दिल्ली में टूटी ठंड की हद, सीजन की सबसे सर्द सुबह ने बढ़ाई कंपकंपी

देश की राजधानी दिल्ली इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। गुरुवार, 15 जनवरी की सुबह इस सीजन की सबसे सर्द सुबह के रूप में दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है, जिससे लोगों को भीषण ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

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दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar15 Jan 2026 12:02 PM
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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पालम इलाके में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। वहीं आयानगर में 2.7 डिग्री और सफदरजंग में 2.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री, रिज क्षेत्र में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अगर अधिकतम तापमान की बात करें तो सफदरजंग में 20 डिग्री सेल्सियस, पालम में 16 डिग्री, लोधी रोड में 19.3 डिग्री, रिज में 18.2 डिग्री और आयानगर में 19.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

प्रदूषण ने बढ़ाई परेशानी

ठंड के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। पूरे एनसीआर क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रेड जोन में बना हुआ है। ग्रेटर नोएडा लगातार देश के सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल हो रहा है। नोएडा के सभी सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। सेक्टर-1 में AQI 359, सेक्टर-125 में 352, सेक्टर-116 में 347 और सेक्टर-62 में 342 रिकॉर्ड किया गया है।

दिल्ली की हवा भी बेहद जहरीली

राजधानी दिल्ली की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। कई इलाकों में AQI 350 के पार पहुंच गया है। चांदनी चौक में AQI 384, पंजाबी बाग में 386, ओखला फेज-2 में 383, पुसा में 399 और नेहरू नगर में 397 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। वहीं आनंद विहार में AQI 345 और अलीपुर में 332 रिकॉर्ड किया गया। कुछ इलाकों जैसे मथुरा रोड पर AQI 259 रहा, जो अभी भी खराब श्रेणी में है।

ठंड और प्रदूषण के इस दोहरे प्रकोप ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के साथ-साथ बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करने और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।


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मेट्रो से उतरते ही मिलेगी सस्ती राइड, DMRC ला रहा स्पेशल टैक्सी सेवा

अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों का चयन विशेष सर्वे के आधार पर होगा, ताकि उन रूट्स और इलाकों को प्राथमिकता दी जा सके जहां रोजाना यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। इन चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को जरूरत और बजट के हिसाब से तीन विकल्प मिलेंगे।

10 व्यस्त स्टेशनों पर शुरू होगी Bharat Taxi सेवा
10 व्यस्त स्टेशनों पर शुरू होगी Bharat Taxi सेवा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 10:49 AM
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Delhi News : दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो से सफर करने वालों के लिए अब स्टेशन के बाहर की भागदौड़ कम होने वाली है। मेट्रो से उतरते ही ऑटो वालों से मोलभाव या महंगी कैब की मजबूरी इन दोनों झंझटों को खत्म करने के लिए DMRC ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के साथ MoU साइन कर स्टेशनों पर Bharat Taxiप्लेटफॉर्म शुरू करने की तैयारी की है, जहां यात्रियों को बाइक, ऑटो और कैब जैसी सेवाएं तुलनात्मक रूप से कम किराए पर मिल सकेंगी। DMRC का फोकस लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि यात्रियों को अनधिकृत वाहनों के भरोसे न रहना पड़े।

10 प्रमुख स्टेशनों पर शुरू होगी सुविधा

योजना के शुरुआती चरण में DMRC दिल्ली-एनसीआर के 10 सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों को इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों का चयन विशेष सर्वे के आधार पर होगा, ताकि उन रूट्स और इलाकों को प्राथमिकता दी जा सके जहां रोजाना यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। इन चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को जरूरत और बजट के हिसाब से तीन विकल्प मिलेंगे

  1. बाइक टैक्सी: कम समय में पहुंचने के लिए
  2. ऑटो रिक्शा: बजट में सफर के लिए
  3. कैब: आरामदायक यात्रा के लिए

बॉटेनिकल गार्डन और मिलेनियम सिटी सेंटर बने टेस्टिंग हब

पूरी व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले DMRC इसे पायलट प्रोजेक्ट के जरिए जमीन पर परख रहा है। शुरुआती तौर पर 31 जनवरी तक दो प्रमुख स्टेशनों मिलेनियम सिटी सेंटर (गुरुग्राम) और बॉटेनिकल गार्डन (नोएडा) पर विशेष बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई है। DMRC के मुताबिक, इस ट्रायल के नतीजे सकारात्मक रहे तो योजना को बिना देर किए शेष 8 स्टेशनों तक भी विस्तार देने की तैयारी है।

पर्यावरण और सुरक्षा भी प्राथमिकता

DMRC के मुताबिक, यह पहल सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे दो अहम लक्ष्य तय किए गए हैं। पहला, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देकर शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में योगदान देना। दूसरा, मेट्रो गेट से यात्रियों के घर या गंतव्य तक सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना, ताकि उन्हें अनधिकृत या असुरक्षित साधनों पर निर्भर न रहना पड़े।

यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?

इस करार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि STCL कोई निजी कंपनी नहीं, बल्कि एक सहकारी संस्था है। यही वजह है कि किराए को लेकर उम्मीद की जा रही है कि यह सेवा Ola-Uber जैसे निजी एग्रीगेटर्स की तुलना में कम, पारदर्शी और ज्यादा स्थिर रहेगी। DMRC का कहना है कि यात्रियों को यहां बेहतर विकल्प मिलेंगे और किराए में उतार-चढ़ाव की परेशानी भी कम होगी, जिससे आम यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। Delhi News

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दिल्ली के आउटर रिंग रोड को मिलेगी बड़ी राहत, IGI रूट पर सफर होगा सुगम

यह प्रोजेक्ट 2017 में UTTIPEC से सैद्धांतिक मंजूरी पा चुका था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति लंबे समय तक अटकी रही। अब हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में इसे अंतिम मंजूरी मिल गई है।

IGI रूट पर सफर होगा आसान
IGI रूट पर सफर होगा आसान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 10:19 AM
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Delhi News : दिल्ली की आउटर रिंग रोड पर रोजमर्रा के जाम से जूझ रहे लाखों यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद मजबूत हुई है। नोएडा, दक्षिण दिल्ली, गुरुग्राम और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) की ओर आने-जाने वाले लोगों को खास तौर पर फायदा मिलने वाला है। दिल्ली सरकार ने मोदी मिल फ्लाईओवर से लेकर आईआईटी गेट (सावित्री सिनेमा) तक करीब 7.2 किलोमीटर लंबे हिस्से के पुनर्विकास और क्षमता विस्तार की लंबे समय से लंबित योजना को मंजूरी दे दी है। परियोजना पूरी होने के बाद इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव कम होने और सफर का समय घटने की उम्मीद है।

नए प्लान से बेहतर होगी आवाजाही

यह मार्ग दक्षिण दिल्ली के कई घनी आबादी वाले और प्रमुख इलाकों से होकर गुजरता है। ग्रेटर कैलाश, मालवीय नगर, सीआर पार्क, चिराग दिल्ली, पम्पोश एन्क्लेव, पश्चिम एन्क्लेव और कालकाजी जैसे क्षेत्रों के बीच से निकलने वाली इस सड़क पर पीक आवर्स ही नहीं, सामान्य समय में भी अक्सर लंबा जाम लग जाता है। अधिकारियों के मुताबिक यहां से रोज़ाना दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को भी भारी दिक्कत होती है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर रिहायशी कॉलोनियां होने के कारण इसे चौड़ा करना व्यावहारिक नहीं है। वहीं, मरम्मत और बड़े सुधार कार्य भी लंबे समय से लंबित थे। इन्हीं सीमाओं को ध्यान में रखते हुए इस हिस्से के लिए इंटीग्रेटेड रिडेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है, ताकि बिना बड़े भूमि अधिग्रहण के ट्रैफिक प्रवाह बेहतर बनाया जा सके।

क्या है परियोजना का प्लान?

योजना के तहत मोदी मिल फ्लाईओवर को आगे बढ़ाकर कालकाजी टेंपल फ्लाईओवर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कालकाजी मंदिर चौराहे पर एक अतिरिक्त ‘हाफ फ्लाईओवर’ बनाया जाएगा। इसी तरह सावित्री सिनेमा चौराहे पर भी अतिरिक्त हाफ फ्लाईओवर प्रस्तावित है, ताकि ट्रैफिक का भार एक ही बिंदु पर न अटके और जाम की स्थिति बार-बार न बने। अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यों की कुल अनुमानित लागत करीब ₹371.75 करोड़ है। यह प्रोजेक्ट 2017 में UTTIPEC से सैद्धांतिक मंजूरी पा चुका था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति लंबे समय तक अटकी रही। अब हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में इसे अंतिम मंजूरी मिल गई है।

किन इलाकों को होगा सबसे बड़ा फायदा?

इस परियोजना का सीधा लाभ दक्षिण दिल्ली के कई हिस्सों को मिलेगा। ग्रेटर कैलाश, चिराग दिल्ली, हौज खास, सफदरजंग, पश्चिम एन्क्लेव, कालकाजी और ईस्ट ऑफ कैलाश जैसे क्षेत्रों में आवागमन ज्यादा सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही यह योजना नोएडा–फरीदाबाद–बदरपुर–गुरुग्राम और IGI एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को भी बेहतर कर सकती है। हालांकि इस स्ट्रेच पर पहले से कई जगह एलिवेटेड कॉरिडोर मौजूद हैं, फिर भी बीच-बीच में कई ट्रैफिक सिग्नल वाहनों की रफ्तार को बार-बार रोकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब यह सड़क विकसित हुई थी, तब ट्रैफिक और आबादी का दबाव आज के मुकाबले काफी कम था। बीते वर्षों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते इस हिस्से का समग्र पुनर्विकास अब जरूरी हो गया है।

हाफ फ्लाईओवर से क्या बदलेगा?

सरकारी आकलन के मुताबिक, कालकाजी और सावित्री सिनेमा के मौजूदा फ्लाईओवर एक दिशा के ट्रैफिक को तो राहत देते हैं, लेकिन दूसरी दिशा में समानांतर सुविधा सीमित होने से bottleneck बनता है। हाफ फ्लाईओवर इसी कमी को दूर करने के लिए प्रस्तावित हैं, ताकि दोनों तरफ का ट्रैफिक अधिक संतुलित ढंग से आगे बढ़ सके। सरकार के दस्तावेजों में परियोजना का उद्देश्य सुरक्षित और निर्बाध यातायात, जाम में कमी, और यात्रियों के समय व ईंधन की बचत बताया गया है। तय समय पर काम पूरा हुआ, तो आउटर रिंग रोड का यह हिस्सा दिल्ली के अधिक सुचारु ट्रैफिक कॉरिडोरों में गिना जा सकता है। Delhi News

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