्स को सिक्योरिटी सेवाएं देती है। इसके तहत आर्म्ड और अनआर्म्ड सिक्योरिटी गार्ड्स, इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट, हाउसकीपिंग, क्लीनिंग सर्विसेज, इवेंट मैनेजमेंट, फायरफाइटिंग ट्रेनिंग, सिक्योरिटी ट्रेनिंग और मैनपावर सप्लाई जैसी सेवाएं शामिल हैं।
कंपनी की कुल आय
कंपनी की वित्तीय स्थिति में बीते कुछ सालों में लगातार सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹2.26 करोड़ था जो वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर ₹2.62 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹3.97 करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय भी सालाना 12 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर से बढ़कर ₹36.56 करोड़ हो गई।
कंपनी पर था कुल ₹6.01 करोड़ का कर्ज
वर्तमान वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच ही कंपनी ₹2.90 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹19.69 करोड़ की कुल आय दर्ज कर चुकी है। सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी पर कुल ₹6.01 करोड़ का कर्ज था जबकि इसके रिजर्व और सरप्लस ₹9.12 करोड़ के स्तर पर मौजूद थे जो इसकी बैलेंस शीट को संतुलित दिखाते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।












