पानी के लिए तरस जाएंगे दिल्ली के ये इलाके! जल्दी चेक कर लें लिस्ट

राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में 11 फरवरी (बुधवार) और 12 फरवरी (गुरुवार) को पानी की सप्लाई बाधित रह सकती है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अनुसार, इन दो दिनों में शहर के 48 से ज्यादा क्षेत्रों में कहीं पूरी तरह पानी बंद रहेगा, तो कहीं बहुत कम प्रेशर में सप्लाई मिलेगी।

दिल्ली में वॉटर सप्लाई पर ब्रेक
दिल्ली में वॉटर सप्लाई पर ब्रेक
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar11 Feb 2026 10:56 AM
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Delhi News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ी अपडेट सामने आ रही है। राजधानी दिल्ली से जुड़ी यह अपडेट दिल्लीवासियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में 11 फरवरी (बुधवार) और 12 फरवरी (गुरुवार) को पानी की सप्लाई बाधित रह सकती है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अनुसार, इन दो दिनों में शहर के 48 से ज्यादा क्षेत्रों में कहीं पूरी तरह पानी बंद रहेगा, तो कहीं बहुत कम प्रेशर में सप्लाई मिलेगी। दिल्ली जल बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह परेशानी भूमिगत जलाशयों (UGR) और बूस्टर पंपिंग स्टेशनों (BPS) की वार्षिक सफाई/मेंटेनेंस प्रक्रिया के चलते होगी। ऐसे में प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह है कि वे पानी पहले से स्टोर कर लें और इन दो दिनों में किफायती इस्तेमाल करें, ताकि जरूरत के वक्त मुश्किल न बढ़े।

क्यों बाधित होगी पानी की सप्लाई?

DJB के अनुसार, शक्ति नगर रेलवे ब्रिज के पास स्थित ‘पटेल रोड ऑनलाइन BPS’ को पानी देने वाली 900 मिमी व्यास की पाइपलाइन (राइजिंग मेन) में लीकेज की मरम्मत की जाएगी। इसके चलते चंद्रावल वॉटर वर्क्स को 24 घंटे के लिए बंद रखना होगा। इस दौरान 11 और 12 फरवरी को चंद्रावल वॉटर वर्क्स से जुड़े क्षेत्रों, खासकर पटेल रोड और आसपास के इलाकों में सप्लाई पूरी तरह बंद या बेहद कम प्रेशर से रहने की संभावना है।

11 फरवरी (बुधवार) को इन इलाकों में असर

  • हिरणकूदना
  • बक्करवाला गांव
  • लोकनायक पुरम
  • टिकरी गांव
  • मुंडका गांव
  • नीलवाल गांव
  • किशनगढ़ और महरौली
  • स्वर्ण पार्क आदि
  • LIG पुल प्रहलाद
  • HR ब्लॉक पुल प्रहलादपुर

12 फरवरी (गुरुवार) को इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर

  • अर्जुन पार्क
  • इंद्रा पार्क
  • नांगली सकरावती
  • प्रेम विहार
  • निरंजन पार्क
  • नागली विहार एक्सटेंशन
  • जेमिनी पार्क
  • घासीपुरा गांव
  • राणा जी एन्क्लेव
  • श्याम विहार (फेज-I, फेज-II) और आसपास की कॉलोनियां
  • दीनपुर गांव
  • पपरावत गांव
  • नया बाजार
  • विजय पार्क
  • साईं बाबा एन्क्लेव
  • रोशन मंडी
  • नाथूराम पार्क
  • दीपक विहार
  • अजय पार्क
  • किशनगढ़ और महरौली
  • मकसूदाबाद
  • लोकेश पार्क
  • वीरेंद्र मार्केट और PTC झाड़ौदा
  • पंचमुखी मंदिर
  • लाल कुआं, चुंगी नंबर-02

इसके अलावा चंद्रावल वॉटर वर्क्स से जुड़े प्रमुख इलाके भी प्रभावित रहेंगे:

  • सिविल लाइंस
  • हिंदू राव अस्पताल व आसपास
  • कमला नगर
  • शक्ति नगर व आसपास
  • करोल बाग
  • पहाड़गंज और NDMC क्षेत्र
  • पुराना/नया राजिंदर नगर
  • पटेल नगर (ईस्ट/वेस्ट)
  • बलजीत नगर
  • प्रेम नगर
  • इंदरपुरी व आसपास के कैंटोनमेंट इलाके
  • दक्षिणी दिल्ली व अन्य क्षेत्र

टैंकर/इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर

  • DJB सेंट्रल कंट्रोल रूम (टोल फ्री): 1916
  • मैसर्स NWS प्राइवेट लिमिटेड (नांगलोई वॉटर इमरजेंसी): 18001217744
  • महरौली विधानसभा क्षेत्र: 26137216
  • तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र: 26388976
  • उजवा और दौलतपुर UGR क्षेत्र: 25281197
  • ईदगाह: 23537397, 23677129
  • राजिंदर नगर: 23850040
  • गुलाबी बाग/शास्त्री नगर: 28742340
  • चंद्रावल वॉटर वर्क्स-2: 23819045, 23818525, 23810930

नोट: आपात स्थिति में सबसे पहले 1916 पर कॉल करें। Delhi News

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डिजिटल डकैतों पर 'हंटर': गृह मंत्री की चेतावनी के बाद साइबर ठगों के खिलाफ महा-अभियान शुरू

अमित शाह ने बताया कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 25 हजार से बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है और 1 जीबी डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है। “दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है।

Strict action against cyber fraudsters
साइबर अपराध में शामिल लोगों की संपत्ति जब्त होगी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Feb 2026 06:59 PM
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Delhi News : देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई की नई साइबर क्राइम यूनिट का उद्घाटन किया और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के S4C डैशबोर्ड को लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने साइबर ठगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब ठगी के पूरे ईकोसिस्टम को खत्म किया जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह एक ऐसी साझा व्यवस्था है, जिसमें अलग-अलग विभाग और एजेंसियां एक मंच पर आकर साइबर अपराध से मुकाबला करेंगी। उन्होंने कहा कि जब सभी प्रयास एक दिशा में होते हैं, तभी इच्छित परिणाम मिलते हैं। भारत की 11 साल की डिजिटल यात्रा में साइबर सुरक्षा सबसे अहम विषय है।

डिजिटल भारत और बढ़ता जोखिम

अमित शाह ने बताया कि देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 25 हजार से बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है और 1 जीबी डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है। “दुनिया का हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है। 97 करोड़ से ज्यादा जनधन खातों और संस्थानों के डेटा की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आगाह किया कि देश के संगठनों का डेटा चोरी कर शत्रु देशों को बेचे जाने की कोशिशें भी हो रही हैं, जिसे हर हाल में रोका जाएगा।

बैंक फ्रॉड, सिम कार्ड और गिरफ्तारी

अमित शाह के अनुसार, 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामलों में से 8 हजार करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। अब तक 12 लाख सिम कार्ड रद्द किए गए हैं और 20 हजार से अधिक साइबर अपराधियों को पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा अब केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा विषय बन चुकी है।

शिकायतें, 1930 हेल्पलाइन और म्यूल अकाउंट

अमित शाह ने कहा कि 30 नवंबर 2025 तक लाखों/करोड़ों साइबर शिकायतें दर्ज हुई हैं और बड़ी संख्या में एफआईआर भी हुई हैं। उन्होंने 1930 साइबर हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आपात स्थिति में समय पर कॉल रिसीव न होने से पीड़ित का पैसा जा सकता है और इससे व्यवस्था की छवि खराब होती है। उन्होंने “म्यूल अकाउंट” को साइबर अपराध की बड़ी कड़ी बताते हुए कहा कि इन्हें अब संगठित अपराध की तरह खरीदा-बेचा जा रहा है। आरबीआई और गृह मंत्रालय द्वारा विकसित म्यूल अकाउंट हंटर ऐप को सभी सरकारी और निजी बैंकों में अपनाने की अपील की गई।

I4C से जुड़े 795 संस्थान

अमित शाह ने बताया कि अब तक I4C से 795 संस्थान जुड़ चुके हैं। उन्होंने राज्यों की पुलिस, बैंकों और जांच एजेंसियों से बेहतर समन्वय की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो साइबर अपराध “क्राइसिस” का रूप ले सकता है। अंत में अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा तंत्र विकसित करने और पीड़ितों से सीबीआई व एनआईए जैसी एजेंसियों के सीधे संवाद पर जोर दिया, ताकि साइबर ठगी के खिलाफ तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। Delhi News

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भाजपा सरकार का यू-टर्न, आप पार्टी कार्यकाल के सभी केस वापस

आप पार्टी शासन के दौरान उपराज्यपाल नजीब जंग, अनिल बैजल और वर्तमान एलजी वीके सक्सेना के साथ सरकार का लगातार टकराव रहा। भाजपा सरकार के इस फैसले को दिल्ली के शासन मॉडल में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब टकराव की जगह समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है।

Delhi Politics over litigation ends
आप पार्टी शासन की अदालती रणनीति समाप्त (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Feb 2026 05:45 PM
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Delhi News : दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भाजपा सरकार ने पूर्व आप पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार, उपराज्यपाल और नौकरशाहों के खिलाफ दायर किए गए सभी मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन कानूनी लड़ाइयों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि इससे न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी हो रही थी, बल्कि प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा था।

प्रशासनिक गतिरोध खत्म करने की पहल

सरकार के अनुसार, पिछली सरकार द्वारा दायर मुकदमों के कारण प्रशासन और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच लगातार टकराव बना रहा, जिससे नीति निर्माण और विकास परियोजनाएं बाधित हुईं। कानून विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव में कहा गया है कि इस तरह की मुकदमेबाजी से नौकरशाही में भय का माहौल बन गया था और अधिकारी स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने से हिचकिचा रहे थे। भाजपा सरकार अब प्रशासन और एलजी कार्यालय के बीच समन्वयपूर्ण माहौल बनाकर कामकाज को गति देना चाहती है।

अदालतों से ली गई अनुमति

भाजपा सरकार के गठन के बाद ही इन मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। चूंकि ये मुकदमे सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित थे, इसलिए सरकार ने शीघ्र सुनवाई के लिए आवेदन दिए। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने उस याचिका को वापस लेने की अनुमति दी, जिसमें उपराज्यपाल द्वारा किसानों के आंदोलन और दंगा मामलों में अपनी पसंद के वकील नियुक्त करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी एलजी के खिलाफ दायर सात मामलों को वापस लेने की अनुमति दे चुका है।

राजनीतिक लाभ के लिए दायर हुए थे कई मामले

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कई मुकदमे केवल राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से दायर किए गए थे। इन्हें वापस लेने से न केवल सरकारी खजाने पर वकीलों की फीस का बोझ कम होगा, बल्कि उन अधिकारियों को भी राहत मिलेगी जिन्हें बार-बार अदालतों में पेश होना पड़ रहा था।

दशक भर की ‘जंग’ पर विराम

आप पार्टी शासन के दौरान उपराज्यपाल नजीब जंग, अनिल बैजल और वर्तमान एलजी वीके सक्सेना के साथ सरकार का लगातार टकराव रहा। भाजपा सरकार के इस फैसले को दिल्ली के शासन मॉडल में बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब टकराव की जगह समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। माना जा रहा है कि इससे केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच पिछले एक दशक से चली आ रही खींचतान खत्म होगी और रुकी हुई विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी। Delhi News

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