नोएडा से मुंबई तक गैस संकट गहराया, कई होटल बंद
ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब भारत के आम लोगों तक पहुंचने लगा है। देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिल रही है। मुंबई से लेकर नोएडा तक लोग गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

New Delhi/Noida/Mumbai : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब भारत के आम लोगों तक पहुंचने लगा है। देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिल रही है। मुंबई से लेकर नोएडा तक लोग गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई परिवारों को दही-चूड़ा और सत्तू खाकर ही गुजारा करना पड़ रहा है।
2 से 8 दिन तक रिफिल में देरी
मौजूदा संकट के चलते कई शहरों में गैस सिलेंडर की रिफिल मिलने में 2 से 8 दिन तक की देरी हो रही है। घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है और लोग सिलेंडर के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसका असर सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुंबई में होटल-रेस्टोरेंट पर असर
मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। कई इलाकों में लोग सुबह 5 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिसके कारण शहर के करीब 20 से 40 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या सीमित मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं। कांदिवली जैसे इलाकों में रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर इंतजार करते दिखाई दिए।
फर्जी डिलीवरी मैसेज से बढ़ी परेशानी
कई लोगों ने शिकायत की है कि उनके मोबाइल फोन पर एलपीजी सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ रहा है, लेकिन वास्तव में सिलेंडर उनके घर तक नहीं पहुंच रहा। ऐसे में लोग खुद एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। रविवार होने के कारण कई लोग निराश भी दिखे, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि एजेंसी खुली मिलेगी।
नोएडा में तीन दिन से नहीं आई सिलेंडर की गाड़ी
नोएडा के सेक्टर-5 में भी लोगों की परेशानी कम नहीं है। यहां तीन से चार दिन से गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं पहुंची है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही गाड़ी से पूरे इलाके में सिलेंडर बांटे जाते हैं, लेकिन कई दिनों से गाड़ी नहीं आई। इसके कारण लोग सुबह से ही लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं और घंटों इंतजार करते हैं।
सत्तू और दही-चूड़ा से चला रहे काम
गैस की कमी के कारण कई परिवारों के घरों में चूल्हा ठंडा पड़ा है। लोगों ने बताया कि दो से तीन दिन से घर में सिलेंडर नहीं है, ऐसे में पड़ोसियों से सिलेंडर उधार लेकर या बिना गैस के ही काम चलाना पड़ रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि वह पिछले दो दिन से दही-चूड़ा और सत्तू खाकर ही भूख मिटा रहा है, क्योंकि घर में खाना बनाने का कोई साधन नहीं बचा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जगहों पर निगरानी समितियां गठित की हैं, ताकि सिलेंडर की आपूर्ति पर नजर रखी जा सके और कालाबाजारी को रोका जा सके। हालांकि आम लोगों को अभी भी राहत का इंतजार है।
New Delhi/Noida/Mumbai : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच जारी टकराव का असर अब भारत के आम लोगों तक पहुंचने लगा है। देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिल रही है। मुंबई से लेकर नोएडा तक लोग गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई परिवारों को दही-चूड़ा और सत्तू खाकर ही गुजारा करना पड़ रहा है।
2 से 8 दिन तक रिफिल में देरी
मौजूदा संकट के चलते कई शहरों में गैस सिलेंडर की रिफिल मिलने में 2 से 8 दिन तक की देरी हो रही है। घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है और लोग सिलेंडर के इंतजार में घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसका असर सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुंबई में होटल-रेस्टोरेंट पर असर
मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। कई इलाकों में लोग सुबह 5 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप हो गई है, जिसके कारण शहर के करीब 20 से 40 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या सीमित मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं। कांदिवली जैसे इलाकों में रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर इंतजार करते दिखाई दिए।
फर्जी डिलीवरी मैसेज से बढ़ी परेशानी
कई लोगों ने शिकायत की है कि उनके मोबाइल फोन पर एलपीजी सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज आ रहा है, लेकिन वास्तव में सिलेंडर उनके घर तक नहीं पहुंच रहा। ऐसे में लोग खुद एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। रविवार होने के कारण कई लोग निराश भी दिखे, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि एजेंसी खुली मिलेगी।
नोएडा में तीन दिन से नहीं आई सिलेंडर की गाड़ी
नोएडा के सेक्टर-5 में भी लोगों की परेशानी कम नहीं है। यहां तीन से चार दिन से गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं पहुंची है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही गाड़ी से पूरे इलाके में सिलेंडर बांटे जाते हैं, लेकिन कई दिनों से गाड़ी नहीं आई। इसके कारण लोग सुबह से ही लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं और घंटों इंतजार करते हैं।
सत्तू और दही-चूड़ा से चला रहे काम
गैस की कमी के कारण कई परिवारों के घरों में चूल्हा ठंडा पड़ा है। लोगों ने बताया कि दो से तीन दिन से घर में सिलेंडर नहीं है, ऐसे में पड़ोसियों से सिलेंडर उधार लेकर या बिना गैस के ही काम चलाना पड़ रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि वह पिछले दो दिन से दही-चूड़ा और सत्तू खाकर ही भूख मिटा रहा है, क्योंकि घर में खाना बनाने का कोई साधन नहीं बचा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई जगहों पर निगरानी समितियां गठित की हैं, ताकि सिलेंडर की आपूर्ति पर नजर रखी जा सके और कालाबाजारी को रोका जा सके। हालांकि आम लोगों को अभी भी राहत का इंतजार है।











