दिल्ली वाले ध्यान दें! 5 दिन नहीं बिकेगी शराब, डेट्स अभी नोट कर लें

इन तारीखों पर राजधानी में शराब की खरीद-बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी, यानी सभी शराब दुकानें और वेंडर्स शटर डाउन रखेंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम शहर में शांति-व्यवस्था, धार्मिक संवेदनशीलता और राष्ट्रीय समारोहों की गरिमा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

इन 5 तारीखों पर नहीं मिलेगी शराब
इन 5 तारीखों पर नहीं मिलेगी शराब
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar20 Jan 2026 10:05 AM
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Delhi News : अगर आप दिल्ली में रहते हैं और वीकेंड/सेलिब्रेशन की प्लानिंग में ड्रिंक्स भी शामिल रहती है, तो यह अपडेट आपके काम की है। राजधानी के आबकारी विभाग ने 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच 5 ड्राई डे घोषित किए हैं। इन दिनों दिल्ली में शराब की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी,यानी सभी ठेके, वेंड्स और रिटेल आउटलेट्स पर शटर डाउन रहेगा। सरकार के मुताबिक, यह फैसला राष्ट्रीय समारोहों की गरिमा, धार्मिक अवसरों की संवेदनशीलता और शहर में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

ये हैं घोषित ड्राई डे की तारीखें

26 जनवरी - गणतंत्र दिवस

15 फरवरी - महाशिवरात्रि

21 मार्च - ईद-उल-फितर

26 मार्च - राम नवमी

31 मार्च - महावीर जयंती

होटलों को सीमित छूट

सरकार की गाइडलाइन में होटलों के लिए ‘डू-एंड-डोंट’ बिल्कुल साफ कर दिए गए हैं। L-15 लाइसेंस वाले होटल केवल अपने इन-हाउस गेस्ट्सखासकर विदेशी पर्यटकों को ही रूम सर्विस के जरिए शराब उपलब्ध करा सकेंगे। लेकिन होटल के बार/रेस्टोरेंट में बाहर से आने वाले ग्राहकों को शराब पिलाना या बेचने पर रोक रहेगी।

उल्लंघन पर सख्ती तय

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि ड्राई डे के दौरान नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। अगर कोई दुकान या वेंडर छिपकर शराब बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इन तारीखों पर पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें राजधानी में कड़ी निगरानी और औचक जांच के लिए तैनात रहेंगी। Delhi News

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दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर आतिशी का अमित शाह को पत्र, उठाए गंभीर सवाल

आतिशी ने सितंबर 2025 में दिल्ली के एक पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में महिला से दुष्कर्म की घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले ने साबित कर दिया है कि अब राजधानी में कोई भी इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है।

Atishis message to the Home Minister
आतिशी का गृह मंत्री को संदेश (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar19 Jan 2026 07:49 PM
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दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने राजधानी में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पत्र में हाल के महीनों में हुई गंभीर आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। साथ ही गृह मंत्री से समय लेकर व्यक्तिगत मुलाकात और ठोस कदम उठाने की मांग की है।

मुख्यमंत्री आवास के पास दिनदहाड़े हत्या का मामला उठाया

आतिशी ने पत्र में हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास के पास स्थित एक व्यस्त कॉलोनी में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता रचना यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वारदात के बाद हमलावर आसानी से फरार हो गया। आतिशी के अनुसार, रचना यादव अपने पति की हत्या की चश्मदीद गवाह थीं और उनकी गवाही 7 फरवरी 2026 को अदालत में होनी थी। यह घटना राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को उजागर करती है, खासकर तब जब मामला एक वीआईपी इलाके का हो।

लाल किले के पास आतंकी हमला

पत्र में 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। आतिशी ने लिखा कि देश के एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल के पास हुआ यह आतंकी हमला राजधानी में आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

पुलिसकर्मी पर महिला से बदसलूकी का आरोप

दिसंबर 2025 की एक घटना का जिक्र करते हुए आतिशी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के एक सिपाही पर महिला के कान से कुंडल खींचने और छेड़छाड़ की कोशिश का आरोप लगा था। लोगों ने आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया। उन्होंने इसे पुलिस के भीतर अनुशासन और जवाबदेही की कमी का उदाहरण बताया।

सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में दुष्कर्म

आतिशी ने सितंबर 2025 में दिल्ली के एक पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में महिला से दुष्कर्म की घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले ने साबित कर दिया है कि अब राजधानी में कोई भी इलाका पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया है।

एक ही रात में कई फायरिंग की घटनाएं

पत्र में 13-14 जनवरी 2026 की रात पश्चिम विहार, प्रेम नगर और पूर्वी दिल्ली में हुई एक के बाद एक कई फायरिंग की घटनाओं का जिक्र किया गया है। आतिशी ने कहा कि इन घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है और पुलिस की गश्त व त्वरित कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

आतिशी ने लिखा कि इन घटनाओं के बाद पुलिस की कार्रवाई में देरी, कमजोर जांच और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण की कमी को लेकर जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के अधीन होने के बावजूद राजधानी में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।

राजधानी की सुरक्षा पूरे देश की प्रतिष्ठा से जुड़ी

पत्र के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि दिल्ली सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि देश की राजधानी है। यहां की कानून-व्यवस्था पूरे देश की प्रतिष्ठा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि राजधानी ही सुरक्षित नहीं है, तो जनता किस पर भरोसा करेगी।

आतिशी ने गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत रूप से मिलने का समय मांगा है, ताकि दिल्ली की कानून-व्यवस्था, पुलिस की जवाबदेही और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा सके।

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नितिन नबीन ने भरा नामांकन, भाजपा में ‘युवा’ टीम की तैयारी

नई टीम में युवाओं को खास तवज्जो दी जाएगी। प्रस्तावित पदाधिकारियों में अधिकांश की उम्र 55 वर्ष से कम हो सकती है। राज्यों से नए और सक्रिय चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि संगठन को नई ऊर्जा दी जा सके।

BJP National President Nitin Nabin
नितिन नबीन का नामांकन (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar19 Jan 2026 04:26 PM
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भाजपा आने वाले राजनीतिक दौर से पहले संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर खुद को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया शुरू होने और मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में नितिन नबीन ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है।

संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी

बता दें कि पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की राष्ट्रीय संगठन टीम का जल्द ही पुनर्गठन किया जाएगा। इस नई टीम में युवाओं को खास तवज्जो दी जाएगी। प्रस्तावित पदाधिकारियों में अधिकांश की उम्र 55 वर्ष से कम हो सकती है। राज्यों से नए और सक्रिय चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि संगठन को नई ऊर्जा दी जा सके।

2029 लोकसभा चुनाव पर फोकस

बता दें कि यह पूरी कवायद 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और राजनीतिक संदेश को अधिक स्पष्ट व प्रभावी बनाना है। नई टीम में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता मिलेगी जिनकी पृष्ठभूमि संघ से जुड़ी रही हो और जो पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हों। हालांकि, जरूरत के मुताबिक कुछ नए चेहरे बाहर से भी शामिल किए जा सकते हैं।

मंत्रिपरिषद के कामकाज की समीक्षा

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार में मंत्रियों के कामकाज और विभागीय जिम्मेदारियों की भी समीक्षा चल रही है। मौजूदा मंत्रिपरिषद में 2021 के बाद से बड़े बदलाव नहीं हुए हैं। कई मंत्री एक से अधिक विभाग संभाल रहे हैं, जबकि कुछ नेता अपने राजनीतिक करियर के अंतिम चरण में माने जा रहे हैं। नई संगठन टीम के गठन के बाद मंत्रिपरिषद में फेरबदल की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

भाजपा शासित राज्यों में भी बदलाव के संकेत

भाजपा शासित राज्यों में भी परिस्थितियों के अनुसार बदलाव पर विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में सामाजिक संतुलन को लेकर मंथन जारी है, जहां किसी दलित नेता को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। बिहार और राजस्थान में कैबिनेट विस्तार या फेरबदल पर विचार हो रहा है, जबकि मणिपुर में सरकार गठन को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज हैं।

राज्यसभा सीटों पर पार्टी की रणनीति

आने वाले एक साल में राज्यसभा की 70 से अधिक सीटें रिक्त होने वाली हैं, जिनमें से लगभग 30 भाजपा सांसद सेवानिवृत्त होंगे। पार्टी को उम्मीद है कि वह कम से कम 33 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। उम्मीदवारों के चयन में संगठन की जरूरत, प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समीकरणों को अहम आधार बनाया जाएगा।

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