SRISIIM में ‘संस्कार’ की आड़ में शोषण, चैतन्यानंद के काले राज से उठी परतें
भारत
चेतना मंच
25 Sep 2025 02:08 PM
राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान SRISIIM (श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च) में छात्राओं के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती, जो खुद को आध्यात्मिक गुरु बताते हैं, पर 17 से अधिक छात्राओं ने यौन उत्पीड़न, मानसिक शोषण और शारीरिक छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। SRISIIM
बाबा का 'टॉर्चर चैंबर' बना संस्थान का ऑफिस
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि बाबा ने संस्थान के ग्राउंड फ्लोर ऑफिस को ही "टॉर्चर चैंबर" बना दिया था जहां छात्राओं के साथ बंद दरवाजों के पीछे यौन उत्पीड़न होता था। बाबा के साथ संस्थान के डीन और दो महिला स्टाफ की मिलीभगत की भी बात सामने आई है।
वायुसेना अधिकारी ने खोली पोल
पूरा मामला तब सामने आया जब भारतीय वायुसेना मुख्यालय के ग्रुप कैप्टन रैंक के एक अधिकारी ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और पुलिस को एक ईमेल शिकायत भेजी। इस अधिकारी की बेटी और अन्य छात्राओं ने SRISIIM में हो रही ज्यादती की जानकारी अपने परिजनों को दी थी जिसके बाद मामला आगे बढ़ा।
300 पन्नों के सबूत, 32 पीड़िताएं और पुलिस का शिकंजा
अब तक की जांच में 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। 17 छात्राओं ने स्वामी चैतन्यानंद पर सीधे यौन शोषण और अश्लील मैसेज भेजने जैसे आरोप लगाए हैं। पीठ ने बाबा का पावर ऑफ अटॉर्नी रद्द कर दिया है। मामले में 300 से ज्यादा पन्नों के सबूत पुलिस को सौंपे जा चुके हैं। नई 11 सदस्यीय गवर्निंग काउंसिल गठित की गई है। छात्राओं के अनुसार, बाबा ने नई लग्जरी गाड़ी खरीदने के बाद हरिद्वार यात्रा के नाम पर कई छात्राओं को ले जाकर वहां यौन शोषण किया। छात्राओं को बहला-फुसलाकर आध्यात्मिक अनुष्ठानों के नाम पर गलत इरादों से ले जाया गया।
शिकायत मिलते ही श्री शारदा पीठ ने फौरन कार्रवाई की। पहले बाबा की शक्तियां छीनी गईं फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। अब दिल्ली पुलिस बाबा की तलाश में फरार चल रहे चैतन्यानंद सरस्वती की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। साउथ-वेस्ट दिल्ली की एडिशनल DCP ऐश्वर्या सिंह ने बताया, "शारदा मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की कई छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दी है। आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।" बाबा चैतन्यानंद सरस्वती खुद को आध्यात्मिक गुरु और शिक्षाविद् बताते रहे लेकिन इस केस ने दिखा दिया कि कैसे धर्म और शिक्षा की आड़ में कुछ लोग शोषण का संगठित नेटवर्क चला रहे हैं। SRISIIM