PFC बॉण्ड क्यों बन रहा पसंदीदा विकल्प, एक क्लिक में बटोरें सारी जानकारी
PFC बॉण्ड में निवेश करना FD से बेहतर हो सकता है। जानें PFC जीरो कूपन बॉण्ड (ZCB) की अवधि, रिटर्न, टैक्स कटौती के बाद नेट रिटर्न और बीच में बेचकर पैसा निकालने की सुविधा। सुरक्षित और फायदेमंद निवेश के लिए पूरी जानकारी पढ़ें।

निवेशक जो सुरक्षित और फायदेमंद निवेश की तलाश में हैं उनके लिए पब्लिक सेक्टर कंपनी पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (PFC) के जीरो कूपन बॉण्ड (ZCB) एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। ये बॉण्ड 10 साल और 1 महीने की अवधि के लिए हैं। यदि आप जोखिम कम रखते हुए अच्छा रिटर्न चाहते हैं, तो यह निवेश आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। ET के अनुसार, PFC के इस पब्लिक इश्यू में निवेश करने की आखिरी तारीख 30 जनवरी है। इसके अलावा, ये बॉण्ड स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे यानी जरूरत पड़ने पर इन्हें बीच में भी बेचकर पैसा निकाला जा सकता है।
PFC बॉण्ड की खासियत
इन बॉण्ड में निवेश करने वाले आम निवेशक 50,780 रुपये में एक बॉण्ड खरीद सकते हैं। 10 साल और 1 महीने बाद उन्हें यह बॉण्ड 1 लाख रुपये वापस देगा। इस हिसाब से सालाना लगभग 6.95% का मुनाफा मिलेगा जो टैक्स कटने के बाद करीब 6.04% रह जाता है।जो निवेशक 10 लाख रुपये या उससे अधिक निवेश करते हैं उनके लिए बॉण्ड की कीमत 51,263 रुपये होगी और टैक्स कटने के बाद रिटर्न करीब 5.96% रह जाता है।
FD के मुकाबले रिटर्न
जानकारों का मानना है कि PFC बॉण्ड बैंक एफडी से बेहतर रिटर्न दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, SBI की 10 साल की FD पर 6.05% ब्याज मिलता है। लेकिन ऊंचे टैक्स स्लैब वाले निवेशकों के लिए टैक्स कटने के बाद यह सिर्फ 4.24% रह जाता है। वहीं, टैक्स-फ्री बॉण्ड पर भी मुनाफा 5.1% से 5.15% के बीच रहता है। इस हिसाब से PFC बॉण्ड टैक्स के बाद भी FD से बेहतर रिटर्न दे रहे हैं।
बाजार की स्थिति और भविष्य
सिनर्जी कैपिटल के एमडी विक्रम दलाल का मानना है कि अगले 12 से 18 महीनों में यदि ब्याज दरें 0.25% से 0.50% तक गिरती हैं तो इन बॉण्ड की वैल्यू बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि निवेशक न केवल तय रिटर्न पाएंगे बल्कि यदि जरूरत पड़े तो बीच में बेचकर अतिरिक्त मुनाफा भी कमा सकते हैं।
निवेशक जो सुरक्षित और फायदेमंद निवेश की तलाश में हैं उनके लिए पब्लिक सेक्टर कंपनी पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (PFC) के जीरो कूपन बॉण्ड (ZCB) एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। ये बॉण्ड 10 साल और 1 महीने की अवधि के लिए हैं। यदि आप जोखिम कम रखते हुए अच्छा रिटर्न चाहते हैं, तो यह निवेश आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। ET के अनुसार, PFC के इस पब्लिक इश्यू में निवेश करने की आखिरी तारीख 30 जनवरी है। इसके अलावा, ये बॉण्ड स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे यानी जरूरत पड़ने पर इन्हें बीच में भी बेचकर पैसा निकाला जा सकता है।
PFC बॉण्ड की खासियत
इन बॉण्ड में निवेश करने वाले आम निवेशक 50,780 रुपये में एक बॉण्ड खरीद सकते हैं। 10 साल और 1 महीने बाद उन्हें यह बॉण्ड 1 लाख रुपये वापस देगा। इस हिसाब से सालाना लगभग 6.95% का मुनाफा मिलेगा जो टैक्स कटने के बाद करीब 6.04% रह जाता है।जो निवेशक 10 लाख रुपये या उससे अधिक निवेश करते हैं उनके लिए बॉण्ड की कीमत 51,263 रुपये होगी और टैक्स कटने के बाद रिटर्न करीब 5.96% रह जाता है।
FD के मुकाबले रिटर्न
जानकारों का मानना है कि PFC बॉण्ड बैंक एफडी से बेहतर रिटर्न दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, SBI की 10 साल की FD पर 6.05% ब्याज मिलता है। लेकिन ऊंचे टैक्स स्लैब वाले निवेशकों के लिए टैक्स कटने के बाद यह सिर्फ 4.24% रह जाता है। वहीं, टैक्स-फ्री बॉण्ड पर भी मुनाफा 5.1% से 5.15% के बीच रहता है। इस हिसाब से PFC बॉण्ड टैक्स के बाद भी FD से बेहतर रिटर्न दे रहे हैं।
बाजार की स्थिति और भविष्य
सिनर्जी कैपिटल के एमडी विक्रम दलाल का मानना है कि अगले 12 से 18 महीनों में यदि ब्याज दरें 0.25% से 0.50% तक गिरती हैं तो इन बॉण्ड की वैल्यू बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि निवेशक न केवल तय रिटर्न पाएंगे बल्कि यदि जरूरत पड़े तो बीच में बेचकर अतिरिक्त मुनाफा भी कमा सकते हैं।












