फरीदाबाद में पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या, गिरफ्तार

फरीदाबाद में पत्नी और प्रेमी ने मिलकर अवैध संबंधों के चलते पती की हत्या की साजिश रची और शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। जिसके बाद क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Sensational incident in Faridabad
फरीदाबाद में सनसनीखेज हत्या का खुलासा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 10:04 PM
bookmark

Faridabad News : फरीदाबाद पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या के मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या की और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पुलिस की क्राइम ब्रांच डीएलएफ टीम ने दोनों आरोपियों पत्नी कविता और उसके प्रेमी रियाउल को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला मेवला महाराजपुर का

बता दें कि जानकारी के अनुसार, यह घटना 28 जनवरी, 2025 की नहीं बल्कि 30 नवंबर, 2025 की है, जब सुमन नामक व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक पर पाया गया। मृतक सुमन की पत्नी कविता और उसके प्रेमी रियाउल वर्तमान में मेवला महाराजपुर में रह रहे थे। कविता झारखंड के गोड्डा जिले की निवासी हैं जबकि रियाउल पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से हैं।

गुमशुदगी की शिकायत और जांच

बता दें कि 18 जनवरी को, सुमन के भाई सन्नी ने अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट सेक्टर 46 पुलिस चौकी में दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि सुमन की पत्नी कविता और रियाउल के बीच अवैध संबंध थे। जब सुमन को इन संबंधों का पता चला, तो दोनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई।

हत्या का भयावह तरीका

बता दें कि पुलिस के अनुसार, 30 नवंबर को दोनों आरोपियों ने रेलवे ट्रैक के पास सुमन के सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव का चेहरा रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया ताकि पहचान न हो सके। आरोपियों ने शव को झारखंड ले जाने की भी योजना बनाई थी।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच की त्वरित कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है।Faridabad News

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

नितेश राणे के बयान पर सियासी घमासान, ठाकरे गुट का पलटवार

ठाकरे गुट का आरोप है कि नितेश राणे का यह बयान मंत्री पद की शपथ का सीधा उल्लंघन है। अखिल चित्रे ने कहा कि संविधान के अनुसार मंत्री को बिना भेदभाव के काम करना होता है, लेकिन इस तरह के बयान सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण राजनीति को दर्शाते हैं।

The hustle and bustle of Panchayat committee elections
सरकारी तंत्र की निष्पक्षता पर उठे सवाल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 07:33 PM
bookmark

Nitesh Rane : महाराष्ट्र में आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की सरगर्मी के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा के नेता और मंत्री नितेश राणे के एक कथित बयान को लेकर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए राज्यपाल से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, कणकवली के फोंडा निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान नितेश राणे ने कथित तौर पर कहा कि सरकारी निधि का आवंटन राजनीतिक चिह्नों के आधार पर किया जाएगा। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है और सरकारी तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।

‘सरकारी खजाना निजी पिगी बैंक नहीं’

बता दें कि शिवसेना (UBT) के नेता अखिल चित्रे ने इस बयान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नितेश राणे पर तंज कसते हुए लिखा कि सरकारी तिजोरी जनता की मेहनत की कमाई से भरी होती है, न कि किसी मंत्री की निजी संपत्ति। चित्रे ने कहा कि सरकारी फंड का वितरण पार्टी, चुनाव चिह्न या राजनीतिक निष्ठा के आधार पर नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि फंड के नाम पर दबाव बनाना और सौदेबाजी करना जनता के साथ विश्वासघात है और यह सोच लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है।

शपथ का उल्लंघन और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

बता दें कि ठाकरे गुट का आरोप है कि नितेश राणे का यह बयान मंत्री पद की शपथ का सीधा उल्लंघन है। अखिल चित्रे ने कहा कि संविधान के अनुसार मंत्री को बिना भेदभाव के काम करना होता है, लेकिन इस तरह के बयान सत्ता के दुरुपयोग और पक्षपातपूर्ण राजनीति को दर्शाते हैं। उन्होंने इसे असंवैधानिक और कानून के खिलाफ करार दिया।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सवाल

बता दें कि इस पूरे मामले में शिवसेना (UBT) ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने पूछा है कि क्या ऐसे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो सरकारी फंड को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की बात कर रहा है। ठाकरे गुट का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की बयानबाजी पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक मिसाल साबित हो सकती है। Nitesh Rane

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

छतरपुर में अजीब घटना, धरती से निकली आग, कोर्ट परिसर के पास मचा हड़कंप

छतरपुर जिले में मिट्टी में आग लगने का मामला सामने आया है, जो लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। घटना लवकुशनगर थाना क्षेत्र की है वहीं स्थानीय लोग प्रशासन से इसकी जांच की मांग कर रहे है।

The fire in Chhatarpur remains a mystery
छतरपुर की आग बनी रहस्य (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Feb 2026 05:58 PM
bookmark

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कोर्ट परिसर के पास जमीन से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। यह हैरान कर देने वाली घटना लवकुशनगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां बीएसएनएल द्वारा अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई की जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन ज्वाइंट के लिए खोदे गए गड्ढे में डाली गई मिट्टी से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में वहां आग की लपटें दिखाई देने लगीं। मौके पर मौजूद लोगों ने जब उत्सुकतावश मिट्टी को हिलाया, तो आग और तेज हो गई, जिससे आसपास मौजूद लोग सहम गए।

घटना से फैली दहशत, जुटी भीड़

बता दें कि अचानक हुई इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले कभी ऐसी घटना नहीं देखी, जहां मिट्टी में आग लग जाए।

गैस रिसाव या रासायनिक प्रतिक्रिया?

बता दें कि मिट्टी में आग लगने की वजह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे गैस रिसाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह किसी रासायनिक प्रतिक्रिया का परिणाम हो सकता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया आंखों देखा हाल

बता दें कि स्थानीय निवासी ने बताया कि हम लोग वहां खड़े थे, तभी अचानक मिट्टी से धुआं निकला और आग जलने लगी। जब मिट्टी को थोड़ा हिलाया गया तो आग और तेज हो गई। यह दृश्य बेहद हैरान करने वाला था। वहीं ब्रजेश ने कहा कि पहली बार देखा है कि मिट्टी में आग लग रही हो। लोग डर गए थे और कोई समझ नहीं पा रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि मिट्टी में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

संबंधित खबरें