अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान ने विश्व पुस्तक मेला 2026 का लिया जायजा
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में भारत मंडपम में अभूतपूर्व उत्साह और भीड़ देखने को मिली। इस अवसर पर आयोजित मेले में केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों, साहित्यकारों और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने भाग लेकर आयोजन को और गरिमा प्रदान की।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मेले के विभिन्न हॉलों का भ्रमण किया। उन्होंने थीम पवेलियन ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @ 75’ का अवलोकन किया, जहां भारत की सैन्य विरासत, रणनीतिक विकास और पराक्रम को दर्शाती विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में विभिन्न देशों के स्टॉलों का भी दौरा किया और सम्मानित अतिथि देश कतर के पवेलियन की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने हिंदी एवं भारतीय भाषाओं के प्रकाशकों से संवाद कर देश में पठन संस्कृति और भाषाई विविधता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी पुस्तक मेले का दौरा किया और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के स्टॉल पर उपलब्ध ज्ञान, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी पुस्तकों का अवलोकन किया।
सेना प्रमुख का विशेष दौरा
थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने थीम पवेलियन में भारत के प्रमुख सैन्य अभियानों, परमवीर चक्र गैलरी और जमीनी नेतृत्व पर आधारित प्रदर्शनी देखी। उन्होंने बच्चों के पवेलियन ‘किड्स एक्सप्रेस’ का दौरा कर स्कूली बच्चों को पुस्तकें भेंट कीं। इस दिन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल, आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य विनय सहस्रबुद्धे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संसदीय विरासत पर विमर्श
दिल्ली विधानसभा द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘शताब्दी यात्रा: वीर विठ्ठलभाई पटेल’ पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। वक्ताओं ने भारत की 100 वर्षीय संसदीय यात्रा और केंद्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष विठ्ठलभाई पटेल के योगदान को रेखांकित किया। प्रो. रमेशचंद्र गौर ने भारत के लोकतांत्रिक इतिहास से जुड़े दस्तावेजों के समुचित संग्रह और डिजिटल अभिलेखीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।
जापानी मंगा कलाकार का आकर्षण
इंटरनेशनल इवेंट्स कॉर्नर में जापान फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विश्वप्रसिद्ध मंगा कलाकार योशितोकी ओइमा ने लाइव स्केचिंग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारत में किसी जापानी मंगा कलाकार का यह पहला सार्वजनिक आयोजन रहा, जिसमें भारत–जापान सांस्कृतिक संवाद की झलक देखने को मिली।
भारतीय ज्ञान, कविता और आध्यात्म पर संवाद
मेले में प्राचीन भारतीय ग्रंथों की रणनीतिक सोच, स्त्री स्वरों पर आधारित काव्य सत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन तथा इतिहास और भारतीय ज्ञान परंपराओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। जया किशोरी ने विद्यार्थियों के लिए अनुशासन और आंतरिक शांति पर जोर दिया, जबकि शिक्षाविदों ने भारतीय वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। कुल मिलाकर, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 न केवल पुस्तकों का उत्सव बना हुआ है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति, इतिहास और वैश्विक संवाद का जीवंत मंच भी सिद्ध हो रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मेले के विभिन्न हॉलों का भ्रमण किया। उन्होंने थीम पवेलियन ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @ 75’ का अवलोकन किया, जहां भारत की सैन्य विरासत, रणनीतिक विकास और पराक्रम को दर्शाती विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में विभिन्न देशों के स्टॉलों का भी दौरा किया और सम्मानित अतिथि देश कतर के पवेलियन की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने हिंदी एवं भारतीय भाषाओं के प्रकाशकों से संवाद कर देश में पठन संस्कृति और भाषाई विविधता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी पुस्तक मेले का दौरा किया और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के स्टॉल पर उपलब्ध ज्ञान, संस्कृति और साहित्य से जुड़ी पुस्तकों का अवलोकन किया।
सेना प्रमुख का विशेष दौरा
थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने थीम पवेलियन में भारत के प्रमुख सैन्य अभियानों, परमवीर चक्र गैलरी और जमीनी नेतृत्व पर आधारित प्रदर्शनी देखी। उन्होंने बच्चों के पवेलियन ‘किड्स एक्सप्रेस’ का दौरा कर स्कूली बच्चों को पुस्तकें भेंट कीं। इस दिन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल, आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य विनय सहस्रबुद्धे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संसदीय विरासत पर विमर्श
दिल्ली विधानसभा द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘शताब्दी यात्रा: वीर विठ्ठलभाई पटेल’ पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। वक्ताओं ने भारत की 100 वर्षीय संसदीय यात्रा और केंद्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष विठ्ठलभाई पटेल के योगदान को रेखांकित किया। प्रो. रमेशचंद्र गौर ने भारत के लोकतांत्रिक इतिहास से जुड़े दस्तावेजों के समुचित संग्रह और डिजिटल अभिलेखीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।
जापानी मंगा कलाकार का आकर्षण
इंटरनेशनल इवेंट्स कॉर्नर में जापान फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विश्वप्रसिद्ध मंगा कलाकार योशितोकी ओइमा ने लाइव स्केचिंग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारत में किसी जापानी मंगा कलाकार का यह पहला सार्वजनिक आयोजन रहा, जिसमें भारत–जापान सांस्कृतिक संवाद की झलक देखने को मिली।
भारतीय ज्ञान, कविता और आध्यात्म पर संवाद
मेले में प्राचीन भारतीय ग्रंथों की रणनीतिक सोच, स्त्री स्वरों पर आधारित काव्य सत्र, आध्यात्मिक मार्गदर्शन तथा इतिहास और भारतीय ज्ञान परंपराओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। जया किशोरी ने विद्यार्थियों के लिए अनुशासन और आंतरिक शांति पर जोर दिया, जबकि शिक्षाविदों ने भारतीय वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। कुल मिलाकर, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 न केवल पुस्तकों का उत्सव बना हुआ है, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति, इतिहास और वैश्विक संवाद का जीवंत मंच भी सिद्ध हो रहा है।












