फीका पड़ा Zudio का जादू? कैसे डूब गए 13 हजार करोड़?
ट्रेंट के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। दिसंबर तिमाही में 17 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद कंपनी का मार्केट कैप 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया है। Zudio और Westside के स्टोर विस्तार के बावजूद सेल्स में उम्मीद के अनुसार वृद्धि नहीं दिखी।

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। Zudio और Westside जैसे स्टोर को चलाने वाली इस कंपनी के शेयरों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के कारण कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 13,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। यहां ध्यान देने वाली बात है कि ट्रेंट ने दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की और 5,220 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया। बावजूद इसके शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
ट्रेंट के शेयरों में बड़ी गिरावट
बीएसई पर ट्रेडिंग के दौरान ट्रेंट के शेयर 8.32% तक टूटकर 4,060.65 रुपए पर आ गए। सुबह 11:10 बजे यह 7.49% गिरकर 4,097.70 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कंपनी का शेयर 4,219.90 रुपए पर ओपन हुआ था जबकि एक दिन पहले यह 4,429.45 रुपए पर बंद हुआ था। इस गिरावट की वजह से ट्रेंट का मार्केट कैप 1,57,461.39 करोड़ रुपए से घटकर 1,44,351.01 करोड़ रुपए हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शेयरों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
Zudio और Westside स्टोर में विस्तार के बावजूद कमी
ट्रेंट के शेयर में गिरावट का प्रमुख कारण Zudio और Westside स्टोर्स के ग्रोथ में उम्मीद से कम प्रदर्शन बताया जा रहा है। तिमाही के दौरान कंपनी ने 48 नए Zudio स्टोर और 17 नए Westside आउटलेट खोले लेकिन कुल सेल्स में बढ़ोतरी अपेक्षित स्तर पर नहीं रही। हालांकि, स्टोर खोलने का सिलसिला तेजी से जारी है। वित्त वर्ष 2026 के 9 महीनों में Westside ने 30 नए स्टोर जोड़े जबकि पिछले वित्त वर्ष में औसतन केवल 16 स्टोर ही खुले थे। Zudio का विस्तार और भी आक्रामक रहा है लेकिन इस तिमाही में उम्मीद से कम स्टोर ही खुले। इस साल अब तक Zudio ने 89 स्टोर खोले हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025 में कुल 220 स्टोर खुले थे। Westside ने भी पिछले वित्त वर्ष के 16 स्टोरों की तुलना में इस साल 30 स्टोर जोड़े हैं।
शेयर बाजार और निवेशकों पर असर
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे निवेशकों की मुनाफावसूली को भी एक कारण माना जा रहा है। ग्रोथ में कमी और अपेक्षित सेल्स न बढ़ पाने की वजह से निवेशक ट्रेंट के शेयर बेचने पर मजबूर हुए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर कंपनी अपने स्टोर के प्रदर्शन और सेल्स ग्रोथ को संतुलित नहीं कर पाई, तो आने वाले महीनों में और भी गिरावट संभव है।
टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। Zudio और Westside जैसे स्टोर को चलाने वाली इस कंपनी के शेयरों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के कारण कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 13,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। यहां ध्यान देने वाली बात है कि ट्रेंट ने दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की और 5,220 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया। बावजूद इसके शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
ट्रेंट के शेयरों में बड़ी गिरावट
बीएसई पर ट्रेडिंग के दौरान ट्रेंट के शेयर 8.32% तक टूटकर 4,060.65 रुपए पर आ गए। सुबह 11:10 बजे यह 7.49% गिरकर 4,097.70 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कंपनी का शेयर 4,219.90 रुपए पर ओपन हुआ था जबकि एक दिन पहले यह 4,429.45 रुपए पर बंद हुआ था। इस गिरावट की वजह से ट्रेंट का मार्केट कैप 1,57,461.39 करोड़ रुपए से घटकर 1,44,351.01 करोड़ रुपए हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शेयरों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
Zudio और Westside स्टोर में विस्तार के बावजूद कमी
ट्रेंट के शेयर में गिरावट का प्रमुख कारण Zudio और Westside स्टोर्स के ग्रोथ में उम्मीद से कम प्रदर्शन बताया जा रहा है। तिमाही के दौरान कंपनी ने 48 नए Zudio स्टोर और 17 नए Westside आउटलेट खोले लेकिन कुल सेल्स में बढ़ोतरी अपेक्षित स्तर पर नहीं रही। हालांकि, स्टोर खोलने का सिलसिला तेजी से जारी है। वित्त वर्ष 2026 के 9 महीनों में Westside ने 30 नए स्टोर जोड़े जबकि पिछले वित्त वर्ष में औसतन केवल 16 स्टोर ही खुले थे। Zudio का विस्तार और भी आक्रामक रहा है लेकिन इस तिमाही में उम्मीद से कम स्टोर ही खुले। इस साल अब तक Zudio ने 89 स्टोर खोले हैं, जबकि वित्त वर्ष 2025 में कुल 220 स्टोर खुले थे। Westside ने भी पिछले वित्त वर्ष के 16 स्टोरों की तुलना में इस साल 30 स्टोर जोड़े हैं।
शेयर बाजार और निवेशकों पर असर
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे निवेशकों की मुनाफावसूली को भी एक कारण माना जा रहा है। ग्रोथ में कमी और अपेक्षित सेल्स न बढ़ पाने की वजह से निवेशक ट्रेंट के शेयर बेचने पर मजबूर हुए। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर कंपनी अपने स्टोर के प्रदर्शन और सेल्स ग्रोथ को संतुलित नहीं कर पाई, तो आने वाले महीनों में और भी गिरावट संभव है।












