VHP का नया अभियान शुरू, हर गली में लगेगा ‘सनातनी दुकान’ का टैग
Delhi News
भारत
चेतना मंच
12 Jul 2025 01:41 PM
Delhi News : दिल्ली में सावन महीने की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने राजधानी दिल्ली में एक अनोखा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों को सनातनी सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। इस सर्टिफिकेट के जरिए यात्रियों को बताया जाएगा कि कौन-सी दुकानें सनातन हिंदू परंपरा और शाकाहारी आचार संहिता का पालन करती हैं।
कैसे किया जा रहा है सर्वे?
वीएचपी के इस अभियान का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को पवित्र और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है। इसके तहत केवल उन्हीं दुकानों, रेस्टोरेंट और होटल्स को ‘सनातनी प्रतिष्ठान’ का स्टिकर मिलेगा, जो पूरी तरह शाकाहारी हैं और सनातन धर्म के सिद्धांतों के अनुरूप संचालित होते हैं। VHP ने इस अभियान के लिए दिल्ली के 173 ब्लॉकों में 150 टीमें तैनात की हैं। ये टीमें स्थानीय धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के सहयोग से कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों का निरीक्षण कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान ये टीमें यह जांचती हैं कि, दुकान में क्या वस्तुएं बेची जा रही हैं, रसोई में क्या पकाया जा रहा है, स्टाफ द्वारा स्वच्छता और धार्मिक मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। जिन प्रतिष्ठानों को उपयुक्त पाया जाता है उन्हें एक विशेष स्टिकर दिया जाता है जिस पर लिखा होता है, "यह एक सनातन हिंदू प्रतिष्ठान है और सनातन धर्म के सिद्धांतों के अनुसार संचालित होता है।"
मीट की दुकानों पर सख्ती की तैयारी
वीएचपी दिल्ली के राज्य मंत्री सुरेंद्र गुप्ता के मुताबिक, यह अभियान जुलाई महीने भर चलेगा और करीब 5,000 दुकानों का सर्वे करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इसका मकसद हरिद्वार, हरियाणा और राजस्थान जैसे स्थानों की ओर जाने वाले कांवड़ियों को धार्मिक पवित्रता बनाए रखने में मदद देना है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर धार्मिक भावनाओं को देखते हुए दिल्ली सरकार भी सक्रिय हो गई है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने घोषणा की है कि यात्रा के दौरान उन मार्गों पर स्थित मांस की दुकानें और अन्य असुविधाजनक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। दिल्ली के मेयर राजबल यादव ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि पहले दुकानदारों से स्वेच्छा से दुकानें बंद करने की अपील की जाएगी, और ज़रूरत पड़ने पर एमसीडी द्वारा दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।