लाल किला विस्फोट 2025: ‘व्हाइट-कॉलर टेरर’ नेटवर्क का खुलासा

जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल ‘अंसार इंटरिम’ नाम से सक्रिय था। सूत्रों के मुताबिक, इसका कथित मास्टरमाइंड 28 वर्षीय डॉक्टर उमर-उन-नबी है, जो 2016 से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाव रखता था। बताया जा रहा है कि 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान इस संगठन की नींव रखी गई।

Red Fort blast 2025
कश्मीर से हरियाणा तक फैला ‘अंसार इंटरिम’ मॉड्यूल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar16 Feb 2026 04:46 PM
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Lal Qila Blast 2025: लाल किला विस्फोट 2025 मामले में जांच एजेंसियों ने बड़े खुलासे किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह साजिश पारंपरिक आतंकी ढांचे से अलग एक कथित “व्हाइट-कॉलर टेरर” मॉडल पर आधारित थी, जिसमें पढ़े-लिखे और पेशेवर पृष्ठभूमि वाले लोगों को नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया।

‘अंसार इंटरिम’ नाम से संचालित मॉड्यूल

जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल ‘अंसार इंटरिम’ नाम से सक्रिय था। सूत्रों के मुताबिक, इसका कथित मास्टरमाइंड 28 वर्षीय डॉक्टर उमर-उन-नबी है, जो 2016 से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाव रखता था। बताया जा रहा है कि 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान इस संगठन की नींव रखी गई।

एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य पारंपरिक आतंकवादी तरीकों से हटकर शिक्षित युवाओं और पेशेवरों को जोड़ते हुए एक ऐसा तंत्र तैयार करना था जो सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर काम कर सके।

हरियाणा कनेक्शन: विस्फोटक तैयार करने का आरोप

जांच में हरियाणा से जुड़े ठिकानों पर कथित रूप से TATP (ट्रायएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड) जैसे अत्यंत संवेदनशील विस्फोटक तैयार किए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, साजिश के तहत एक VBIED (वाहन-जनित आईईडी) के जरिए दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने की योजना थी।

NIA की कार्रवाई

इस मामले की जांच National Investigation Agency (NIA) कर रही है। एजेंसी ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनमें पेशेवर और धार्मिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच अधिकारी नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल ट्रेल और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल कर रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

अधिकारियों का कहना है कि यह मामला दर्शाता है कि कट्टरपंथी नेटवर्क अब पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर शहरी और पेशेवर ढांचे में पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां देशभर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और अन्य संभावित मॉड्यूल्स की जांच जारी है। Lal Qila Blast 2025

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दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, 72 अफसरों की पोस्टिंग बदली

दिल्ली सेवा विभाग के आदेश के अनुसार 36 IAS अधिकारियों को या तो नए विभागों में भेजा गया है या उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं। वहीं, 36 DANICS अधिकारियों के तबादलों के साथ कई विभागों में जिम्मेदारी का नया बंटवारा भी किया गया है।

दिल्ली प्रशासन में री-शफल
दिल्ली प्रशासन में री-शफल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Feb 2026 11:08 AM
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Delhi News : दिल्ली की सत्ता-प्रशासन में बड़ा फेरबदल सामने आया है। दिल्ली सरकार ने एक ही आदेश में 72 वरिष्ठ अफसरों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार तय कर दिए हैं। इस reshuffle में एजीएमयूटी कैडर के IAS के साथ-साथ DANICS सेवा के अधिकारी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली में विभागों के बीच तालमेल को मजबूत करने और फैसलों की रफ्तार बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

दिल्ली सेवा विभाग के आदेश के अनुसार 36 IAS अधिकारियों को या तो नए विभागों में भेजा गया है या उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं। वहीं, 36 DANICS अधिकारियों के तबादलों के साथ कई विभागों में जिम्मेदारी का नया बंटवारा भी किया गया है। इसी क्रम में 1998 बैच के IAS संतोष डी. वैद्य को प्रधान सचिव (गृह) बनाया गया है और उन्हें वित्त, योजना व उद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उधर, 1992 बैच के IAS बिपुल पाठक, जो फिलहाल अतिरिक्त मुख्य सचिव (समाज कल्याण) हैं, को एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

दिल्ली प्रशासन में बड़ा री-शफल डूसिब (DUSIB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे 2006 बैच के आईएएस अधिकारी रूपेश कुमार ठाकुर को सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) नियुक्त किया गया है। वे 2002 बैच के आईएएस अधिकारी निखिल कुमार का स्थान लेंगे। निखिल कुमार को अब आयुक्त (व्यापार एवं कर) की जिम्मेदारी दी गई है। हाल ही में दिल्ली सरकार में शामिल हुए 2011 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव आहूजा को सचिव (शिक्षा) नियुक्त किया गया है। उन्हें उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वहीं, शिक्षा सचिव रहे 2004 बैच के आईएएस अधिकारी पांडुरंग पोले को सामान्य प्रशासन विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया है और उन्हें श्रम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी मिला है। 2003 बैच के आईएएस अधिकारी नीरज सेमवाल (राजस्व सचिव एवं मंडलायुक्त) को बिजली विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहीं 2003 बैच की आईएएस अधिकारी पद्मा जायसवाल को प्रशासनिक सुधार विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।

बड़े प्रभारों में बड़ा फेरबदल

2005 बैच के आईएएस अधिकारी विजय बिधूड़ी (शहरी विकास सचिव) को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे 2008 बैच के आईएएस अधिकारी यशपाल गर्ग को सचिव (योजना) नियुक्त किया गया है और उन्हें भूमि एवं भवन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसके अलावा, नई दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और 2018 बैच के आईएएस अधिकारी सनी कुमार सिंह को विशेष सचिव (बिजली) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। Delhi News

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दिल्लीवालों सावधान! पुरानी गाड़ियों पर सरकार का बड़ा फरमान

दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण कम करने के लिए EOL वाहनों पर कड़ा कदम उठाया है। 10 साल से अधिक पुरानी डीजल और 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियां बिना किसी नोटिस के जब्त कर स्क्रैप की जाएंगी।

Delhi EOL Vehicles
दिल्ली EOL वाहन नोटिस
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Feb 2026 12:47 PM
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दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक कड़ा कदम उठाया है। 14 फरवरी को दिल्ली परिवहन विभाग ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि अब 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल गाड़ियां (EOL-End of Life) बिना किसी नोटिस के जब्त कर स्क्रैप की जाएंगी। राजधानी में रहने वाले वाहन मालिकों के लिए यह कदम महत्वपूर्ण और गंभीर है।

कौन से वाहन हैं प्रभावित?

डीजल वाहन: 10 साल से अधिक पुराने

पेट्रोल वाहन: 15 साल से अधिक पुराने

इन वाहनों को EOL यानी End of Life श्रेणी में रखा गया है।

BS-III और कम एमिशन स्टैंडर्ड वाली गाड़ियां भी इस नियम के तहत आती हैं।

नोटिस में क्या कहा गया?

दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने नोटिस में स्पष्ट किया कि राजधानी की सड़कों पर खड़ी या चल रही कोई भी पुरानी गाड़ी बिना पूर्व नोटिस के जब्त कर स्क्रैप की जाएगी। वाहन मालिकों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की सलाह दी गई है। NOC लेकर वाहन NCR से बाहर ले जाने पर स्क्रैपिंग से बचा जा सकता है।

पुरानी गाड़ियों को हटाने की मुहिम

दिल्ली परिवहन विभाग जल्द ही EOL वाहनों को हटाने की अभियान शुरू करेगा। इसका उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान पुराने वाहन मालिकों को समय रहते अपनी गाड़ियों का NOC लेकर सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

वाहन मालिकों के लिए सुझाव

अगर आपकी डीजल गाड़ी 10 साल से ज्यादा पुरानी है या पेट्रोल गाड़ी 15 साल से ज्यादा पुरानी है तो तुरंत अपनी गाड़ी की स्थिति जांचें।

वाहन को NCR से बाहर ले जाने से पहले NOC प्राप्त करें। बिना NOC और वैकल्पिक कदम के वाहन स्क्रैप हो सकता है। स्क्रैपिंग से बचने के लिए स्थानीय परिवहन कार्यालय या RTO से संपर्क करें। दिल्ली सरकार का यह कदम राजधानी की हवा को साफ और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है। पुराने वाहन मालिकों को समय रहते कार्रवाई करनी होगी ताकि वाहन जब्त या स्क्रैप होने से बच सके।

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