नोएडा व ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों में ख़ुशी की लहर , सरकार ने बदल दिया इंडस्ट्रीज़ प्लॉटों के आवंटन का तरीक़ा
भारत
चेतना मंच
09 Jul 2023 01:48 AM
By Supriya Srivastava
Greater Noida News:
नोएडा / ग्रेटर नोएडा । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी ख़बर आ रही है । इस ख़बर से इण्डस्ट्रीज के लिए काम करने वाले उद्यमियों के सभी संगठन गदगद हैं । सभी संगठनों ने सरकार के फ़ैसले का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया है। नई व्यवस्था का आदेश नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना विकास प्राधिकरणों में पँहुच गया है ।
क्या है ये बड़ा फैसला-
उत्तर प्रदेश राज्य के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने चेतना मंच से हुई खास बातचीत में बताया कि औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में इंडस्ट्री के प्लॉट्स में ई-नीलामी की व्यवस्था को खत्म कर दिया है।
Greater Noida News:
गौरतलब है अप्रैल 2022 से पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में इंडस्ट्री के प्लॉट्स का आबंटन ड्रॉ और साक्षात्कार के जरिए होता था। इस प्रक्रिया में 2000 वर्ग मीटर से बड़े भूखंड का आवंटन करने के लिए उद्यमियों का साक्षात्कार होता था, और इससे कम क्षेत्रफल के भूखंडों का आवंटन लकी ड्रा के माध्यम से किया जाता था। इस प्रक्रिया को नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वर्तमान मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्रीमती ऋतु माहेश्वरी ने इस प्रक्रिया को बदलते हुए सभी आकार के इंडस्ट्रियल भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के जरिए करना शुरू का दिया था। तर्क यह दिया था कि इंटरव्यू के जरिए भूखंड आवंटन में राजनैतिक दबाव पड़ता है।
ई -नीलामी प्रक्रिया में उद्यमियों को होती थी मुश्किल -
ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया में ढेर सारी खामियां थी। वास्तव में इंडस्ट्री चलाने वाले उद्यमी ई-नीलामी की प्रक्रिया से बचने के लिए ब्रोकर के माध्यम से भूखंड खरीदते थे। इसके साथ ही नीलामी की व्यवस्था लघु उद्यमी और मध्यम वर्ग के उद्यमियों की राह में रोड़ा बन गई थी। देश-विदेश से नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में आने वाले बड़े निवेशक भी नीलामी प्रक्रिया के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते थे।
औद्योगिक संगठन लगातार उत्तर प्रदेश सरकार से ई-नीलामी की व्यवस्था को हटाने को लेकर मांग कर रहे थे। अब योगी सरकार ने इस पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार की तरफ से जारी किए गए नए आदेश में लिखा है कि -अप्रैल 2022 के पूर्व की स्थिति के अनुसार निवेशक की पृष्ठभूमि और निवेश की उपयोगिता के दृष्टिगत पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए औद्योगिक भूखंडो का आवंटन किया जाएगा। जिसका मतलब साफ है कि अब भूखंड के आवंटन के लिए दरों का निर्धारण करके लकी ड्रॉ के जरिए आवंटन किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से उद्यमियों में खुशी की लहर -
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में इंडस्ट्री के प्लॉट्स के आवंटन को लेकर लिए गए राज्य सरकार के फैसले के बाद उद्यमियों में उत्साह का माहौल है। खास तौर से लघु एवं मध्यम वर्ग के उद्यमी सरकार के इस फैसले से बेहद खुश हैं। सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए यमुना अथॉरिटी एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषभ निगम ने राज्य सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि -"नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी इलाकों में इंडस्ट्रियल प्लॉट्स के ऑक्शन की व्यवस्था समाप्त करके बड़ा शानदार काम किया है। यह उद्योग और क्षेत्र के हित में स्वागत योग्य कदम है। हम उत्तर प्रदेश शासन का हार्दिक धन्यवाद और आभार प्रकट करते हैं।"
इसी प्रकार की प्रतिक्रिया दूसरे औद्योगिक संगठनों से भी मिल रही है।