फीका पड़ा Zudio का जादू? कैसे डूब गए 13 हजार करोड़?

ट्रेंट के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। दिसंबर तिमाही में 17 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद कंपनी का मार्केट कैप 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया है। Zudio और Westside के स्टोर विस्तार के बावजूद सेल्स में उम्मीद के अनुसार वृद्धि नहीं दिखी।

Trent Shares Crash
Trent शेयर गिरावट की असल वजह क्या है?
locationभारत
userअसमीना
calendar06 Jan 2026 04:47 PM
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टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। Zudio और Westside जैसे स्टोर को चलाने वाली इस कंपनी के शेयरों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के कारण कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 13,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। यहां ध्यान देने वाली बात है कि ट्रेंट ने दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की और 5,220 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया। बावजूद इसके शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।

ट्रेंट के शेयरों में बड़ी गिरावट

बीएसई पर ट्रेडिंग के दौरान ट्रेंट के शेयर 8.32% तक टूटकर 4,060.65 रुपए पर आ गए। सुबह 11:10 बजे यह 7.49% गिरकर 4,097.70 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कंपनी का शेयर 4,219.90 रुपए पर ओपन हुआ था जबकि एक दिन पहले यह 4,429.45 रुपए पर बंद हुआ था। इस गिरावट की वजह से ट्रेंट का मार्केट कैप 1,57,461.39 करोड़ रुपए से घटकर 1,44,351.01 करोड़ रुपए हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शेयरों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

Zudio और Westside स्टोर में विस्तार के बावजूद कमी

ट्रेंट के शेयर में गिरावट का प्रमुख कारण Zudio और Westside स्टोर्स के ग्रोथ में उम्मीद से कम प्रदर्शन बताया जा रहा है। तिमाही के दौरान कंपनी ने 48 नए Zudio स्टोर और 17 नए Westside आउटलेट खोले लेकिन कुल सेल्स में बढ़ोतरी अपेक्षित स्तर पर नहीं रही। हालांकि, स्टोर खोलने का सिलसिला तेजी से जारी है। वित्त वर्ष 2026 के 9 महीनों में Westside ने 30 नए स्टोर जोड़े जबकि पिछले वित्त वर्ष में औसतन केवल 16 स्टोर ही खुले थे। Zudio का विस्तार और भी आक्रामक रहा है लेकिन इस तिमाही में उम्मीद से कम स्टोर ही खुले। इस साल अब तक Zudio ने 89 स्टोर खोले हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025 में कुल 220 स्टोर खुले थे। Westside ने भी पिछले वित्त वर्ष के 16 स्टोरों की तुलना में इस साल 30 स्टोर जोड़े हैं।

शेयर बाजार और निवेशकों पर असर

शेयर बाजार में गिरावट के पीछे निवेशकों की मुनाफावसूली को भी एक कारण माना जा रहा है। ग्रोथ में कमी और अपेक्षित सेल्स न बढ़ पाने की वजह से निवेशक ट्रेंट के शेयर बेचने पर मजबूर हुए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर कंपनी अपने स्टोर के प्रदर्शन और सेल्स ग्रोथ को संतुलित नहीं कर पाई, तो आने वाले महीनों में और भी गिरावट संभव है।

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बिस्लेरी-किनले को टक्कर देने आ रहा है Campa Sure, बदलेगा पैकेज्ड वाटर का खेल?

Campa Sure: रिलायंस ने अपने नए पैकेज्ड पानी ब्रांड Campa Sure के लिए अमिताभ बच्चन को ब्रांड एंबेसडर बनाया है। Campa Sure की कीमत बिस्लेरी और किनले से 20-30% सस्ती रखी गई है। मुकेश अंबानी का यह कदम पानी के बाजार में बड़ी हलचल मचा सकता है।

Campa Sure
Campa Sure मचाएगा धमाल
locationभारत
userअसमीना
calendar06 Jan 2026 04:18 PM
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देश में पैकेज्ड पानी का बाजार अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है रिलायंस का नया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर ब्रांड ‘कैंपा श्योर’, जिसकी कीमत बाजार में मौजूद दिग्गज ब्रांड्स से 20–30% तक सस्ती रखी गई है। भरोसे का चेहरा अमिताभ बच्चन और सस्ता व बेहतर की रणनीति के साथ रिलायंस ने पानी के कारोबार में बड़ा धमाका कर दिया है।

कैंपा श्योर के ब्रांड एंबेसडर बने अमिताभ बच्चन

मुकेश अंबानी की कंपनी Reliance Consumer Products Limited (RCPL) ने अपने पैकेज्ड पानी ब्रांड Campa Sure के प्रचार के लिए अमिताभ बच्चन को ब्रांड एंबेसडर चुना है। कंपनी को भरोसा है कि बिग बी की लोकप्रियता और विश्वसनीय छवि से यह ब्रांड तेजी से लोगों के घर-घर तक पहुंचेगा। भारत में जब कोई बड़ा और भरोसेमंद चेहरा किसी उत्पाद से जुड़ता है तो उपभोक्ताओं का भरोसा अपने आप बढ़ जाता है।

बिस्लेरी, किनले और एक्वाफिना से सस्ता होगा कैंपा श्योर

रिलायंस ने कैंपा श्योर को Bisleri, Kinley और Aquafina जैसे पुराने और स्थापित ब्रांड्स के मुकाबले काफी कम कीमत पर लॉन्च किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी कीमत प्रतिद्वंद्वी ब्रांड्स से 20 से 30 प्रतिशत तक कम रखी गई है। रिलायंस वही रणनीति अपना रही है जो उसने कोला ड्रिंक्स में अपनाई थी।

‘सस्ता और बेहतर’ रिलायंस का पुराना फॉर्मूला

कोला ड्रिंक्स के बाजार में उतरने के बाद रिलायंस ने जिस तरह कीमतों के जरिए हलचल मचाई थी अब वही मॉडल पानी के कारोबार में भी अपनाया जा रहा है। कंपनी का साफ मकसद है कि आम आदमी को किफायती दाम पर भरोसेमंद पैकेज्ड पानी उपलब्ध कराया जाए और तेजी से बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई जाए।

लगातार तीसरी बड़ी एंडोर्समेंट डील

अमिताभ बच्चन के साथ यह डील रिलायंस के FMCG सेक्टर की तीसरी बड़ी एंडोर्समेंट डील है। इससे पहले आईपीएल सीजन के दौरान कंपनी ने अपने कैंपा कोला ब्रांड के लिए राम चरण को चेहरा बनाया था। वहीं हाल ही में तमिल सुपरस्टार और रेसर अजीत कुमार की मोटरस्पोर्ट टीम के साथ भी रिलायंस ने साझेदारी की थी। साफ है कि रिलायंस सितारों की ताकत को पूरी रणनीति के साथ इस्तेमाल कर रही है।

GST में कटौती से मिला बड़ा फायदा

पानी के कारोबार में तेजी के पीछे एक अहम वजह GST में राहत भी है। सरकार ने पिछले साल सितंबर में पैकेज्ड मिनरल वाटर पर GST को 18% से घटाकर 5% कर दिया था। इसके बाद से कंपनियों को कीमतें घटाने का मौका मिला और बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई। रिलायंस ने इसी मौके का फायदा उठाते हुए कैंपा श्योर को आक्रामक कीमत पर उतारा है।

अमिताभ बच्चन आज भी भरोसे का सबसे बड़ा नाम

80 साल की उम्र पार करने के बावजूद अमिताभ बच्चन आज भी विज्ञापन की दुनिया में सबसे मजबूत चेहरा बने हुए हैं। वे पहले से ही बीकाजी, फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज, इंडिया गेट बासमती चावल, डाबर रेड, मुथूट फाइनेंस और IDFC First Bank जैसे कई बड़े ब्रांड्स से जुड़े हुए हैं। कंपनियां जानती हैं कि बिग बी का नाम जुड़ते ही लोगों का भरोसा अपने आप बन जाता है।

बिस्लेरी और पेप्सी के लिए बढ़ेगी चुनौती

रिलायंस का यह कदम पुराने ब्रांड्स के लिए आसान नहीं होने वाला है। कम कीमत, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और अमिताभ बच्चन जैसे ब्रांड एंबेसडर के साथ कैंपा श्योर बिस्लेरी, कोका-कोला और पेप्सी जैसी कंपनियों की बादशाहत को सीधी चुनौती दे सकता है।

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स्टार्टअप IPO का गोल्डन ईयर शुरू, पैसों पर राज करेंगे निवेशक!

Startup IPO 2026: 2026 में भारत के स्टार्टअप IPO बाजार में बड़ा धमाका होने वाला है जहां PhonePe, Zepto, OYO, Boat और कई नई पीढ़ी की कंपनियां शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं, और इन IPOs के जरिए 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए जाने की उम्मीद है।

Startup IPO 2026
2026 में IPO लाने वाली टॉप स्टार्टअप कंपनियां
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userअसमीना
calendar06 Jan 2026 03:05 PM
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साल 2026 में भारत का शेयर बाजार एक नए इतिहास की ओर बढ़ रहा है। साल 2026 सिर्फ बड़े कॉरपोरेट्स का नहीं बल्कि नई पीढ़ी के स्टार्टअप्स का साल साबित होने वाला है। जिन कंपनियों को लोगों ने मोबाइल ऐप से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक में इस्तेमाल किया अब वही कंपनियां निवेशकों के लिए कमाई का बड़ा मौका लेकर आ रही हैं। PhonePe, Zepto, Oyo, Boat, Infra.Market और Shadowfax जैसी दिग्गज स्टार्टअप्स IPO के जरिए बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि ये कंपनियां मिलकर 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटा सकती हैं जिससे शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी।

क्यों खास है 2026 स्टार्टअप IPO के लिए?

साल 2026 को स्टार्टअप IPO का गोल्डन ईयर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि बीते कुछ सालों में नई पीढ़ी की कंपनियों ने अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत किया है। अब ये कंपनियां सिर्फ ग्रोथ ही नहीं बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी और स्टेबल रेवेन्यू पर भी फोकस कर रही हैं। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा इन पर पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा है।

पिछले IPOs ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

पिछले साल शेयर बाजार में लिस्ट हुई नई पीढ़ी की कंपनियों ने लगभग 36,000 करोड़ रुपये IPO से जुटाए थे। इसमें एथर एनर्जी, लेंसकार्ट, मीशो, ग्रोव, फिजिक्सवाला और पाइन लैब्स जैसी कंपनियां शामिल थीं। इन IPOs से फाउंडर्स, शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिला। कई कंपनियों का लिस्टिंग के बाद प्रदर्शन शानदार रहा, जिससे यह साफ हो गया कि अब स्टार्टअप सेक्टर ज्यादा मैच्योर हो चुका है।

हेल्दी फाइनेंशियल रिपोर्ट्स से बनेगा पॉजिटिव सेंटीमेंट

विशेषज्ञों का मानना है कि 2021, 2024 और 2025 में लिस्ट हुई कई कंपनियों ने लगातार अच्छा वित्तीय प्रदर्शन किया है। इन कंपनियों की इनकम कॉल्स और रिजल्ट रिपोर्ट्स आने वाले IPOs के लिए बाजार का सेंटीमेंट तय करेंगी। अब IPO की प्राइसिंग भी ज्यादा संतुलित हो गई है जिससे पब्लिक इन्वेस्टर्स को लॉन्ग टर्म ग्रोथ में शामिल होने का बेहतर मौका मिल रहा है।

बजट और ग्लोबल फैक्टर्स पर रहेगी नजर

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार फरवरी बजट के बाद IPO मार्केट में तेजी आ सकती है। हालांकि, इसका असर अमेरिका-भारत ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमतें और ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर्स पर निर्भर करेगा। साथ ही रिलायंस जियो और SBI फंड्स जैसे बड़े IPOs बाजार की तरलता को प्रभावित कर सकते हैं।

2026 का IPO आउटलुक

घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक IPO बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए हैं। बीमा कंपनियां और पेंशन फंड्स भी अब ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अब केवल ग्रोथ नहीं, बल्कि स्पष्ट प्रॉफिट मॉडल और मजबूत गवर्नेंस वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यानी माहौल पॉजिटिव जरूर है लेकिन निवेश ज्यादा सोच-समझकर किया जाएगा।

PhonePe से Zepto तक कौन कितना जुटाएगा?

क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने करीब 11,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए गोपनीय आवेदन किया है और सितंबर तिमाही में लिस्टिंग की योजना है। Oyo तीसरी बार IPO लाने की तैयारी में है और लगभग 6,650 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब प्रॉफिट में है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं PhonePe लगभग 13,000–14,000 करोड़ रुपये के IPO के साथ शेयर बाजार में उतर सकती है जो 2026 के सबसे बड़े टेक IPOs में से एक होगा।

निवेशकों और कर्मचारियों को बड़ा फायदा

पिछले साल IPO के जरिए लगभग 18,000 करोड़ रुपये का एग्जिट शुरुआती निवेशकों और फाउंडर्स को मिला। इसके अलावा, करीब 8,700 करोड़ रुपये के ESOPs भी लिक्विड हुए जिससे कर्मचारियों की भी जबरदस्त कमाई हुई। इससे साफ है कि आने वाले IPOs सिर्फ निवेशकों के लिए ही नहीं बल्कि स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

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